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हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज कà¥à¤¯à¤¾ है?
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज की समसà¥à¤¯à¤¾ को मेडिकल टरà¥à¤® में कंडकà¥à¤¶à¤¨ डिसऑरà¥à¤¡à¤° के नाम से जाना जाता है। हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज, हृदय में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल संकेतों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है। ये इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल सिगà¥à¤¨à¤² दिल के धड़कने की वजह बनते हैं और हृदय की गति को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने का काम करते हैं। साथ ही यह हृदय को पूरे शरीर में रकà¥à¤¤ पहà¥à¤‚चाने में à¤à¥€ मदद करते हैं। वहीं, समसà¥à¤¯à¤¾ तब उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है, जब हृदय के ऊपरी à¤à¤¾à¤— (अटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾) से ये इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल सिगà¥à¤¨à¤² हृदय के निचले à¤à¤¾à¤— (वेंटà¥à¤°à¤¿à¤•लà¥à¤¸) तक ठीक पà¥à¤°à¤•ार से नहीं पहà¥à¤‚च पाते हैं। इसी समसà¥à¤¯à¤¾ को हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के नाम से जाना जाता है (1) (2)।
अब हम हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के पà¥à¤°à¤•ार जान लेते हैं। उसके बाद हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? इस बारे में बात करेंगे।
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के पà¥à¤°à¤•ार – Types of Heart Blockage in Hindi
मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज तीन पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं, जो हृदय के अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के आधार पर परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किठजाते हैं। यह कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (2) :
सिनोअटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² नोड बà¥à¤²à¥‰à¤• : सिनोअटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² नोड हृदय का वह अहम हिसà¥à¤¸à¤¾ है, जो à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पेसमेकर की तरह काम करता है। यह इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल सिगà¥à¤¨à¤² पैदा करके हृदय को गति करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करता है। जब यह हिसà¥à¤¸à¤¾ किसी वजह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है और हृदय को उचित सिगà¥à¤¨à¤² नहीं दे पाता है, तो इसे सिनोअटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² नोड बà¥à¤²à¥‰à¤• कहा जाता है (3)।
à¤à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤µà¥‡à¤‚टà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤²à¤° नोड बà¥à¤²à¥‰à¤• : à¤à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤µà¥‡à¤‚टà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤²à¤° नोड बà¥à¤²à¥‰à¤• की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हृदय में पैदा होने वाले इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल संकेत की गति या तो धीमी होती है या फिर यह संकेत हृदय के ऊपरी à¤à¤¾à¤— (अटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾) से निचले à¤à¤¾à¤— (वेंटà¥à¤°à¤¿à¤•लà¥à¤¸) तक नहीं पहà¥à¤‚च पाते हैं (4)।
बंडल बà¥à¤°à¤¾à¤‚चेज बà¥à¤²à¥‰à¤• : बंडल बà¥à¤°à¤¾à¤‚चेज बà¥à¤²à¥‰à¤• के दो पà¥à¤°à¤•ार हैं, जो हृदय के निचले दाठऔर बाà¤à¤‚ हिसà¥à¤¸à¥‡ से संबंधित है।
राइट बंडल बà¥à¤²à¥‰à¤• : यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मायोकारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤® (हृदय की मांसपेशियां) में ठीक रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ न होने की वजह से पैदा होती है (5)।
लेफà¥à¤Ÿ बंडल बà¥à¤²à¥‰à¤• : यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मायोकारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤® (हृदय की मांसपेशियां) में चोट लगने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण या अनà¥à¤¯ किसी कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के कारण पैदा होती है (6)।
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के कारण – Causes of Heart Blockage in Hindi
