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नहीं खानी पड़ेंगी दवाà¤à¤‚, पीलिया को जड़ से खतà¥à¤® कर देंगे ये 5 तरह के पतà¥à¤¤à¥‡, लीवर à¤à¥€ बनेगा मजबूत
जब लीवर ठीक से काम नहीं कर रहा होता है, तो यह खून में बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ नामक गंदे पदारà¥à¤¥ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करने लगता है। खून में इस पदारà¥à¤¥ के बà¥à¤¨à¥‡ से आंखों और
पीलिया (Jaundice) à¤à¤• आम बीमारी है, जिससे अकà¥à¤¸à¤° बहà¥à¤¤ से लोग पीड़ित रहते हैं। इस बीमारी में तà¥à¤µà¤šà¤¾, शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ और आंखों के सफेद à¤à¤¾à¤— पर à¤à¤• पीलापन दिखाई देता है। कई बार शरीर के तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का रंग à¤à¥€ पीला हो सकता है, जैसे पेशाब का पीला हो जाना। पीलिया को अकà¥à¤¸à¤° लीवर या पितà¥à¤¤ नलिकाओं की समसà¥à¤¯à¤¾ से जोड़कर देखा जाता है। पीलिया का के कारण है? à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि जब लीवर ठीक से काम नहीं कर रहा होता है, तो यह खून में बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ नामक गंदे पदारà¥à¤¥ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करने लगता है। खून में इस पदारà¥à¤¥ के बà¥à¤¨à¥‡ से आंखों और नाखून में पीलापन नजर आने लगता है। इस पदारà¥à¤¥ की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होने से पीला रंग हरे रंग में बदल सकता है। वैसे यह रोग किसी को à¤à¥€ हो सकता है लेकिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में अधिक देखा जाता है। अगर बात करें पीलिया के लकà¥à¤·à¤£ की तो इसमें तà¥à¤µà¤šà¤¾, आंखों और नाखूनों का रंग पीला होना, पेशाब और पॉटी का पीला होना और खà¥à¤œà¤²à¥€ शामिल हैं। इनके अलावा मरीज को थकान, पेट में दरà¥à¤¦, वजन कम होना, उलà¥à¤Ÿà¥€ और बà¥à¤–ार जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ महसूस हो सकते हैं। मेडिकल में पीलिया के लिठकई तरह के इलाज मौजूद हैं लेकिन आप पीलिया के लिठघरेलू उपाय à¤à¥€ आजमा सकते हैं और यह असरदार à¤à¥€ हैं। नेशनल हेलà¥à¤¥ पोरà¥à¤Ÿà¤² (NHP) ने इसके लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह के पतà¥à¤¤à¥‡ बताठहैं, जिनके इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से आपको फायदा हो सकता है।
पीलिया की जड़ी-बूटी है अरहर के पतà¥à¤¤à¥‡
अरहर के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को पीसकर उसका रस निकाल लें और इस रस का कम से कम 60 मिलीलीटर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सेवन करने से पीलिया ठीक हो जाता है। इनमें से फलियां à¤à¥€ बहà¥à¤¤ पोषक होती हैं और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आहार में शामिल किया जा सकता है।
पीलिया का रामबाण इलाज -करेले के पतà¥à¤¤à¥‡
लगà¤à¤— 7-10 पतà¥à¤¤à¥‡ लें और इसे à¤à¤• कप पानी में उबालकर ठंडा होने दें। 10-15 धनियां लेकर आधा लीटर पानी में उबाल लें। इसे पहले से तैयार काढ़े के साथ मिलाà¤à¤‚। पीलिया के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ इलाज के लिठदिन में कम से कम तीन बार पियें।
पीलिया में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤- मूली के पतà¥à¤¤à¥‡
मूली के कà¥à¤› पतà¥à¤¤à¥‡ लेकर छलनी की सहायता से उसका रस निकाल लें। निकाले गठरस का लगà¤à¤— आधा लीटर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सेवन करें, लगà¤à¤— दस दिनों में रोगी को रोग से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिल जाà¤à¤—ी।
पीलिया का इलाज हैं पपीते के पतà¥à¤¤à¥‡
नेशनल हेलà¥à¤¥ पोरà¥à¤Ÿà¤² (NHP) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š पपीते के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के पेसà¥à¤Ÿ में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद मिलाà¤à¤‚। इसे लगà¤à¤— à¤à¤• या दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक नियमित रूप से खाà¤à¤‚। यह पीलिया का बहà¥à¤¤ ही असरदार घरेलू इलाज है।
पीलिया का घरेलू उपचार- तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡
लगà¤à¤— 10-15 तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ लें और उसका पेसà¥à¤Ÿ बना लें। इसमें आधा गिलास ताजा तैयार मूली का रस मिलाà¤à¤‚। बेहतर परिणाम के लिठइस तैयारी को लगà¤à¤— दो से तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक रोजाना पियें।
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