Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र या फिर यूरिन शà¥à¤—र कौन सी शà¥à¤—र जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक, जानें यूरिन या बà¥à¤²à¤¡ किस टेसà¥à¤Ÿ से मिलता है सही रिजलà¥à¤Ÿ
हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र या डायबिटीज à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है, जो मरीज की समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ जीवनशैली में बदलाव ला देती है। à¤à¤¸à¥‡ में खान पान से लेकर शारीरिक गतिविधियों तक के नियम बनाने अनिवारà¥à¤¯ हो जाते हैं। यहां जांच के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इलाज व परहेज का सवाल आता है। अकà¥à¤¸à¤° बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र व यूरिन शà¥à¤—र को लेकर आम जनता में à¤à¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¿ होती है कि आखिर शà¥à¤—र के बà¥à¤¤à¥‡ जोखिम का अंदेशा किसकी माप के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° लगाया जा सके? अकà¥à¤¸à¤° लोग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र और पेशाब में शà¥à¤—र को लेकर असमंजस की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सामना करते हैं। ये दोनों ही अलग-अलग तरीके से मापी जाती है। आइठजानते हैं दोनों में कौन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक है।
पेशाब में शà¥à¤—र होने के आमतौर पर हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल का à¤à¤• संकेत माना जाता है। आपके रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में मौजूद अतिरिकà¥à¤¤ शà¥à¤—र सिरà¥à¤« किडनी के माधà¥à¤¯à¤® से ही शरीर से बाहर निकलती है। à¤à¤¸à¤¾ तब होता है जह आपके रकà¥à¤¤ में शà¥à¤—र की सघनता 180mg/dl से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाती है। पेशाब में शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ की जांच के लिठआपको यूरिन टेसà¥à¤Ÿ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ª की जरूरत होती है, जिसके साथ ही à¤à¤• कंटेनर चाहिठहोता है।
दरअसल जानकारी के अà¤à¤¾à¤µ में अकà¥à¤¸à¤° आम लोगों में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र और यूरिन शà¥à¤—र दोनों को लेकर à¤à¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¿ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है, à¤à¤¸à¥‡ में दोनों के अलग अलग खतरे मान लिठजाते हैं और तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से किसी à¤à¤• को जोखिम à¤à¤°à¤¾ मान लिया जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में कई बार देखा गया है कि दोनों को अलग अलग बीमारियों की तरह न केवल देखा जाता है बलà¥à¤•ि बहà¥à¤¤ से लोग यूरिन में शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¤à¥€ मातà¥à¤° मिलने पर अचानक घबरा जाते हैं, जबकि मà¥à¤®à¤•िन है बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र उतनी न हो या मामूली यूरिन शà¥à¤—र किसी तरह का खतरा न दिखाठलेकिन बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो। दरअसल यहाठमाप की गलत पहचान से केस गंà¤à¥€à¤° या जोखिम à¤à¤°à¤¾ हो सकता है। यह बात निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित 2 बिनà¥à¤¦à¥à¤“ं से समà¤à¥€ जा सकती है :-
पेशाब में शà¥à¤—र का सही माप जानने के लिठआपको जरूरत होती है कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° से ये पता करें कि किस वकà¥à¤¤ का यूरिन चाहिठहोगा। इसके अलावा खाना खाने से पहले या बाद किस वकà¥à¤¤ का सैंपल बेसà¥à¤Ÿ रहेगा। जब आप खà¥à¤¦ से पेशाब में शà¥à¤—र की जांच करते हैं तो आपका यूरिप सैंपल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ नहीं होना चाहिà¤à¥¤ अगर आपको यूरिन टेसà¥à¤Ÿ कराना है तो आपको उसी वकà¥à¤¤ का पेशाब चाहिठहोगा ये नहीं कि आपने रात को पेशाब à¤à¤• कंटेनर में रख दिया और सà¥à¤¬à¤¹ उसका टेसà¥à¤Ÿ कराने जा रहे हैं। इस टेसà¥à¤Ÿ के लिठआपको सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ª सैंपल में डà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥€ है और दो मिनट देखना है कि उसका रंग कितनी तेजी से बदलता है।
यूरिन शà¥à¤—र से मिल सकता है गलत माप :-
डायबिटीज के कारण बà¥à¤²à¤¡ में बà¥à¥€ हà¥à¤ˆ शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ का असर किडनी के फ़िलà¥à¤Ÿà¤° और उसके संचालन पर पड़ता है जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥à¤ª समय बीतते बीतते यूरिन के ज़रिये शà¥à¤—र निकलने लगती है, और अकà¥à¤¸à¤° शà¥à¤—र का पहला संकेत पेशाब गाà¥à¤¾ आना, बार बार आना या अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में आने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में देखा जाता है। लेकिन यूरिन शà¥à¤—र के ज़रिये वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में शà¥à¤—र की सही माप अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ के मà¥à¤•ाबले यूरिन में आने वाली शà¥à¤—र कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है। इसलिठकेवल यूरिन में पाई जाने वाली शà¥à¤—र के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मान लिया जाना सही नहीं है।
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र से ही जानें शà¥à¤—र की सही माप :-
केवल बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र टेसà¥à¤Ÿ को ही तवजà¥à¤œà¥‹ दें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी माप से ही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की सही माप पता चलती है।
अब कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यूरिन शà¥à¤—र के ज़रिये सही माप का पता नहीं चलता, à¤à¤¸à¥‡ में गलत माप के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इलाज की दिशा तय करना जोखिम à¤à¤°à¤¾ हो सकता है। इसलिठबà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की माप को तवजà¥à¤œà¥‹ देनी चाहिà¤à¥¤ ताकि सही माप के साथ इलाज की सही दिशा à¤à¥€ तय की जा सके और सही जानकारी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो, साथ ही इस दौरान यूरिन से संब धित समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को नहीं नज़रंदाज़ करना चाहिठबलà¥à¤•ि इलाज करवाना चाहिà¤, लेकिन केवल यूरिन में होने वाली परेशानियों और शà¥à¤—र की माप से रोग का अंदाज़ा लगाना जोखिम à¤à¤°à¤¾ हो सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |