प्लेसेंटा के कार्य इन हिंदी?HealthPlanet

Posted on Sun 7th Apr 2019 : 01:26

अपरा (प्लेसेंटा) क्या है और यह किस तरह काम करती है
अपरा (प्लेसेंटा) क्या है और इसका क्या काम है?
गर्भनाल की क्या भूमिका है?
प्लेसेंटा किस तरह काम करती है?
गर्भाशय में अपरा किस जगह स्थित होती है?
कौन से हानिकारक तत्व अपरा से होकर शिशु तक पहुंचते हैं?
किस तरह की समस्याएं प्लेसेंटा को प्रभावित कर सकती हैं?
अपरा को स्वस्थ रखने के लिए मैं क्या कर सकती हूं?
शिशु के जन्म के बाद प्लेसेंटा का क्या होता है?

गर्भस्थ शिशु का विकास
गर्भवती महिला अपने पेट पर हाथ रखकर मुस्कुराती हुई महिलाजानिए सप्ताह दर सप्ताह किस तरह बढ़ता है आपका शिशु !
गर्भावस्था की बहुत सी विशिष्ट बातों में से एक यह भी है कि आप केवल एक नया जीवन ही विकसित नहीं करती, बल्कि एक पूरे नए अंग को भी विकसित करती हैं, जिसे अपरा (प्लेसेंटा) कहा जाता है। गर्भ में शिशु को विकसित होने और फलने-फूलने के लिए जो भी चाहिए होता है, वह अपरा के जरिये ही उस तक पहुंचता है।
अपरा (प्लेसेंटा) क्या है और इसका क्या काम है?
अपरा चपटे गोल पैनकेक के आकार का अंग होता है जो गर्भाशय की दीवार पर प्रत्यारोपित होता है और गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) के जरिये शिशु से जुड़ा होता है। गर्भावस्था के अंत तक अपरा का व्यास 20 सें.मी. (8 अंच ) और बीच से मोटाई करीब 2.5 सें.मी. (1 इंच) हो जाती है।

अपरा आपके शिशु के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी है। यह:

आपके शरीर से शिशु तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों (जैसे कि विटामिन, ग्लूकोज़ और पानी आदि) को पहुंचाता है
शिशु से अपशिष्ट पदार्थों जैसे कि कार्बन डाइऑक्साइड आदि को आपके शरीर तक पहुंचाता है
उन हॉर्मोनों का उत्पादन करता है जो शिशु के बढ़ने और विकसित होने के लिए जरुरी हैं
आपके रक्तप्रवाह के जरिये शिशु तक एंटीबॉडीज को पहुंचाता है, जो कि शिशु के पहले टीकाकरण तक उसकी सुरक्षा करते हैं


10 सप्ताह की गर्भावस्था के आसपास प्लेसेंटा शिशु को जरुरी पोषण देने का काम अपने जिम्मे ले लेती है। इससे पहले शिशु को पीत्तक झिल्ली (योक सैक) से पोषक तत्व मिलते हैं।
गर्भनाल की क्या भूमिका है?
आपका शिशु गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) के जरिये अपरा से जुड़ा होता है। गर्भनाल आपके शिशु के पेट और अपरा के बीच एक नलिका की तरह होती है। इस नलिका में एक अम्बिलिकल नस और दो अम्बिलिकल धमनियां होती हैं जो शिशु और प्लेसेंटा तक खून को लाती और ले जाती है

शिशु के जन्म के बाद गर्भनाल को काट दिया जाता है और जहां से यह शिशु से जुड़ी हुई थी वहां का घाव भर जाएगा और वहां नाभि बनेगी।
प्लेसेंटा किस तरह काम करती है?
नाभिनाल की धमनियां और नस अपरा में फैल जाती है और रक्त वाहिकाओं का समूह बन जाता है। ये रक्त वाहिकाएं आगे उत्तकों की हजारों अति सूक्ष्म शाखाएं (माइक्रोस्कोपिक 'फिंगर्स') में बंट जाती हैं, जिन्हें कोरियोनिक विलाइ कहा जाता है। रक्त वाहिकाएं और विलाइ पांच सप्ताह की गर्भावस्था में बनती हैं।

विलाइ के चारों तरफ आपका रक्त होता है। ये आपके रक्त में पोषक तत्वों और ऑक्सीजन को आने देती है और शिशु के रक्त से कार्बनडाईऑक्साइड और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती हैं। जब यह काम हो जाता है, तो फिर अम्बिलिकल धमनियों के जरिये रक्त फिर से शिशु तक संचारित हो जाता है।

