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कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है पीठमें दरà¥à¤¦?
हम सà¤à¥€ ने जीवन में किसी ना किसी दरà¥à¤¦ को महसूस किया ही होगा। कà¥à¤› दरà¥à¤¦ à¤à¥‡à¤¸à¥‡ होते हैं जिनसे हमें ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशानी नहीं होती। वहीं कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के दरà¥à¤¦ हमारे दिनचरà¥à¤¯à¤¾ के कामों में बाधा बन जाते हैं। और कई à¤à¤¸à¥‡ दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हैं जो हमारे लिठà¤à¤• बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ खड़ी कर देते हैं और हमें डाॅकà¥à¤Ÿà¤° की सहायता लेनी पड़ती है। आज मेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¥€à¤Ÿà¤² की टीम बात करने जा रही है à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ सामानà¥à¤¯ दरà¥à¤¦ की जिसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से हममें से कई लोग परिचित हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं पीठदरà¥à¤¦ की। इस बिंदॠपर बात करने से पहले आइठसबसे पहले जानते हैं रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› बातें।
रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€, जिसे बैकबाॅन (backbone) या सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² काॅलम (spinal column) à¤à¥€ कहा जाता है, हमारे शरीर के सबसे मज़बूत à¤à¤¾à¤—ों में गिनी जाती है। यह 24 हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनी होती है जिसे वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤°à¤¾ (vertebrae) कहा जाता है जो à¤à¤• दूसरे के ऊपर होती हैं। इनके बीच में डिसà¥à¤• और इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ लिगामेनà¥à¤Ÿà¥à¤¸ और मांसपेशियां मौजूद होती हैं।
जानिठपीठदरà¥à¤¦ के कारण
पीठदरà¥à¤¦ की परेशानी विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से हो सकती है। आइठजानते हैं उनके बारे में उपयोगी जानकारी के साथ।
1. मांसपेशियों या लिगामेनà¥à¤Ÿà¥à¤¸ में तनाव
इस तरह की परिसà¥à¤¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ के कारणों में से à¤à¤• मानी जाती है। यह वज़नदार वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को बार-बार उठाने या फिर à¤à¤•दम किसी तरह के अनचाहे मूवमेनà¥à¤Ÿ की वजह से हो सकती है। मांसपेशियों में तनाव किसी गतिविधि को बार-बार करने से à¤à¥€ हो सकता है। और कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ परिसà¥à¤¤à¤¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हैं जहां लिगामेनà¥à¤Ÿ में मोच आ जाती है या फिर यह टूट जाता है और पीठमें दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
2. आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Arthritis)
यह जोड़-संबंधी बीमारी है जिसके 100 से à¤à¥€ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤•ार हैं और उनमें से पà¥à¤°à¤®à¥à¤– है आॅसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥¤ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दरà¥à¤¦ के अलावा सूजन और असà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। यह हमारे जोड़ों के कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चाती है। समय के साथ-साथ ये सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देती है जिसका विवरण नीचे किया गया है।
3. सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Spinal Stenosis)
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दरà¥à¤¦ तब होता है जब सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² केनाल तंग हो जाती है जिस जगह पर तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा जड़ें (nerve roots) होती हैं। इस तरह की तंगी विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की होती हैं और कई मौकों पर डाॅकà¥à¤Ÿà¤° की सहायता लेना आवशà¥à¤¯à¤• हो जाता है। पीठदरà¥à¤¦ के इलाज के लिठआज ही मेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¥€à¤Ÿà¤² पधारें और उचित इलाज पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें।
4. आॅसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Osteoporosis)
यह हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से संबंधित à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जिसमें हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कमज़ोर हो जाती है। आॅसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ पीठदरà¥à¤¦ का कारण तब बन सकती है जब सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² काॅलम (रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€) में कमà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° हो। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विचलित कर देने वाली है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रोज़मरà¥à¤°à¤¾ के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ हो सकती है।
5. साईटिका (Sciatica)
साइटिका उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को कहा जाता है जब पीठमें दरà¥à¤¦ साइटिक नस की वजह से होता है। साइटिक नस सबसे बड़ी और लंबी नस है जो हमारे पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ से होती हà¥à¤ˆ दोनों पैरों में पहà¥à¤‚चती है। यदि किसी वजह से इस नस पर दबाव पड़ता है तो पीठके निचले सिरे में दरà¥à¤¦ होने लगता है जो कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ और पैरों में à¤à¥€ फैल सकता है।
6. फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° (Fracture)
यदि हडà¥à¤¡à¥€ टूट जाती है या अपनी जगह से खिसक जाती है, तो यह à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ के कारण में से à¤à¤• हो सकती है। पीठके बल गिरने पर या किसी दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ के बाद यदि आपको पीठमें दरà¥à¤¦ महसूस हो रहा है तो डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से ज़रूर मिलें।
यदि आप अपना सीटिंग पोसà¥à¤šà¤° सही नहीं रखते हैं, तो याद रखें यह à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ का कारण बन सकता है। लैपटाॅप या कंपà¥à¤¯à¥‚टर पर काम करते समय इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥à¤•कर ना बैठें। कमर को सीधा रखें अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ इससे कमर के साथ-साथ कंधों से जà¥à¥œà¥€ परेशानियां à¤à¥€ हो सकती हैं।
8. सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोलिसà¥à¤¥à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ (Spondylolisthesis)
यदि फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° की वजह से रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमजा़ेर हो जाती है, तो à¤à¤¸à¥‡ मौकों पर वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤°à¤¾ (vertebrae) खिसकने लगती है जिसकी वजह से दरà¥à¤¦ और कठोरता जैसी परेशानियां देखने को मिलती है।
9. डिसà¥à¤•-संबंधी परेशानी (Disc-Related Problems)
हमारी पीठमें कई डिसà¥à¤• मौजूद रहती हैं जो कि वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤°à¤¾, यानि रीॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की छोटी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को कà¥à¤¶à¤¨ करने में सहायक होती हैं। यह डिसà¥à¤• पीठमें अपनी जगह से हट सकती हैं और नस पर दबाव बन सकता हैं। यहां तक कि ये डिसà¥à¤• टूट à¤à¥€ सकती है जिसे हरà¥à¤¨à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ डिसà¥à¤• के नाम से जाना जाता है।
10. अनà¥à¤¯ परेशानियां
बताठगठकारणों के अलावा à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं जिनके कारण पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। जैसे कि फेसेट जाॅइंट डिसà¥à¤«à¤‚कà¥à¤¶à¤¨ (facet joint dysfunction) सेकà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤²à¤¿à¤à¤• जाॅइंट डिसà¥à¤«à¤‚कà¥à¤¶à¤¨ (sacroiliac joint dysfunction) à¤à¤‚किलोसिंग सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलाइटिस (ankylosing spondylitis) ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (osteomyelitis) आदि।
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