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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का दूसरा महीना शà¥à¤°à¥‚ होते ही शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आने लगते हैं। बेशक, पहली बार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठये बदलाव कà¥à¤› परेशानी à¤à¤°à¥‡ हो सकते हैं, लेकिन इनका अनà¥à¤à¤µ à¤à¥€ अपने आप में खास होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मां बनने के सà¥à¤–द अहसास की ओर यह दूसरा कदम जो है।
मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने यानी पांचवें से आठवें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बारे में चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे। दूसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ नज़र आते हैं, शरीर में कà¥à¤¯à¤¾ बदलाव होते हैं, इस दौरान कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤, à¤à¤¸à¥‡ तमाम पहलà¥à¤“ं के बारे में हम विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताà¤à¤‚गे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने के लकà¥à¤·à¤£ |
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ बदलने लगते हैं। हालांकि, इस महीने के कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ पहले महीने जैसे ही होते हैं, लेकिन इसी के साथ कà¥à¤› नठलकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ नज़र आते हैं। ये कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार के हो सकते हैं :
अगर आपकी बà¥à¤°à¤¾ टाइट होने लगी है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बढ़ने से हो रहा है। इन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ के कारण सà¥à¤¤à¤¨ का आकार बढ़ने लगता है। इसके अलावा, निपà¥à¤ªà¤² के आसपास का à¤à¤¾à¤— कड़ा हो सकता है।
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ में बदलाव के कारण सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ चिड़चिड़ा हो जाता है।
आपको मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस हो सकती है, जिसमें जी मिचलना, चकà¥à¤•र आना व उलà¥à¤Ÿà¥€ आने जैसा अहसास होगा।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दूसरे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव
इस महीने आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़कर à¤à¤• संतरे के आकार का हो जाता है।
आपको बार-बार पेशाब आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के फैलने के कारण होता है।
थोड़ी-थोड़ी देर में कà¥à¤› न कà¥à¤› खाने का मन करता है। वहीं कà¥à¤› महिलाओं को फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° के दौरान à¤à¥‚ख बहà¥à¤¤ कम लगने लगती है, जिससे उनका वजन à¤à¥€ कम हो जाता है।
योनि में दरà¥à¤¦, खà¥à¤œà¤²à¥€ व उससे हलà¥à¤•ा रकà¥à¤¤ आ सकता है। बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने पर अपनी गायनो से जरूर परामरà¥à¤¶ लें।
शारीरिक बदलाव होने के कारण सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है।
आपका वज़न पहले से थोड़ा बढ़ने लगता है। कà¥à¤› महिलाओं का वजन कम होने लगता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान उलà¥à¤Ÿà¥€ और जी मिचलाने की शिकायत होना आम बात है। मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस की वजह से महिलाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कम खाना खाती हैं, जिससे उनका वजन कम होने लगता है।
इस दौरान कई चीजोंं की गंध पसंद नहीं आती। अब किसे, कौन सी गंध परेशान करती है, यह हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का अपना अलग अनà¥à¤à¤µ होता है।
इस दौरान सीने में जलन à¤à¥€ हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास और आकार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास के बारे में जानना बेहद सà¥à¤–द अनà¥à¤à¤µ है। हर मां अपने होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के विकास को महसूस करती है और उसे समà¤à¤¤à¥€ है। जानिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास कैसे होता है और उसका आकार कितना होता है:
दूसरे महीने में à¤à¥à¤°à¥‚ण का आकार करीब 1 इंच का हो जाता है (1) और उसका वज़न करीब 14 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक हो सकता है।
इस महीने तक à¤à¥à¤°à¥‚ण का हृदय काम करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है और दिमाग à¤à¥€ विकसित होने लगता है।(1)
आंख, नाक, होंठ, लिवर और कान बनने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं। इसके अलावा दांत बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में देखà¤à¤¾à¤²
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ हर महिला के लिठà¤à¤• नाज़à¥à¤• दौर है। इस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होता है, ताकि वह à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® दे सके। यहां हम आपको बता रहे हैं कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ की दूसरे महीने में कैसी देखà¤à¤¾à¤² करनी चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤? |
फोलेट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥: फोलेट यानी फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ विटामिन-बी का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरण में लेना जरूरी है। यह शिशॠकी रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और दिमागी विकास के लिठजरूरी है। इसके लिठआप पालक, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, नटà¥à¤¸, बींस, चिकन, मांस व साबà¥à¤¤ अनाज का सेवन कर सकती हैं। (3) इसके अलावा, डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको जरूरत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के अनà¥à¤ªà¥‚रक à¤à¥€ दे सकते हैं।
आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨: आयरन शरीर के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आयरन की कमी से à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की शिकायत हो सकती है। इसके लिठआप सेब, पालक व हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खा सकती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में केवल आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ ही काफ़ी नहीं है, इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको आयरन के अनà¥à¤ªà¥‚रक à¤à¥€ दे सकते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° तीसरे महीने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° आयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट रिकमेंड करते हैं।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की ज़रूरत बढ़ जाती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सखà¥à¤¤ होनी शà¥à¤°à¥‚ जाती हैं। इसके लिठआप डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जैसे दूध, दही, पनीर आदि का सेवन कर सकती हैं।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨: इस दौरान पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ लेना ज़रूरी है। दालें, दूध व अंडे जैसी चीजोंं में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤?
