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पेट में पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ (वॉटर रिटेंशन) के हो सकते हैं ये 3 कारण, जानें लकà¥à¤·à¤£ और बचाव के उपाय
आहार में अधिक नमक, लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर में जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी जमा हो जाता है, इसे वॉटर रिटेंशन कहा जाता है।
वॉटर रिटेंशन होने पर पेट में सूजन हो सकती है, साथ ही वजन à¤à¥€ बढ़ सकता है। पेट में वॉटर रिटेंशन के लकà¥à¤·à¤£-
पेट में सूजन
वजन बढ़ना
पेट में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨
मतली या उलà¥à¤Ÿà¥€
अपच
निचले पैरों में सूजन
सांस लेने में दिकà¥à¤•त
बवासीर
à¤à¥‚ख न लगना
water retentio
पेट में वॉटर रिटेंशन के कारण (Water Retention in Stomach Causes)
पेट में वॉटर रिटेंशन के लिठकई कारण जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं।
1. हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव
2. अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में नमक का सेवन और
3. शरीर में जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी जमा होना वॉटर रिटेंशन के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण होते हैं।
लेकिन कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ पेट में पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ के कारण हो सकते हैं। लिवर सिरोसिस इसका à¤à¤• सबसे आम कारण माना जाता है। बहà¥à¤¤ अधिक शराब पीना लीवर के सिरोसिस के सबसे आम कारणों में से à¤à¤• है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के कैंसर à¤à¥€ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का कारण बन सकते हैं। वॉटर रिटेंशन हृदय रोग, डायलिसिस, कम पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सà¥à¤¤à¤° और संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण à¤à¥€ हो सकता है।
वॉटर रिटेंशन के कारण का पता लगाने के लिठपेट से तरल पदारà¥à¤¥ का नमूना लिया जाता है। यह नमूना सूई की मदद से लिया जाता है। इसके अलावा अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की मदद से à¤à¥€ इसकी जांच की जाती है।
वॉटर रिटेंशन से बचने के उपाय (Water Retention in Stomach Prevention Tips)
1. नमक सोडियम और कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ से बना होता है। सोडियम शरीर में पानी को बांधता है और कोशिकाओं के अंदर और बाहर तरल पदारà¥à¤¥ के संतà¥à¤²à¤¨ को बनाठरखने में मदद करता है। अगर आप à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाते हैं, जिनमें नमक की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है, तो आपका शरीर पानी बनाठरख सकता है। वॉटर रिटेंशन को कम करने के लिठसोडियम का सेवन कम करना मातà¥à¤°à¤¾ में करें।
2. मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सेवन बढ़ाने से जल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¤¾à¤°à¤£ को कम करने में मदद मिल सकती है। मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में नटà¥à¤¸, साबà¥à¤¤ अनाज, डारà¥à¤• चॉकलेट और पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शामिल हैं।
3. विटामिन बी 6 पानी में घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² à¤à¤• विटामिन है, जो लाल रकà¥à¤¤ कोशिका निरà¥à¤®à¤¾à¤£, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ चयापचय, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कारà¥à¤¯ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठजरूरी होता है। यह दà¥à¤°à¤µ संतà¥à¤²à¤¨ को à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है और जल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¤¾à¤°à¤£ को कम करने में मदद कर सकता है। केले, आलू, छोले, अखरोट और टूना विटामिन बी 6 के अचà¥à¤›à¥‡ सोरà¥à¤¸ हैं। इसके अलावा वॉटर रिटेंशन को कम करने के लिठपोटैशियम à¤à¥€ जरूरी होता है।
4. रिफाइंड कारà¥à¤¬ का सेवन सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में करें। उचà¥à¤š कारà¥à¤¬à¥à¤¸ लेने से जल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¤¾à¤°à¤£ में वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है।
5. वॉटर रिटेंशन को कम करने के लिठवॉक करना बहà¥à¤¤ जरूरी है।
6. पानी अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पिà¤à¤‚। पानी पीने से वॉटर रिटेंशन को कम करने में मदद मिल सकती है।
वॉटर रिटेंशन à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° और कषà¥à¤Ÿà¤¦à¤¾à¤¯à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। जीवनशैली, आहार में थोड़ा बहà¥à¤¤ बदलाव करके इसे थोड़ा कम किया जा सकता है। लेकिन इसके संपूरà¥à¤£ इलाज के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना जरूरी है। वॉटर रिटेंशन के लकà¥à¤·à¤£ नजर आने पर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें, आप इलाज शà¥à¤°à¥‚ करवाà¤à¤‚।
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