पीरियड खुल कर ना आने का क्या कारण है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:26

पीरियड खुल कर नहीं आने के कारण और 5 आसान घरेलू उपाय

पीरियड खुल कर नहीं आने के कारण और घरेलू उपाय: महिलाओं में मासिक धर्म का होना एक सामान्य सी प्रक्रिया है। प्रजनन के लिए लड़की का शरीर जब त्यार होने लगता है तब माहवारी आनी शुरू होती है। इस दौरान महिला को 2 से 7 दिन तक रक्तस्त्राव होता है। हार्मोन में असंतुलन होने या फिर कुछ दूसरी वजहों से पीरियड्स में ब्लीडिंग ज्यादा या कम भी होती है जिस कारण महिला अपने शरीर में कमजोरी महसूस करती है। कुछ महिलाओं को कई बार 1-2 दिन के लिए हल्का रक्तस्राव ही होता है।

महिलाओं में कई कारणों से मासिक धर्म संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है उन्हीं में से एक समस्या है मासिक स्राव या पीरियड्स का अल्प मात्रा में होना। मासिक धर्म होने के दौरान कम रक्तस्राव या ब्लीडिंग होने के कई कारण हो सकते है जैसे, खान-पान में पोषक तत्वों की कमी होना, अनुचित जीवनशैली या अधिक तनाव मुक्त जीवन-यापन करना।

पीरियड्स के दौरान होने वाली ब्लीडिंग शरीर में जमी गंदगी को दूर करने का काम करती है। ऐसे में इसका सही से होना बहुत जरूरी है। मगर महिलाओं का गलत लाइफस्टाइल पीरियड्स को प्रभावित करता हैं, जिससे इसकी अवधि और ब्लड क्लॉटिंग कम हो जाती है। कुछ महिलाओं को तो 1-2 दिन से ज्यादा मास्क स्त्राव होती ही नहीं|

बदलते लाइफस्टाइल में महिलाओं पर तनाव इतना ज्यादा हावी हो गया है कि इससे लाइट पीरियड्स की समस्या हो रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि इससे महिलाओं में अर्ली मेनोपॉज का खतरा बना रहता है। पीरियड्स में लाइट ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं और आज हम आपको उन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं। चलिए जानते हैं वो कौन-से कारण है, जो लाइटर पीरियड्स का कारण बनते हैं और इसे कैसे दूर किया जाए।

आप भी अगर महावारी के दिनों कम ब्लीडिंग से परेशान है तो आप पहले किसी चिकित्सक से मिले। कुछ महिलाएं ऐसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए पीरियड्स खुल कर लाने की दवा का सहारा लेती है तो कुछ आयुर्वेदिक इलाज व घरेलू उपाय करती है। आज हम यह जानेंगे पीरियड्स के दौरान में ब्लीडिंग कम होने पर क्या करे, पीरियड खुल कर नहीं आने के कारण
पीरियड्स में ब्लीडिंग कम होने के लक्षण

1-2 दिन तक हल्का रक्तस्राव होना
खून के थक्के आना
कम खून आना
हर महीने जितना रक्तस्त्राव होता है उससे कम होना
एक के बाद अगले महीने भी ब्लीडिंग कम होना

पीरियड खुल कर नहीं आने के कारण और उपा
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वजन के बढ़ने और पेट में चर्बी बढ़ने का सीधा असर माहवारी पर पड़ता है। वजन अगर अधिक हो तो शरीर में हार्मोन्स सही से काम नहीं करते जिससे ब्लीडिंग कम होने और अनियमित माहवारी की समस्या आने लगती है।
महिला की उम्र भी मासिक धर्म में कम ब्लीडिंग पर असर डालती है। जिन लड़कियों के पीरियड अभी बस शुरू ही हुए है उनके मासिक धर्म का समय नार्मल से कम ज्यादा हो सकता है। छोटी उम्र में हार्मोन असंतुलन अधिक होता है जिसका असर माहवारी पर पड़ता है।
वे महिलाएं जिनकी उम्र अधिक होती है उन्हें पीरियड्स में हल्की ब्लीडिंग होती है। ज्यादा उम्र की महिला में हार्मोन कम होने लगते है।
थायराइड के रोग के कारण भी पीरियड्स खुलकर नहीं होने की समस्या होती है।
प्रेगनेंसी के समय पीरियड्स आने रुक जाते है पर इस दौरान भी कुछ महिलाएं खून के थक्के महसूस करती है और उसे ब्लीडिंग मान लेती है पर ये पीरियड की ब्लीडिंग नहीं होती।
ज्यादा टेंशन की वजह से भी पीरियड्स खुल कर ना आने की समस्या होती है क्योंकि इसका सीधा असर शरीर में हार्मोन पर होता है जिससे पीरियड्स देरी से आते है या फिर कम आते है।
प्रेगनेंसी की डिलीवरी के बाद जो महिला बच्चे को स्तनपान कराती है उसे भी माहवारी कम आती है।
जो महिला ज्यादा एक्सरसाइज या मेहनत करती है उनके पीरियड्स में भी बदलाव आते है क्योंकि इससे वजन पर असर पड़ता है जिस की वजह से पीरियड्स खुल कर नहीं होते।
प्रेगनेंसी को रोकने वाली मेडिसिन का सेवन ज्यादा करने का असर भी पीरियड्स पर होता है और ब्लड कम आता है।
पीरियड में ब्लड कम आने की वजह अगर अभी भी समझ नहीं आ रही हो तो आप एक बार डॉक्टर से मिले। वो आपके बताए गए लक्षणों को समझ कर खून ब्लड कम आने का कारण और इसका इलाज बता सकेंगे।

पीरियड्स खुलकर आने के उपाय

पीरियड्स खुल कर नहीं होने की कई वजह हो सकती है पर ये अगर दो तीन महीने से भी अधिक समय से है तो जरुरी है की इसके उपाय किये जाये और इसके लिए पहले चिकित्सक के पास जाये।
पीरियड्स का निरंतर कम आना सही करने के लिए अंग्रेजी दवा का सहारा ले सकते है और इसके अलावा अपनी जीवनशैली में कुछ अच्छे परिवर्तन करके इस परेशानी को दूर कर सकते है।
खून की कमी होने की वजह से भी पीरियड खुल नहीं होते। इस समस्या को दूर करने के लिए अपने भोजन में ऐसी चीजें शामिल करें जिससे शरीर में खून बढे जैसे चुकंदर, गाजर और हरी सब्जियां।
पीरियड्स ठीक करने हो तो रात के समय छुहारे और बादाम पानी में भिगो कर रखे और खाली पेट इसे सुबह खाएं।
काली मिर्च को शहद में पीस ले फिर इसका उपयोग करें। इस उपाय से भी पीरियड खुलकर होने लगते है।
मोटापा ज्यादा या फिर कम होने की वजह से अगर पीरियड खुलकर नहीं आ रहे हो तो प्रतिदिन व्यायाम करे और अपना वजन सही करे।

माहवारी में सावधानी

पोषक तत्वों से भरपूर चीजें खाये और खाना पीना बिल्कुल नहीं छोड़े।
पीरियड्स लाने की दवा बिना डॉक्टर की राय के नहीं ले।
शराब और धूम्रपान जैसी चीजों से भी दूर रहे।
ज्यादा थकान वाली एक्सरसाइज और योग नहीं करें।
मासिक धर्म में महिला को साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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