पीरियड मिस हो गया है और कमर में दर्द हो रही है क्या कारण है?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 12:56


पीरियड क्या होता है
स्त्रियों में पीरियड आना प्रजनन तंत्र की एक प्रक्रिया है जो महिलाओं के शरीर को संभावित गर्भधारण के लिए तैयार करती है, इसे माहवारी भी कहते हैं। पीरियड आने की प्रक्रिया में गर्भाशय के अस्तर (एंडोमेट्रियम) की परत गर्भाशय ग्रीवा ( कर्विक्स ) से होते हुए योनि से बाहर निकलती है। पीरियड के दौरान निकलने वाले पदार्थ में आंशिक रूप से खून और ऊतक मौजूद होती हैं।
पीरियड्स में कमर दर्द क्यों होता है
पीरियड्स में कमर का दर्द सामान्य होने के साथ - साथ किसी बीमारी जैसे कष्टार्तव (दर्दनाक माहवारी) की ओर संकेत भी हो सकता है। पीरियड्स में महिलाओं को होने वाला कमर दर्द कई कारणों से हो सकता है जिसमे से कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
प्राइमरी डिसमेनोरिया

इसमें क्रैंपिग ( ऐंठन ) होता है जो प्रोस्टाग्लैंडिन हार्मोन के कारण होता है। इस हार्मोन के कारण गर्भाशय की परत में सिकुड़न होता है जिससे कमर दर्द बढ़ जाता है। यह दर्द पीरियड के पहले या पीरियड के दौरान हो सकता है।

सेकंडरी डिसमेनोरिया
यह रोग प्रजनन प्रणाली में हुए विकार के कारण होती है। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से तीन तरह के विकार हो सकते हैं जो निम्नलिखित हैं:

एंडोमेट्रियोसिस: एक ऐसी स्थिति जिसमें ऊतक गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है। ऊतक के गर्भाशय के बाहर बढ़ने के कारण कमर के निचले हिस्से में दर्द होता है।
गर्भाशय फाइब्राॅइड (गर्भाशय में गांठ): गर्भाशय में गैर- कैंसर जनक वृद्धि होने से फाइब्रॉयड्स की दीवार बनती है जोकि पीरियड्स में कमर दर्द का कारण बनती है।
एडेनोमायोसिस: गर्भाशय को लाइन करने वाला ऊतक जब गर्भाशय की मांसपेशियों की दीवारों की तरफ बढ़ने लगता है तो उसकी वजह से भी माहवारी में दर्द होता है।

अन्य स्त्री रोगों के कारण

श्रोणी सूजन रोग (पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज): यह महिलाओं के प्रजनन अंगों में होने वाला एक प्रकार का संक्रमण है जो मुख्य रूप से यौन संचारित बैक्टीरिया की वजह से होता है। इसके कारण पीरियड्स में महिलाओं को दर्द की शिकायत रहती है।
प्रागार्तव (प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम): यह एक प्रकार का स्त्री रोग सिंड्रोम है जिसमे महिलाओं को निश्चित तिथि से कुछ दिन पहले ही पीरियड्स आ जाते हैं जिससे कमर में दर्द होता है।
प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर: यह माहवारी से जुड़ा एक विकार है जिसमे पीरियड्स लगभग एक हफ्ते पहले आ जाते हैं जिससे कमर में दर्द महसूस हो सकता है।
अंडाशय में कैंसर: अंडाशय में ट्यूमर बनने से भी इसके लक्षण के रूप में कमर में दर्द हो सकता है।

अन्य कारण
विटामिन डी की कमी: विटामिन डी प्रोस्टैग्लैंडिन हार्मोन को रेगूलेट करता है। अगर शरीर में विटामिन डी की कमी होती है तो प्रोस्टैग्लैंडिन हार्मोन अधिक स्त्रावित होता है जिससे कमर में दर्द हो सकता है।
पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए घरेलू उपाय
पीरियड्स में कमर दर्द होने पर अगर कुछ प्राकृतिक उपचारों का सहारा लिया जाए तो कमर दर्द से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। पीरियड में कमर दर्द का इलाज करने के लिए कई असरदार घरेलू उपाय हैं जो निम्नलिखित हैं:
खान - पान

फल: ताजे फलों में सेब, आम, बेरी, संतरा का सेवन करने से माहवारी में हो रहा दर्द सीमित होता है।
हरी सब्जियां: ब्रोकली, पालक, गाजर खाने से पोषक तत्व की कमी पूरी हो जाती है और माहवारी के दर्द की तीव्रता कम होती है।
साबुत अनाज: ब्राउन राइस, होल ग्रेन ब्रेड, ओटमील में प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है जो पीरियड्स में होने वाले गैस और कब्ज से राहत देता है।
फलियां: पीरियड्स में बीन्स, मटर, मसूर की दाल का सेवन करने से दर्द तेज नही होता है।
मेवे: अखरोट, बादाम और अन्य मेवों में ओमेगा थ्री फैटी एसिड और प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है जिससे कमर दर्द होने की संभावना कम हो जाती है।
हल्दी का सेवन: हल्दी में एंटी - ऑक्सीडेंट और एंटी - इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पीरियड्स के दौरान हुए सूजन और दर्द को कम करते हैं।
डार्क चॉकलेट: इस चॉकलेट में आयरन और मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में होते हैं जो पीरियड में हो रहे दर्द से राहत देता है।

जीवनशैली में बदलाव

व्यायाम: व्यायाम करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है और रक्त संचार में सुधार होता है जिससे पीरियड में होने वाले दर्द का एहसास कम होता है। इसके लिए कुछ लाभदायक व्यायाम निम्नलिखित हैं:
चलना
मर्जरासन
मत्स्यासन
भुजंगासन
शराब और धूम्रपान करने से भी हार्मोन में बदलाव होते हैं जो पीरियड में हो रहे कमर दर्द को बढ़ा सकते हैं। इसलिए ऐसे पदार्थों का सेवन नही करना चाहिए।

अन्य उपाय

हीटिंग पैड से सिकाई: एक हीटिंग पैड लेकर उससे कमर और पेट के निचले हिस्से में सिकाई करें। अगर हीटिंग पैड ना हो तो ऐसे में किसी प्लास्टिक की बोतल में गर्म पानी भर कर उससे भी सिकाई जा सकती है।
गर्म पानी से स्नान करना: पीरियड्स में नहाते समय गर्म पानी का इस्तेमाल करने से कमर के दर्द और मांसपेशियों की ऐंठन में आराम पहुंचता है।
तेल की मालिश: लैवेंडर और दालचीनी जैसे एसेंशियल ऑयल में नारियल या सरसों का तेल मिलाकर मालिश करने से भी पीरियड के दर्द को कम किया जा सकता है।

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