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कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है गले में टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨? जानें इसके कारण और बचाव के आसान तरीके
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ गले से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है जिसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कई दिकà¥à¤•तों का सामना करना पड़ता है। यूं तो टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को हो सकता है लेकिन आमतौर पर ये बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में देखा जाता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ के चलते होता है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ कमजोर होती है इसलिठयह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपना शिकार बनाता है। दरअसल गले के पीछे की ओर दो ओवल शेप टिशू के पैडà¥à¤¸ होते हैं। अगर इनमें कोई बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जम जाà¤à¤‚ या किसी पà¥à¤°à¤•ार का वायरस आकà¥à¤°à¤®à¤£ कर दे तो टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बन जाती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में मरीज को गले में दरà¥à¤¦ और जलन के साथ साथ खाना खाने में दिकà¥à¤•त और थूक घूंटने में तकलीफ होती है। इस इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का इलाज बहà¥à¤¤ सामानà¥à¤¯ है, लेकिन डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मरà¥à¤œà¥€ के बिना खà¥à¤¦ दवा लेना सही नहीं है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° मरीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की पहचान कर दवा लिखते हैं। आज इस लेख में हम आपको टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ के कारण और बचाव के आसान तरीके बता रहे हैं।
ये हैं टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£
गले में दरà¥à¤¦ और जलन आना
थूक घूंटने में तकलीफ होना
सिर में तेज दरà¥à¤¦ होना
कानों के आसपास दरà¥à¤¦ होना या करंट लगना
बोलने में तकलीफ होना
आवाज का à¤à¤¾à¤°à¥€ होना
सांसों में बदबू आना
मà¥à¤‚ह खोलने में दिकà¥à¤•त होना, आदि।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ होने के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
1. मौसम में बदलाव
2. गले में संकà¥à¤°à¤®à¤£ या कॉमन कोलà¥à¤¡ होना
3. इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा à¤à¥€ हो सकता है à¤à¤• कारण
4. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंडी चीजें खाने या ठंड के संपरà¥à¤• में आने से
5. इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ कमजोर की वजह से
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ के लिठघरेलू उपचार
1. टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤¸ होने पर à¤à¤²à¥à¤•ोहल, सिगरेट और तंबाकू के सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने से इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ टà¥à¤°à¤¿à¤—र नहीं होता और जलà¥à¤¦à¥€ सही होने में मदद मिलती है।
2. गले में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने पर दालचीनी का सेवन बहà¥à¤¤ फायदेमंद माना जाता है। आप चाहें तो दालचीनी को पानी में उबालकर फिर इसे गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ होने पर पी सकते हैं। आप दालचीनी का सेवन दूध के साथ à¤à¥€ कर सकते हैं।
3. टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में ठंडी, बासी और कड़ी चीजों से परहेज करना चाहिà¤à¥¤ जितना हो सके घर का खाना खाà¤à¤‚ और गरà¥à¤® चीजों का सेवन करें।
4. अगर गले में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ या सूजन है तो गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी और नमक का गरारा राहत दे सकता है। आधे या 1-2 कप में 1 चमà¥à¤®à¤š नमक डालकर गरà¥à¤® करें और फिर इससे गरारा करें।
5. कोशिश करें कि थोड़ी थोड़ी देर कà¥à¤› गरà¥à¤® चीजें पीते रहें, ताकि गला सूख न पाà¤à¥¤ हालांकि इस दौरान कैफीन के सेवन से बचें।
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