हमारे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठकई काम जाने-अनजाने में हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ दे सकते हैं। तो आइà¤, हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? यह जानने के लिठइसके कारणों पर गौर करते हैं (1) :
जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज
दवाओं का साइड इफेकà¥à¤Ÿ
हà¥à¤°à¤¦à¤¯ से संबंधित रोग
हारà¥à¤Ÿ सरà¥à¤œà¤°à¥€
संकà¥à¤°à¤®à¤£ (जैसे :- बोरेलिया बरà¥à¤—डॉरà¥à¤«à¥‡à¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ होने वाली लाइम डिजीज)
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? यह समà¤à¤¨à¥‡ के बाद अब हम हृदय बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के लकà¥à¤·à¤£ के बारे में जानेंगे।
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के लकà¥à¤·à¤£ – Symptoms of Heart Blockage in Hindi
हृदय बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के लकà¥à¤·à¤£ पर समय रहते धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाà¤, तो इससे होने वाले जोखिम को रोका जा सकता है। चलिà¤, अब इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में जानते हैं (1)।
छाती में दरà¥à¤¦
सिर चकराना
बेहोश होने जैसा महसूस होना
जलà¥à¤¦à¥€ थकान महसूस होना
असामानà¥à¤¯ हृदय गति (जैसे :- अधिक तेज दिल का धड़कना)
हारà¥à¤Ÿ में बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के लकà¥à¤·à¤£ के बाद हम कà¥à¤› आसान हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के लिठघरेलू उपाय बताà¤à¤‚गे।Â
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के लिठघरेलू उपाय – How to Remove Heart Blockage Naturally in Hindi
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज की समसà¥à¤¯à¤¾ को घरेलू उपचार के जरिठà¤à¥€ दूर किया जा सकता है, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
1. अनार
सामगà¥à¤°à¥€:
1 या 2 अनार
कैसे करें उपयोग:
अनार को काट कर उसके बीज निकाल लें।
फिर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिकà¥à¤¸à¤° में डालकर जूस बना लें।
अब इस ताजा जूस को पिà¤à¤‚।
चाहें, तो अनार के बीज को खा à¤à¥€ सकते हैं।
कितनी बार करें:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 1 गिलास पिà¤à¤‚।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
अनार के जूस के फायदे कई हैं। यह हृदय की धमनियों को लचीला रखने और रकà¥à¤¤ वाहिकाओं में आई सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। इसे à¤à¤¥à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€ वालà¥à¤¸ में फैट और अनà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का जमना) को कम करने के लिठà¤à¥€ जाना जाता है, जो हृदय रोग के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण में से à¤à¤• है। यह धमनियों के जोखिम को कम कर सकता है, जो हृदय और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बनाठरखती हैं, जिससे हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज का खतरा दूर हो सकता है (7)। à¤à¤¸à¥‡ में हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के घरेलू इलाज के लिठअनार को उपयोगी माना जा सकता है।
2. दालचीनी
सामगà¥à¤°à¥€:
1 चमà¥à¤®à¤š दालचीनी पाउडर
1 या 2 चमà¥à¤®à¤š शहद
कैसे करें उपयोग:
दालचीनी पाउडर को शहद में मिलाकर पेसà¥à¤Ÿ बना लें।
फिर इस पेसà¥à¤Ÿ का सेवन करें।
कितनी बार करें:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ इसके उपयोग से असर जलà¥à¤¦à¥€ दिखाई देने लगेगा।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
दालचीनी को हृदय रोग से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठऔषधि की तरह उपयोग किया जा सकता है। à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से पता चला है कि इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पाठजाते हैं। साथ ही यह à¤à¤²à¤¡à¥€à¤à¤² यानी खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² के सà¥à¤¤à¤° को कम करता है, जबकि à¤à¤šà¤¡à¥€à¤à¤² यानी अचà¥à¤›à¥‡ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² के सà¥à¤¤à¤° को बेहतर कर सकता है। साथ ही यह हृदय तक रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बनाठरखने में मदद à¤à¥€ कर सकता है (8)। चूंकि कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² और हृदय तक रकà¥à¤¤ संचार न होना हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज होने के कारण में शामिल है। इसलिà¤, इसे हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज का अचà¥à¤›à¤¾ घरेलू उपचार माना जा सकता है।