कà¥à¤› चीज़ें à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ हैं, जिनका सेवन आपको नहीं करना चाहिà¤à¥¤ आइठजानते हैं गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने के दौरान कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठ:
कचà¥à¤šà¤¾ मांस: इस दौरान कचà¥à¤šà¤¾ मांस खाने से बचें। इसमें लिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होता है, जो शिशॠके विकास में बाधा पहà¥à¤‚चाता है।
सॉफà¥à¤Ÿ चीज़: दूसरे महीने में सॉफà¥à¤Ÿ चीज़ खाने से बचें, इससे बचà¥à¤šà¥‡ और मां दोनों को नà¥à¤•सान हो सकता है।
शराब व तंबाकू: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शराब व तंबाकू का सेवन करना मां व शिशॠदोनों के लिठहानिकारक है।
कचà¥à¤šà¥‡ अंडे: इस दौरान कचà¥à¤šà¤¾ अंडा न खाà¤à¤‚। कचà¥à¤šà¥‡ अंडे के सेवन से सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा हो सकता है। इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ लग सकते हैं।
उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° मरà¥à¤•री वाली मछली: इस तरह की मछलियां खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ सà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¶à¤®à¥ˆà¤•ेरेल, मारà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¯à¤¾à¤¶à¤¾à¤°à¥à¤•, किंगमैकेरेल औरटाइलफिशजैसी मछलियों में मरà¥à¤•री का सà¥à¤¤à¤° ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। इनसे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में बाधा आती है।
गैर पाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गैर पाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध नहीं पीना चाहिà¤à¥¤ इसमें लिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होता है, जिससे गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ और समय पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ का ख़तरा बढ़ सकता है। (4)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ समय में योग और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® काफ़ी फ़ायदेमंद रहते हैं। आप à¤à¤• सही पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• की निगरानी में रहकर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में हलà¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें और इसे रोज़ाना 30 मिनट तक करने की कोशिश करें। आप यहां बताठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® दूसरे महीने के दौरान कर सकती हैं :
तकरीबन 20 मिनट रोज़ाना सैर करने की कोशिश करें।
आप चाहें तो कà¥à¤› देर के लिठतैराकी à¤à¥€ कर सकती हैं।
वेट टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग जैसे वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकती हैं।
इसके अलावा अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम व धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने जैसे योग आपके लिठफ़ायदेमंद साबित हो सकते हैं।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि कमर के बल मà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ वाले और पेट मोड़ने वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से बचें।
नोट : कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से पहले à¤à¤• बार अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ आवशà¥à¤¯ लें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने के दौरान सà¥à¤•ैन और परीकà¥à¤·à¤£
खान-पान व वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने के अलावा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के लिठज़रूरी है कि वह समय-समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जांच करवाà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° हर महीने निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित जांच करते हैं :
यूरिन टेसà¥à¤Ÿ
शà¥à¤—र की जांच: इसके जरिठपता किया जाता है कि शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° सही है या नहीं।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ: इसमें किडनी व उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की जांच की जाà¤à¤—ी।
रकà¥à¤¤ जांच
हिमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ और आयरन के सà¥à¤¤à¤° की जांच की जाà¤à¤—ी।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को कहीं कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£ तो नहीं है, इसकी जांच की जाà¤à¤—ी।
साथ ही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के वज़न की जांच à¤à¥€ की जाà¤à¤—ी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने के दौरान सावधानियां
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आपको कà¥à¤¯à¤¾ करना है और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं करना, इसकी जानकारी रखना ज़रूरी है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ करें?
जà¥à¤¼à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम करें। यह होने वाले शिशॠऔर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ दोनों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है।
खूब तरल पदारà¥à¤¥ का सेवन करें और खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और अनà¥à¤¯ अनà¥à¤ªà¥‚रक लेते रहें।
फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को खाने से पहले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¥€ तरह धोà¤à¤‚ और उनका छिलà¥à¤•ा हटाकर खाà¤à¤‚।
à¤à¤• बार में à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने की जगह दिनà¤à¤° में थोड़ा-थोड़ा और कई बार खाà¤à¤‚। इससे खाना पचाने में आसानी होगी।
इस महीने में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ आना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है, इसलिठसपॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ बà¥à¤°à¤¾ पहनना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं।
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