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पीरियड कà¥à¤¯à¤¾ होता है
सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पीरियड आना पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ तंतà¥à¤° की à¤à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जो महिलाओं के शरीर को संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठतैयार करती है, इसे माहवारी à¤à¥€ कहते हैं। पीरियड आने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के असà¥à¤¤à¤° (à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤®) की परत गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ ( करà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ ) से होते हà¥à¤ योनि से बाहर निकलती है। पीरियड के दौरान निकलने वाले पदारà¥à¤¥ में आंशिक रूप से खून और ऊतक मौजूद होती हैं।
पीरियडà¥à¤¸ में कमर दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है
पीरियडà¥à¤¸ में कमर का दरà¥à¤¦ सामानà¥à¤¯ होने के साथ - साथ किसी बीमारी जैसे कषà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤¤à¤µ (दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• माहवारी) की ओर संकेत à¤à¥€ हो सकता है। पीरियडà¥à¤¸ में महिलाओं को होने वाला कमर दरà¥à¤¦ कई कारणों से हो सकता है जिसमे से कà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ डिसमेनोरिया
इसमें कà¥à¤°à¥ˆà¤‚पिग ( à¤à¤‚ठन ) होता है जो पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤²à¥ˆà¤‚डिन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के कारण होता है। इस हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के कारण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की परत में सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨ होता है जिससे कमर दरà¥à¤¦ बढ़ जाता है। यह दरà¥à¤¦ पीरियड के पहले या पीरियड के दौरान हो सकता है।
सेकंडरी डिसमेनोरिया
यह रोग पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में हà¥à¤ विकार के कारण होती है। इसके अंतरà¥à¤—त मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से तीन तरह के विकार हो सकते हैं जो निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸: à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसमें ऊतक गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बाहर बढ़ने लगता है। ऊतक के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बाहर बढ़ने के कारण कमर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ फाइबà¥à¤°à¤¾à¥…इड (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गांठ): गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गैर- कैंसर जनक वृदà¥à¤§à¤¿ होने से फाइबà¥à¤°à¥‰à¤¯à¤¡à¥à¤¸ की दीवार बनती है जोकि पीरियडà¥à¤¸ में कमर दरà¥à¤¦ का कारण बनती है।
à¤à¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸: गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को लाइन करने वाला ऊतक जब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियों की दीवारों की तरफ बढ़ने लगता है तो उसकी वजह से à¤à¥€ माहवारी में दरà¥à¤¦ होता है।
अनà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोगों के कारण
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¥€ सूजन रोग (पेलà¥à¤µà¤¿à¤• इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डिजीज): यह महिलाओं के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में होने वाला à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से यौन संचारित बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से होता है। इसके कारण पीरियडà¥à¤¸ में महिलाओं को दरà¥à¤¦ की शिकायत रहती है।
पà¥à¤°à¤¾à¤—ारà¥à¤¤à¤µ (पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤‚सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®): यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® है जिसमे महिलाओं को निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तिथि से कà¥à¤› दिन पहले ही पीरियडà¥à¤¸ आ जाते हैं जिससे कमर में दरà¥à¤¦ होता है।
पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤‚सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल डिसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¿à¤• डिसऑरà¥à¤¡à¤°: यह माहवारी से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ à¤à¤• विकार है जिसमे पीरियडà¥à¤¸ लगà¤à¤— à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ पहले आ जाते हैं जिससे कमर में दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है।
अंडाशय में कैंसर: अंडाशय में टà¥à¤¯à¥‚मर बनने से à¤à¥€ इसके लकà¥à¤·à¤£ के रूप में कमर में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
अनà¥à¤¯ कारण
विटामिन डी की कमी: विटामिन डी पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥ˆà¤—à¥à¤²à¥ˆà¤‚डिन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को रेगूलेट करता है। अगर शरीर में विटामिन डी की कमी होती है तो पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥ˆà¤—à¥à¤²à¥ˆà¤‚डिन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ अधिक सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है जिससे कमर में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
पीरियडà¥à¤¸ के दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठघरेलू उपाय
पीरियडà¥à¤¸ में कमर दरà¥à¤¦ होने पर अगर कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचारों का सहारा लिया जाठतो कमर दरà¥à¤¦ से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। पीरियड में कमर दरà¥à¤¦ का इलाज करने के लिठकई असरदार घरेलू उपाय हैं जो निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
खान - पान
फल: ताजे फलों में सेब, आम, बेरी, संतरा का सेवन करने से माहवारी में हो रहा दरà¥à¤¦ सीमित होता है।
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚: बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, पालक, गाजर खाने से पोषक ततà¥à¤µ की कमी पूरी हो जाती है और माहवारी के दरà¥à¤¦ की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ कम होती है।
साबà¥à¤¤ अनाज: बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, होल गà¥à¤°à¥‡à¤¨ बà¥à¤°à¥‡à¤¡, ओटमील में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और फाइबर अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में होता है जो पीरियडà¥à¤¸ में होने वाले गैस और कबà¥à¤œ से राहत देता है।
फलियां: पीरियडà¥à¤¸ में बीनà¥à¤¸, मटर, मसूर की दाल का सेवन करने से दरà¥à¤¦ तेज नही होता है।
मेवे: अखरोट, बादाम और अनà¥à¤¯ मेवों में ओमेगा थà¥à¤°à¥€ फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में होता है जिससे कमर दरà¥à¤¦ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो जाती है।
हलà¥à¤¦à¥€ का सेवन: हलà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤‚टी - ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤‚टी - इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं जो पीरियडà¥à¤¸ के दौरान हà¥à¤ सूजन और दरà¥à¤¦ को कम करते हैं।
डारà¥à¤• चॉकलेट: इस चॉकलेट में आयरन और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं जो पीरियड में हो रहे दरà¥à¤¦ से राहत देता है।
जीवनशैली में बदलाव
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®: वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है और रकà¥à¤¤ संचार में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है जिससे पीरियड में होने वाले दरà¥à¤¦ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ कम होता है। इसके लिठकà¥à¤› लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
चलना
मरà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¸à¤¨
मतà¥à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨
à¤à¥à¤œà¤‚गासन
शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने से à¤à¥€ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव होते हैं जो पीरियड में हो रहे कमर दरà¥à¤¦ को बढ़ा सकते हैं। इसलिठà¤à¤¸à¥‡ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन नही करना चाहिà¤à¥¤
अनà¥à¤¯ उपाय
हीटिंग पैड से सिकाई: à¤à¤• हीटिंग पैड लेकर उससे कमर और पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में सिकाई करें। अगर हीटिंग पैड ना हो तो à¤à¤¸à¥‡ में किसी पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• की बोतल में गरà¥à¤® पानी à¤à¤° कर उससे à¤à¥€ सिकाई जा सकती है।
गरà¥à¤® पानी से सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करना: पीरियडà¥à¤¸ में नहाते समय गरà¥à¤® पानी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से कमर के दरà¥à¤¦ और मांसपेशियों की à¤à¤‚ठन में आराम पहà¥à¤‚चता है।
तेल की मालिश: लैवेंडर और दालचीनी जैसे à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल में नारियल या सरसों का तेल मिलाकर मालिश करने से à¤à¥€ पीरियड के दरà¥à¤¦ को कम किया जा सकता है।
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