विलाइ फिल्टर के तौर पर काम करती हैं। ये कुछ विषाणुओं (वायरस) और जीवाणुओं (बैक्टीरिया) को शिशु तक पहुंचने से रोकती हैं और आप जो कुछ खाती या पीती हैं उनके कणों के साथ-साथ एंटीबॉडीज, ऑक्सीजन और कार्बनडाईऑक्साइड शिशु तक जाने देती हैं।


गर्भाशय में अपरा किस जगह स्थित होती है?
निषेचित डिंब आपके गर्भाशय में जहां भी प्रत्यारोपित होता है वहीं अपरा भी प्रत्यारोपित होकर विकसित होती है। प्लेसेंटा की जगह अलग-अलग हो सकती है, हालांकि वैसे इसका आदर्श स्थान गर्भाशय के मध्य से ऊपर के हिस्से में होता है।

अपरा गर्भाशय में जिन जगहों पर सबसे ज्यादा जुड़ती है, उनमें शामिल हैं:

पीछे की तरफ (पोस्टीरियर): इसमें अपरा गर्भाशय की पीछे की दीवार पर स्थित होती है।
आगे की तरफ (एंटीरियर): इसमें अपरा गर्भाशय की आगे की दीवार पर स्थित होती है।
फंडल: जिसमें अपरा गर्भाशय की ऊपरी दीवार पर स्थित होती है।
दाएं या बाएं तरफ किनारे की स्थिति (लेफ्ट या राइट लेटरल पॉजिशन): जब अपरा गर्भाशय में दाएं या बाएं तरफ स्थित होती है।

कई बार, अपरा गर्भाशय में काफी नीचे की तरफ ग्रीवा के एकदम पास प्रत्यारोपित होती है। इसे अपरा का नीचे स्थित होना (लो-लाइंग प्लेसेंटा) कहा जाता है, और इसका पता 20 सप्ताह में होने वाले एनॉमली स्कैन के दौरान चलता है। कुछ बहुत ही दुर्लभ मामलों में, प्लेसेंटा ग्रीवा को ही ढक लेती है। इस स्थिति को अंग्रेजी में प्लेसेंटा प्रिविया कहा जाता है और इसका मतलब है कि शिशु का जन्म सीजेरियन ऑपरेशन के जरिये ही होगा।
कौन से हानिकारक तत्व अपरा से होकर शिशु तक पहुंचते हैं?
अपरा से होकर शिशु तक जहां बहुत सी जरुरी चीजें पहुंचती हैं, वहीं कुछ हानिकारक चीजें भी शिशु तक पारित हो जाती हैं। इनमें शामिल हैं:

कैफीन
शराब (एल्कोहॉल)
निकोटिन
ड्रग्स
कुछ विशिष्ट दवाएं

कुछ मात्रा में कैफीन का सेवन गर्भस्थ शिशु के लिए सुरक्षित है, मगर बहुत ज्यादा मात्रा नुकसानदेह हो सकती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 200 मि.ग्रा. से ज्यादा कैफीन का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। कैफीन बहुत से उत्पादों में होता है, जिनके बारे में शायद आपको पता भी न हो, जैसे कि चॉकलेट, कई सॉफ्ट ड्रिंक्स, ग्रीन टी, ब्लैक टी और कॉफी आदि। यदि आप नहीं जानती हों कि आपके पसंदीदा पेय में कैफीन है या नहीं, तो लेबल पर दी गई सामग्री की सूची पढ़ें।

गर्भावस्था में कितनी मात्रा में शराब का सेवन सुरक्षित है इस बारे में कोई सीमा तय नहीं है, इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जब आप माँ बनने वाली हों तो शराब का सेवन बंद कर दें। यह बात धूम्रपान और ड्रग्स के लिए भी लागू होती है। बिना डॉक्टरी पर्ची के दवा की दुकान पर मिलने वाली कुछ दवाएं भी गर्भावस्था में सुरक्षित नहीं होती, इसलिए इस बारे में कैमिस्ट या डॉक्टर से बात करें।
किस तरह की समस्याएं प्लेसेंटा को प्रभावित कर सकती हैं?
प्रेगनेंसी और डिलीवरी के दौरान जो जटिलताएं अपरा को प्रभावित कर सकती हैं, उनमें शामिल हैं:

