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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिलाओं के लिठसबसे चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ यह समà¤à¤¨à¤¾ होता है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ खाना-पीना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं। इस कशमकश और लोगों से मिलने वाली तरह-तरह की राय से अकà¥à¤¸à¤° महिलाà¤à¤‚ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ चीजों का सेवन कर लेती हैं, जो उनके और उनके गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहानिकारक साबित हो सकती हैं। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में शामिल है चाय। जी हां, चाय गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• और हानिकारक दोनों साबित हो सकती है। बस जरूरत है तो चाय से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को जानने की, जो हम आपको मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में बताà¤à¤‚गे।
लेख में सबसे पहले जानिठकि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चाय पीना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है या नहीं।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चाय पीना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है? |
हां, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चाय का सेवन सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है, लेकिन आपको इसे संयमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही पीना चाहिà¤à¥¤ इसकी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में हम आपको लेख के अगले हिसà¥à¤¸à¥‡ में बताà¤à¤‚गे। उससे पहले आपको बता दें कि चाय की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पॉलीफेनोल और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं, जो आपके हृदय को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ रखते हैं और आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बेहतर करते हैं। साथ ही आपके लिठयह जानना à¤à¥€ जरूरी है कि चाय पीने के कई दà¥à¤·à¥à¤ªà¤°à¤¿à¤£à¤¾à¤® à¤à¥€ हो सकते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें कैफीन होता है (1)। लेख में आगे हम आपके कैफीन की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ और इसके जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन से होने वाले नà¥à¤•सान के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताà¤à¤‚गे।
चलिà¤, इससे पहले जान लेते हैं कि चाय में कितना कैफीन मौजूद होता है।
चाय में कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में कैफीन मौजूद होता है?
à¤à¤• कप चाय में कैफीन की मातà¥à¤°à¤¾ कितनी होती है, यह कई कारकों पर निरà¥à¤à¤° करता है। जैसे कि चाय की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग, उसे किस समय व कैसे बनाया गया और किस तापमान में उबाला गया है। आमतौर पर, दूध की चाय, काली चाय व गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी सहित अनà¥à¤¯ तरह की à¤à¤• कप चाय में लगà¤à¤— 30 से 50 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कैफीन होता है, जबकि हरà¥à¤¬à¤² चाय में कैफीन मातà¥à¤°à¤¾ काफी कम होती है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जड़ी बूटी चाय को à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ विकलà¥à¤ª माना जाता है (2)।
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के अगले हिसà¥à¤¸à¥‡ में जानिठकि कौन-सी चाय पीना गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ साबित हो सकता है। साथ ही चाय पीने के फायदे के बारे में à¤à¥€ हम आपको आगे बताà¤à¤‚गे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कौन-सी चाय सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है? |
हरà¥à¤¬à¤² चाय को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरानी पीना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है। हालांकि, इनमें à¤à¥€ कैफीन मौजूद होता है, लेकिन यह इतना कम होता है कि शरीर पर कोई दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं छोड़ता (3)। इसके अलावा, आप नॉरà¥à¤®à¤² चाय में पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ और अनà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, तो यह कैफीन की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करने में मदद करते हैं। आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ चाय की à¤à¤• सूची नीचे पढ़ सकते हैं।
अदरक की चाय: अदरक की चाय के सेवन से मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस, सरà¥à¤¦à¥€ व गले में खराश को दूर किया जा सकता है। आप अदरक के कà¥à¤› टà¥à¤•ड़ों को गरà¥à¤® पानी में उबालकर इसमें शहद डालकर सेवन कर सकती हैं। वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• रूप से आप इसमें दूध à¤à¥€ मिला सकती हैं (4)।
नेटल टी: नेटल टी पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चाय है। इसमें विटामिन, आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटैशियम और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पाया जाता है। दरअसल, इसके सेवन से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध अचà¥à¤›à¥‡ से बनने लगता है और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद à¤à¥€ शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ बनाठरखने में मदद मिलती है (4)।
रासà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€ की पतà¥à¤¤à¥€ वाली चाय: यह चाय आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। इस जड़ी बूटी में मौजूद खनिज गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियों को टोन करती हैं, जिसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। साथ ही रासà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€ की पतà¥à¤¤à¥€ की चाय पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® हेमरेज यानी पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ को रोकने में मदद करती है (5) (6)।
डंडेलियन (सिंहपरà¥à¤£à¥€) लीफ टी: सिंहपरà¥à¤£à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से बनने वाली चाय में आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और पोटैशियम उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। यह पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आखिरी समय में शरीर में पानी के जमाव यानी वॉटर रिटेंशन को रोकती है (6)।
पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ की चाय : पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ की चाय गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को होने वाली बेचैनी, उलà¥à¤Ÿà¥€ और जी-मिचलाने की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम कर सकती है। इसके सेवन से पाचन संबंधी परेशानी à¤à¥€ दूर होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह आपके पेट की मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाने में मदद करती है (7)।
रूइबोस (Rooibos) चाय: इस चाय में उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन, जिंक, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं। यह चाय शरीर में रोग उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले मà¥à¤•à¥à¤¤ कणों से à¤à¥€ शरीर को बचाती है और डिटॉकà¥à¤¸ करती है। यह आपके शरीर में आयरन के अवशोषण (Absorption) में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° करती है साथ ही à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़कर आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ यानी इमà¥à¤¯à¥‚निटी में सà¥à¤§à¤¾à¤° करती है (8)।
कैमोमाइल (Chamomile) चाय: कैमोमाइल को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना गया है। इसलिà¤, इसके सेवन से कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी को दूर किया जा सकता है। यह आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है। वैसे अगर आपको फूलों के पराग (Pollen) या बीज से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो आपको इसके सेवन से बचना चाहिठ(7) (5)।
लेमन बाम टी : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में रिलेकà¥à¤¸ फील करने के लिठइस चाय को पीने की सलाह दी जाती हैं। माना जाता है कि लेमन बाम टी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाले चिड़चिड़ेपन, घबराहट और अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने में मदद करती है (9)।
कौन-कौन सी चाय का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फायदेमंद है, यह तो हम आपको बता ही चà¥à¤•े हैं। चलिà¤, अब बात करते हैं चाय पीने के फायदे के बारे में।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चाय पीने के फायदे
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• चाय में अलग गà¥à¤£ मौजूद होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप अपनी जरूरत के हिसाब से चाय का चयन कर सकती हैं। ऊपर लेख में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ चाय और उनके फायदे आपको बता चà¥à¤•े हैं। अब आपको चयन करना होगा कि आपकी शारीरिक आवशà¥à¤¯à¤•ता कà¥à¤¯à¤¾ है। हालांकि, हम यहां सà¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ चाय में मौजूद कà¥à¤› आम फायदों के बारे में à¤à¥€ बात करेंगे, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम ऊपर à¤à¥€ बता चà¥à¤•े हैं।
मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस को कम करने में मदद।
दसà¥à¤¤ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने में सहायक।
शरीर में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट की आपूरà¥à¤¤à¤¿à¥¤
तनाव और चिंता के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में योगदान।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को तैयार करना।
आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ देना।
हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहने में मदद।
मूड को बेहतर बनाने और ऊरà¥à¤œà¤¾ के लिà¤à¥¤
चाय से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ इतनी अहम जानकारियों को जानने के बाद आपको यह जानना à¤à¥€ जरूरी है कि à¤à¤• दिन में कितनी चाय पीनी चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आपको कितनी चाय पीनी चाहिà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान, आपको पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन 200 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® तक कैफीन का ही सेवन करना चाहिà¤à¥¤ जैसा कि हम आपको लेख में ऊपर बता चà¥à¤•े हैं कि à¤à¤• कप चाय में 30 से 50 या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कैफीन होता है (2)। à¤à¤¸à¥‡ में आप दिनà¤à¤° में तीन से चार कप चाय पी सकती हैं (10) (11)।
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