पीरियड में कम ब्लीडिंग हो तो क्या करना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Thu 13th Oct 2022 : 10:09

पीरियड्स में ठीक से ब्लीडिंग न होने पर जरूर अपनाएं ये उपाय, नहीं होंगे परेशान

पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को खुलकर रक्तस्राव नहीं हो पाता है जो कि अपने आप में एक गंभीर समस्या है लेकिन अक्सर महिलाएं इस पर आपस में बात करके रह जाती हैं और इसका कोई उपाय नहीं खोजती हैं जिसका नतीजा यह निकलता है कि वे हर महीने परेशान होती हैं। मासिक धर्म में इस तरह की गड़बड़ी सामान्य तो नहीं होती है क्योंकि इसका प्रभाव आपकी प्रजनन क्षमता, हार्मोनल असंतुलन, वजन आदि पर पड़ सकता है। यह कोई ऐसी भी समस्या नहीं है कि जिसका कोई उपचार नहीं किया जा सकता है बल्कि घर बैठे ही आप इसे ठीक कर सकते हैं यदि आप नियमित रूप से कुछ चीजों का सेवन शुरू कर दें तो यह बिल्कुल संभव है। अगली स्लाइड्स से जानिए किन चीजों के सेवन से माहवारी में नहीं होंगी ब्लीडिंग संबंधी समस्याएं।

कम ब्लीडिंग का होना हार्मोन संबंधी समस्या हो सकती है

गाजर
गाजर खाने से आपके पीरियड्स एकदम स्वस्थ रहेंगे। नियमित रूप से आप सलाद में गाजर खाएं या नाश्ते में गाजर का जूस लें। गाजर में अच्छी मात्रा में कैरोटीन पाया जाता है, जिसके सेवन से शरीर में एस्ट्रोजेन का स्तर संतुलित रहता है। इससे मासिक धर्म के दौरान आपकी ब्लीडिंग रुकती नहीं है पर इसके लिए आप दिन में दो गाजर तो अपने आहार में जरूर शामिल करें। पीरियड्स में कम ब्लीडिंग का होना हार्मोन संबंधी समस्या हो सकती है।
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हल्दी की मात्रा को कम ही रखना आपके लिए बेहतर होगा
हल्दी
हल्दी का सेवन इस समस्या में बहुत लाभदायक साबित हो सकता है। आप चाहें तो मासिक धर्म की दिनांक से एक सप्ताह पहले से ही रोज रात को एक गिलास दूध में थोड़ी हल्दी डालकर इसका सेवन शुरू कर सकते हैं या दूध के साथ यदि ये उपाय करना आपके लिए संभव नहीं है तो गर्म पानी के गिलास में हल्दी डालकर सुबह के समय इसका सेवन कर सकते हैं। गर्मियों के दिनों में अभी हल्दी की मात्रा को कम ही रखना आपके लिए बेहतर होगा।
खून के रुकने या थक्के बनने की समस्या नहीं आएगी

गुड़ और तिल
गुड़ और तिल दोनों की ही तासीर को गर्म माना जाता है। ऐसे में यदि आप गुड़ और तिल को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में साथ मिलाकर इसका सेवन करते हैं तो आपको माहवारी के समय खून के रुकने या थक्के बनने की समस्या नहीं आएगी। शरीर से सारा गंदा खून आसानी से निकल सकेगा और दर्द में भी राहत मिलेगी इसलिए पीरियड्स के दौरान और पीरियड्स से पहले इसका सेवन करते रहें।
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पपीते में भी गाजर की तरह ही कैरोटिन पाया जाता है
पपीता
फलों में महिलाओं के लिए पपीता का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। महावारी के कुछ दिन पहले से तो इसका सेवन आपको नियमित करना चाहिए। पपीते में भी गाजर की तरह ही कैरोटिन पाया जाता है जो कि शरीर में एस्ट्रोजेन नामक हार्मोन को उत्तेजित करता है इसलिए इसका सेवन जरूर करें। कई महिलाओं को पीरियड्स के आसपास पेट संबंधी समस्याएं होती हैं, उनके लिए भी इसका सेवन बहुत लाभकारी साबित होता है।

नोट- यह लेख चाइल्डकेयर हॉस्पिटल की डॉक्टर साधना राज से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर साधना राज पिछले 16 सालों से प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर से ली है।

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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