Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लकà¥à¤·à¤£ लेकिन नहीं हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट, जानिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है à¤à¤¸à¤¾?
पीरियडà¥à¤¸ मिस होने के à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी टेसà¥à¤Ÿ करने की सलाह दी जाती है. पर कà¥à¤¯à¤¾ अगर तब à¤à¥€ टेसà¥à¤Ÿ नेगिटिव आठपर महसूस पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी जैसा ही हो रहा हो. आइठजानते हैं à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? कà¥à¤¯à¤¾ है इसके पीछे की वजह.
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी टेसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी टेसà¥à¤Ÿ
पीरियडà¥à¤¸ मिस होने के 1 हफà¥à¤¤à¥‡ बाद ही टेसà¥à¤Ÿ करें
पीरियडà¥à¤¸ से पहले के लकà¥à¤·à¤£ और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दोनों à¤à¤• जैसे ही होते हैं
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शारीरिक और मानसिक दवाब है à¤à¤• कारण
पीरियडà¥à¤¸ मिस होना à¤à¤• महिला के दिल की धड़कनों को बढ़ा देता है. या तो वो उमà¥à¤®à¥€à¤¦ से à¤à¤° जाती है या फिर उसके मन में à¤à¤• तरह का डर पैदा होने लगता है. à¤à¤¸à¥‡ में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी टेसà¥à¤Ÿ ही इस उलà¤à¤¨ का समाधान दे सकता है. पर सवाल यह है कि अगर à¤à¤¸à¤¾ हो कि टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ नेगिटिव आठऔर महसूस पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी जैसा ही हो रहा हो, तब कà¥à¤¯à¤¾?
बता दें कि पीरियडà¥à¤¸ से पहले के लकà¥à¤·à¤£ और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दोनों à¤à¤• जैसे ही होते हैं. थकान, सूजन, घबराहट, पेट फूलना, मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸, कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग आदि सारी बातें दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¤• जैसी ही सामने आती हैं. पीरियडà¥à¤¸ जितनी देरी से होता है , ये सब उतना ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महसूस होता है, और अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होना चाहती हैं तो इन चीजों पे धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही जाà¤à¤—ा.
कई बार à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ होता है कि घर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी टेसà¥à¤Ÿ का पॉजिटिव रिजलà¥à¤Ÿ आने के बावजूद à¤à¥€ कैमिकल पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के चांसेज होते हैं. इसमें 30% फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ à¤à¤— फैलोपिन टà¥à¤¯à¥‚ब से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में जाते-जाते कà¥à¤› ही दिनों में नषà¥à¤Ÿ हो जाते हैं. इसमें शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दौर में तो पॉजिटिव रिजलà¥à¤Ÿ दिखता है पर कà¥à¤› दिनों बाद पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥ हो जाते हैं.
इसी वजह से पीरियडà¥à¤¸ मिस होने के 1 हफà¥à¤¤à¥‡ बाद टेसà¥à¤Ÿ करने की सलाह दी जाती है. पर कà¥à¤¯à¤¾ अगर तब à¤à¥€ टेसà¥à¤Ÿ नेगिटिव आठपर महसूस पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी जैसा ही हो रहा हो. आइठजानते हैं à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? कà¥à¤¯à¤¾ है इसके पीछे की वजह.
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ हमारी बॉडी पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ असर डालता है. अगर लाइफ में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शारीरिक और मानसिक दवाब रहता है तब दिमाग में यही सोच पनपती है कि अà¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ नहीं करना है और परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ नहीं होता है और अगर ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ नहीं होता है तो पीरियडà¥à¤¸ à¤à¥€ नहीं होते हैं, पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लकà¥à¤·à¤£ जरूर शà¥à¤°à¥‚ होने लगते हैं.
दवाइयां
दवाइयों का मासिक साइकल पर बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ रहता है. Steroid दवाइयां बहà¥à¤¤ ही हानिकारक होती हैं. इससे पीरियड मिस होने के बहà¥à¤¤ चांसेज रहते हैं. थायरॉइड या डायबिटीज की दवाइयों का à¤à¥€ असर रहता है.
पà¥à¤°à¥€-मेनोपॉज
लगà¤à¤— 52 साल की उमà¥à¤° के आसपास मेनोपॉज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा होने लगती है. कई महिलाओं में यह उनके 40 की उमà¥à¤° में à¤à¥€ दिखने मिलता है. पà¥à¤°à¥€-मेनोपॉज में पीरियडà¥à¤¸ का सही समय पर न होना बहà¥à¤¤ आम है. à¤à¤¸à¥‡ में हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स बहà¥à¤¤ बदलते हैं और कई बार पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी जैसे लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते हैं जैसे मूड में बदलाव या बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ का कोमल होना.
| --------------------------- | --------------------------- |