3. लाल मिरà¥à¤š
सामगà¥à¤°à¥€:
1 चमà¥à¤®à¤š लाल मिरà¥à¤š पाउडर
1 कप गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी
कैसे करें उपयोग:
मिरà¥à¤š पाउडर को अचà¥à¤›à¥€ तरह से गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में घोल लें।
फिर उसे पी लें।
कितनी बार करें:
कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ उपयोग करें।
फिर à¤à¤• दिन छोड़ कर उपयोग करें।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के आसान घरेलू उपाय के तौर पर लाल मिरà¥à¤š का à¤à¥€ उपयोग कर सकते हैं। इसमें à¤à¤‚टीहाइपरटेंसिव, à¤à¤‚टीडायबिटिक और à¤à¤‚टीओबेसिटी गà¥à¤£ पाठजाते हैं। यहां हम बता दें कि हाइपरटेंशन, डायबिटीज और ओबेसिटी तीनों ही समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हृदय रोग का कारण बन हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज का जोखिम बà¥à¤¾ सकती हैं। वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• शोध में à¤à¥€ पाया गया है कि लाल मिरà¥à¤š के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से हृदय रोग के कारण होने वाले मृतà¥à¤¯à¥ दर को कम किया जा सकता है (9) (10)।Â
4. लहसà¥à¤¨
सामगà¥à¤°à¥€:
2 या 3 लहसà¥à¤¨ की कलियां
1 कप दूध
कैसे करें उपयोग:
दूध में लहसà¥à¤¨ को डाल लें।
फिर दूध को थोड़ी देर उबाल लें।
फिर थोड़ा ठंडा होने के बाद उसे पी लें।
कितनी बार करें:
इसका उपयोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ करें।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाते समय à¤à¥€ लहसà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
लहसà¥à¤¨ के फायदे में हृदय रोग के जोखिम को कम करना à¤à¥€ शामिल है। लहसà¥à¤¨ के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से à¤à¤¥à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। इसका सीधा फायदा हृदय को होता है। साथ ही यह हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के जोखिम को कम करने में à¤à¥€ मदद कर सकता है (11)। à¤à¤¸à¥‡ में इसे हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के आसान घरेलू उपाय के तौर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है।
5. हलà¥à¤¦à¥€
सामगà¥à¤°à¥€:
1 चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर
1 कप दूध
कैसे करें उपयोग:
दूध को गरà¥à¤® कर लें।
फिर उसमें हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर मिलाकर पी लीजिà¤à¥¤
कितनी बार करें:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ इसके सेवन से फायदा हो सकता है।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
हलà¥à¤¦à¥€ को कई हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के घरेलू इलाज के तौर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में लाया जा सकता है। à¤à¤• रिसरà¥à¤š में पाया गया है कि हलà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€, à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट, à¤à¤‚टी-कारà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• (कैंसर कोशिकाओं को रोकने वाला), à¤à¤‚टी-थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• (खून को जमने से रोकने वाला) गà¥à¤£ होते हैं, जो हृदय को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने का काम कर सकते हैं। साथ ही हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज को कम करने में à¤à¥€ मदद कर सकते हैं (12)। इसलिà¤, हलà¥à¤¦à¥€ के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज का इलाज किया जा सकता है।
6. नींबू
सामगà¥à¤°à¥€:
1 नींबू का रस
1 गिलास पानी
1 चमà¥à¤®à¤š शहद
1 चमà¥à¤®à¤š काली मिरà¥à¤š पाउडर
कैसे करें उपयोग:
पानी को गरà¥à¤® कर लें। साथ ही उसमें ऊपर दी गई सà¤à¥€ सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मिला लें।
फिर कà¥à¤› देर के लिठपानी को ठंडा होने के लिठरख दें।
उसके बाद इसे पी लें।
कितनी बार करें:
इसे दिन में à¤à¤• से दो बार तक पी सकते हैं।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
