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इस बात के संकेत पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के नौ महीनों में ही मिल जाते हैं।
Baby boy symptoms : लड़का पैदा होने के लकà¥à¤·à¤£, कà¥à¤¯à¤¾ सच है कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥‚à¤
कंसीव करने के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के नौ महीने पूरे होने तक महिलाओं के साथ-साथ पूरे परिवार के मन में यह सवाल आता है कि लड़का पैदा होगा या लड़की। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में तो बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिंग के बारे में जनà¥â€à¤® से पहले बताना अपराध है। लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मिलने वाले कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की मदद से आप ये जान सकते हैं कि लड़का पैदा होगा या लड़की।
हां हम आपको लड़का पैदा होने पर मिलने वाले संकेतों और उनके पीछे छिपी सचà¥â€à¤šà¤¾à¤ˆ के बारे में।
​मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस
तथà¥â€à¤¯ : मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस यानी मतली और उलà¥â€à¤Ÿà¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का à¤à¤• आम लकà¥à¤·à¤£ है जो कि 70 से 80 फीसदी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं में दिखता ही है। आमतौर पर यह पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहली तिमाही में ही बंद हो जाता है।
लेकिन कà¥à¤› को डिलीवरी तक मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस होती है। माना जाता है कि मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚â€à¤— सिकनेस हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण होती है और इसका संबंध बचà¥â€à¤šà¥‡ के सेकà¥â€à¤¸ से नहीं होता है।
​बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ का साइज
तथà¥â€à¤¯ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बेहतर होता है और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ के ऊतकों में à¤à¥€ बदलाव आता है जिससे वो बड़ी दिखने लगती हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ दूध बनाने के लिठतैयार हो रही होती हैं जिससे उनमें सूजन आ सकती है। हालांकि, इस बात का कोई पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है कि पेट में लड़का होने पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में कोई बदलाव आता है।
​ठंडे पैर
तथà¥â€à¤¯ : बà¥â€à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ ठीक न होने, डायबिटीज या बहà¥à¤¤ ही जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंडे मौसम की वजह से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के पैर ठंडे हो सकते हैं। इस बारे में अपने डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से बात करें।
​पेशाब का रंग
तथà¥â€à¤¯ : पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पेशाब का रंग बदलना आम बात है। पेशाब का रंग गहरा होना शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है जो कि मतली और उलà¥â€à¤Ÿà¥€ की वजह से हो सकता है। किसी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, दवा और सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट की वजह से à¤à¥€ पेशाब का रंग बदल सकता है और इसका शिशॠके सेकà¥â€à¤¸ से कोई संबंध नहीं है।
​मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥â€à¤¸
तथà¥â€à¤¯ : पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलावों के कारण मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥â€à¤¸ होते हैं और इसका न होना à¤à¥€ हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स से ही संबंधित होता है। इसका पेट में पल रहे बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिंग से कोई लेना-देना नहीं है।
​फूड कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग
तथà¥â€à¤¯ : इस बात को साबित करने के लिठकोई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ मौजूद नहीं है। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव, पोषण की कमी और कà¥à¤› मानसिक कारकों की वजह से कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग होती है। हालांकि, इस दिशा में अà¤à¥€ और रिसरà¥à¤š किठजाने की जरूरत है।
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