समय से पहले अपरा का काल प्रभावन या कैल्सीकरण (एजिंग एंड कैल्सीफिकेशन)। यह तब होता है जब गर्भावस्था के दौरान अपरा में होने वाले प्राकतिक बदलाव उम्मीद से काफी पहले होने लगें।
गर्भ में बाकी रह गई अपरा (रिटेन्ड प्लेसेंटा)। यह स्थिति तब होती है जब डिलीवरी के बाद पूरी प्लेसेंटा या इसके कुछ हिस्से और इससे जुडी झिल्लियां गर्भाशय में सामान्य से ज्यादा समय तक रहें।
अपरा का खंडन (प्लासेंटल एबरप्शन)। यह तब होता है जब अपरा शिशु के जन्म से पहले ही गर्भाशय की दीवार से हटना शुरु हो जाती है। इसकी वजह से तेज रक्तस्त्राव (ब्लीडिंग) हो सकता है।
अपरा का नीचे स्थित होना और प्लेसेंटा प्रिविया। ऐसा तब होता है जब प्लेसेंटा आपके गर्भ में नीचे की तरफ ग्रीवा के पास या ग्रीवा को ढके हुए रहे।
प्लेसेंटा एक्रीटा। यह प्लेसेंटा प्रिविया की एक दुर्लभ मगर गंभीर जटिलता है। ऐसा तब होता है जब अपरा गर्भाशय की दीवार में खुद को बहुत गहराई में प्रत्यारोपित कर ले। इस स्थिति में अपरा डिलीवरी के बाद बाहर निकलने की बजाय गर्भाशय से जुड़ी ही रहती है।

अपरा को स्वस्थ रखने के लिए मैं क्या कर सकती हूं?
यह जरुरी है कि गर्भवती होने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपको सभी टीके लगे हुए हैं। कुछ वायरस प्लेसेंटा से होते हुए शिशु तक पहुंच सकते हैं। उदाहरण के तौर पर रुबेला या चिकनपॉक्स यदि गर्भावस्था के दौरान हो जाए तो शिशु में गंभीर जन्मजात दोष पैदा कर सकते हैं।

जब आप गर्भवती होती हैं, तो स्वस्थ अपरा और स्वस्थ शिशु के लिए आप निम्नांकित कदम उठा सकती हैं:

डॉक्टर के पास अपने सभी प्रसवपूर्व चेक-अप के लिए जाएं और यदि कोई स्वास्थ्य समस्या हो जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर तो इसका इलाज करवाएं, वरना ये प्लेसेंटा से जुड़ी परेशानी पैदा कर सकती हैं।
कोई भी दवा लेने से पहले अपनी डॉक्टर से अवश्य पूछ लें। बहुत सी दवाएं प्लेसेंटा को पार कर शिशु तक पहुंच सकती हैं और यह उसके लिए हानिकारक है।
गर्भावस्था के दौरान लगाए जा सकने वाले टीकों जैसे कि फ्लू का टीका आदि के बारे में डॉक्टर से बात करें। फ्लू गर्भस्थ शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है और गर्भावस्था के दौरान टीका लगवाने से इसकी एंटीबॉडीज अपरा से होते हुए शिशु तक पहुंचती है। इससे नवजात शिशु का फ्लू होने से बचाव होगा।
शराब न पीएं और धूम्रपान या ड्रग्स न लें। प्लासेंटल एबरप्शन जैसे समस्याएं उन महिलाओं में ज्यादा आम हैं जो धूम्रपान करती हैं या कोकेन जैसी ड्रग्स लेती हैं।
स्वस्थ व संतुलित आहार का सेवन करें और अत्याधिक वसायुक्त तैलीय और मीठे भोजनों के सेवन से बचें।
तनाव कम करने वाली गतिविधियां जैसे कि योग और हल्के व्यायाम आदि करें। शोध दर्शाती है कि प्रेगनेंसी के दौरान रिलैक्स्ड और पॉजिटिव रहने से शिशु तक स्ट्रेस हॉर्मोन पारित होने से बचाव होगा।

शिशु के जन्म के बाद प्लेसेंटा का क्या होता है?
शिशु के जन्म के कुछ मिनटों बाद अपरा गर्भाशय की दीवार से हटना शुरु हो जाती है और योनि के जरिये बाहर निकाली जाती है। इसे प्रसव का तीसरा चरण कहा जाता है।

यदि आपका सीजेरियन ऑपरेशन हुआ है तो डॉक्टर गर्भनाल को खींचकर अपरा को बाहर निकालेंगी।

जन्म के बाद भी अपरा शिशु को ऑक्सीजन युक्त रक्त और स्टेम सेल्स देना जारी रखती है, जो शिशु के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि गर्भनाल को काटने से पहले एक से पांच मिनट का इंतजार किया जाना चाहिए।

प्लेसेंटा के डिलीवर होने के बाद डॉक्टर इसकी और झिल्लियों की जांच करेंगे ताकि सुनिश्चित हो सके कि गर्भ के भीतर कुछ भी बाकी नहीं रहा है।

solved 5
wordpress 7 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info