नींबू में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाठजाते हैं, जो कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² को à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने का काम कर सकता है। वहीं, हृदय रोग का à¤à¤• जोखिम कारक कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² à¤à¥€ है (13)। वहीं, à¤à¤• अनà¥à¤¯ शोध में जिकà¥à¤° मिलता है कि नींबू में मौजूद फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‰à¤¯à¤¡ सीधे तौर पर à¤à¤¥à¤¿à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (धमनियों में फैट का जमाव) को ठीक करने में à¤à¥€ सहायक हो सकते हैं (14)। इस आधार पर इसे हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज की समसà¥à¤¯à¤¾ में सहायक माना जा सकता है।
7. अंगूर
सामगà¥à¤°à¥€:
लगà¤à¤— 50 से 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® अंगूर
कैसे करें उपयोग:
अंगूर को धोकर खा सकते हैं या फिर इसका जूस बनकर पी à¤à¥€ सकते हैं।
कितनी बार करें:
दिन में à¤à¤• से दो बार में उपयोग कर सकते हैं।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
अंगूर का सेवन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठफायदेमंद होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें पाठजाने वाले à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट व खास पà¥à¤°à¤•ार के फाइटोकेमिकल हृदय को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने का काम कर सकते हैं (15)। वहीं, à¤à¤• अनà¥à¤¯ शोध में जिकà¥à¤° मिलता है कि यह धमनियों में होने वाली रà¥à¤•ावट को दूर करने में à¤à¥€ मदद कर सकता है (16)। चूंकि धमनियों में रà¥à¤•ावट हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज का जोखिम कारक है। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बरकरार रख यह हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।
8. अदरक
सामगà¥à¤°à¥€:
अदरक या अदरक पाउडर
1 कप पानी
कैसे करें उपयोग:
अदरक पाउडर को पानी में डालकर कà¥à¤› देर के लिठगरà¥à¤® करें।
पानी को कà¥à¤› देर तक ठंडा होने दें, फिर उसे पी लें।
कितनी बार करें:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ उपयोग से फायदा दिखाई दे सकता है।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
अदरक के फायदे कई है। इसमें à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और हाइपोलिपिडेमिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पाठजाते हैं, जो हृदय संबंधित रोगों को दूर करने में सहायक हो सकते हैं। साथ ही यह रकà¥à¤¤ संचार में à¤à¥€ सहायक हो सकता है। वहीं, यह à¤à¤¥à¤¿à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (धमनियों में रà¥à¤•ावट) की समसà¥à¤¯à¤¾ में राहत पहà¥à¤‚चाने का काम कर सकता है, जिसे हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• का जोखिम कारक माना जाता है (8)। à¤à¤¸à¥‡ में हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• की समसà¥à¤¯à¤¾ में अदरक को उपयोगी माना जा सकता है।
9. तà¥à¤²à¤¸à¥€
सामगà¥à¤°à¥€:
मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी à¤à¤° तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡
1 नींबू
1 चमà¥à¤®à¤š शहद
1 कप पानी
कैसे करें उपयोग:
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को पानी में डाल दें।
कà¥à¤› समय के लिठपानी को गरà¥à¤® करें।
फिर उसमें शहद और नींबू का रस मिकà¥à¤¸ कर दें।
थोड़ा ठंडा होने के बाद पानी को पी लें।
कितनी बार करें:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ इसका सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
तà¥à¤²à¤¸à¥€ को आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवा के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसमें तनाव को दूर करने वाले गà¥à¤£ पाठजाते हैं। साथ ही इसके à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ दिल से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियों को दूर रखने का काम कर सकते हैं, जो हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° साबित हो सकती हैं। तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से हाइपरटेंशन व अचानक होने वाले हृदयाघात की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव हो सकता है (17)।
10. इलायची
सामगà¥à¤°à¥€:
थोड़ी-सी इलायची
अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल का पाउडर
कैसे करें उपयोग:
अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल के पाउडर को पानी में मिलकर काà¥à¤¾ बना लें।
साथ ही उसमें कà¥à¤› इलायची à¤à¥€ डालें।
फिर इसे पी लें।
कितनी बार करें:
हफà¥à¤¤à¥‡ में 3 से 4 बार पी सकते हैं।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
इलाइची का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज की समसà¥à¤¯à¤¾ के निदान में सहायक हो सकता है। इसमें पाठजाने वाले कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤¨à¤¿à¤• (हृदय की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने वाला) और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ हृदय रोग से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने का काम कर सकते हैं। ये गà¥à¤£ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने में सहायक हो सकते हैं (18)। बता दें कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤¨à¤¿à¤• दवा का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² दिल की मांसपेशियों की गति को बेहतर करने के लिठकिया जाता है।
11. पीपल
सामगà¥à¤°à¥€:
15 से 20 पीपल के हरे पतà¥à¤¤à¥‡
1 गिलास पानी
कैसे करें उपयोग:
पीपल के पतà¥à¤¤à¥‡ को आगे और पीछे से थोड़ा काट लें और उसे अचà¥à¤›à¥‡ से धो लें।
à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में पानी को गरà¥à¤® करें और उसमे पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को डाल दें।
कà¥à¤› समय तक पानी को गरà¥à¤® करें और फिर उस पानी को थोड़ी देर बाद छानकर पी लें।
कितनी बार करें:
हफà¥à¤¤à¥‡ में 3 से 4 बार इसे उपयोग किया जा सकता है।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
पीपल को कई बीमारियों के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• और यूनानी औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। पीपल के पतà¥à¤¤à¥‡ और छाल हृदय संबंधी बीमारियों को à¤à¥€ दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं। पीपल के पतà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤², à¤à¤‚टीडायबिटिक, à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥à¤œà¥‡à¤¸à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के साथ ही à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ पाठजाते हैं, जो हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठफायदेमंद साबित हो सकते हैं। वहीं, पीपल की छाल का उपयोग हृदय की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने का काम कर सकता है (19)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि पीपल के पतà¥à¤¤à¥‡ और छाल का उपयोग हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• की समसà¥à¤¯à¤¾ में राहत पहà¥à¤‚चा सकता है।
12. अरà¥à¤œà¥à¤¨ के पेड़ की छाल
सामगà¥à¤°à¥€:
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल का पाउडर
à¤à¤• गिलास पानी
कैसे करें उपयोग:
टी पैन में पानी डालें और उसमें अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल का पाउडर डालें।
अब टी पैन को गैस पर गरà¥à¤® होने के लिठचà¥à¤¾ दें।
अचà¥à¤›à¥€ तरह से उबाल आ जाने के बाद इसे अलग गिलास में निकाल लें और थोड़ा ठंडा होने के लिठरख दें।
ठंडा हो जाने के प इसे पी लें।
कितनी बार करें:
इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को हफà¥à¤¤à¥‡ में दो से तीन बार तक दोहराया जा सकता है।
कैसे है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•:
अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल को आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में कई बीमारियों में उपयोगी माना गया है। इनमें हृदय रोग à¤à¥€ शामिल है। इससे जà¥à¥œà¥‡ दो अलग-अलग शोधों से इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होती है। à¤à¤• शोध में जिकà¥à¤° मिलता है कि यह बà¥à¥‡ हà¥à¤ बलà¥à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकती है। साथ ही हृदय की मांसपेशियों को मजबूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने हृदय की कारà¥à¤¯ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकती है (20)। वहीं, अनà¥à¤¯ शोध में इसे हृदय तक रकà¥à¤¤ पहà¥à¤‚चाने वाली धमनियों की रà¥à¤•ावट को दूर करने में सहायक माना गया है (21)। इस आधार पर इसे हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के उपाय के तौर पर उपयोगी माना जा सकता है।
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