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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उलà¥à¤Ÿà¥€ कब शà¥à¤°à¥‚ होती है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उलà¥à¤Ÿà¥€ और जी-मिचलाने की समसà¥à¤¯à¤¾ चौथे से छठे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ यानी पहली तिमाही में शà¥à¤°à¥‚ होती है। यही वो समय होता है, जब मासिक धरà¥à¤® बंद होने के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¥à¤°à¥‚ण पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ होता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दूसरे महीने में मतली होना और उलà¥à¤Ÿà¥€ होने की समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है और 12वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से 18वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच यह समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤› हद तक कम हो सकती है। पहली तिमाही खतà¥à¤® होते-होते यह समसà¥à¤¯à¤¾ कम हो सकती है, लेकिन कà¥à¤› मामलों में यह समसà¥à¤¯à¤¾ लंबे समय तक रह सकती है (3)। कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ बढ़ जाती है, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के लिठहानिकारक साबित हो सकती है। इस बढ़ी हà¥à¤ˆ समसà¥à¤¯à¤¾ को हाइपरमेसिस गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤¡à¥‡à¤°à¤® कहा जाता है (4)। वहीं, कà¥à¤› महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बिलà¥à¤•à¥à¤² उलà¥à¤Ÿà¥€ महसूस नहीं होती है, यह à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में उलà¥à¤Ÿà¥€ और मतली के कारण
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और हाइपरमेसिस गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤¡à¥‡à¤°à¤® के सटीक कारणों का पता नहीं चल सकता है, लेकिन कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ कारण हैं, जिनसे पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में जी-मिचलाने और उलà¥à¤Ÿà¥€ आने की समसà¥à¤¯à¤¾ बन सकती है, जैसे :
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का मानना है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में उलà¥à¤Ÿà¥€ और मिचली आने का कारण à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में वृदà¥à¤§à¤¿ होना हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाते हैं।
अगर आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान तनाव में रहती हैं, तो à¤à¥€ मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस हो सकती है (6)।
इसके पीछे अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारण à¤à¥€ हो सकता है। अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ की मां को à¤à¥€ हाइपरमेसिस गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤¡à¥‡à¤°à¤® की समसà¥à¤¯à¤¾ रही है, तो हो सकता है उसे à¤à¥€ इससे जूà¤à¤¨à¤¾ पड़े। आपको बता दें कि 28 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं को जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, वो समसà¥à¤¯à¤¾ उनकी मां को à¤à¥€ रह चà¥à¤•ी होती है। वहीं, 19 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामलों में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ की बहन को à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो चà¥à¤•ी होती है (3)।
इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पाचन कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम हो जाती है, जिससे उचà¥à¤š फैट वाला खाना पच नहीं पाता। इस कारण à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ और मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी के कारण à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का विषैला जीवाणॠहै, जो पेट में पाया जाता है (7)।
अगर गरà¥à¤ में à¤à¤• से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥à¤°à¥‚ण हैं, तो à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनते हैं, जिस कारण मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस की परेशानी अधिक हो सकती है।
अगर आपका वजन सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको जांच के बाद बेहतर बताà¤à¤‚गे।
अगर आप 30 साल की उमà¥à¤° के बाद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करती हैं।
माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨, गैस व उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने पर à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में उलà¥à¤Ÿà¥€ और मतली के लिठकà¥à¤¯à¤¾ उपचार हैं? | Pregnancy Me Vomiting Ka Ilaj
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में उलà¥à¤Ÿà¥€ और मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ने पर समय रहते उपचार करने की ज़रूरत होती है। नीचे हम मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के कà¥à¤› कारगर उपाय बताने जा रहे हैं (9) :
थोड़ा-थोड़ा खाà¤à¤‚ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जी-मिचलाने और उलà¥à¤Ÿà¥€ आने की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठआप थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाती रहें। à¤à¤¸à¤¾ करने से मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस से राहत मिलेगी।
डà¥à¤°à¤¿à¤ª चढ़वाना : जिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराया जा सकता है। वहां, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डà¥à¤°à¤¿à¤ª चढ़वाने की ज़रूरत पड़ सकती है। इससे दà¥à¤°à¤µ पदारà¥à¤¥ को सीधा नस के जरिठशरीर में पà¥à¤°à¤µà¤¿à¤·à¥à¤Ÿ करवाया जाता है।
à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° : हाथ पर à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° करने से à¤à¥€ मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस को कम किया जा सकता है (10)।
टोटल पैरेंटरल नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ : जब यह समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाती है, तो शरीर को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पोषक ततà¥à¤µ इनà¥à¤œà¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (IV) के जरिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को दिठजाते हैं।
आइà¤, अब जानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उलà¥à¤Ÿà¥€ को कैसे नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में उलà¥à¤Ÿà¥€ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के उपाय | Pregnancy Me Ulti Rokne Ke Upay
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जी-मिचलाने और उलà¥à¤Ÿà¥€ आने की समसà¥à¤¯à¤¾ दिन में किसी à¤à¥€ समय हो सकती है। हो सकता है कि कि आपको किसी गंध पर उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसा महसूस हो जाà¤à¥¤ इसके अलावा, किसी विशेष खाने पर या फिर रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा कम होने पर आपको उलà¥à¤Ÿà¥€ आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। नीचे हम कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ बता रहे हैं, जो इस समसà¥à¤¯à¤¾ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करेंगे :
à¤à¤¸à¤¾ खानपान खाà¤à¤‚, जिसमें उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ हो, जैसे – बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ बà¥à¤°à¥‡à¤¡ व दालें आदि। इसके अलावा, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजें जैसे बीनà¥à¤¸, मटर व पनीर आदि खाने से फायदा मिल सकता है।
फलों का सेवन करें जैसे केला, कीवी, तरबूज व सेब आदि। इसके अलावा, फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाने के लिठसूखे मेवों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। आप डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और कबà¥à¤œà¤¼ की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठनींबू व हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन कर सकती हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और कबà¥à¤œ होने से à¤à¥€ मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (11)।
सà¥à¤¬à¤¹ उठकर कà¥à¤› बिसà¥à¤•à¥à¤Ÿ खाà¤à¤‚। इनमें पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होते हैं, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मिचली और उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिलाते हैं।
हमेशा खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखें। दिन में आठसे दस गिलास पानी जरूर पिà¤à¤‚। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आप खाना खाने के बीच में और खाना खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद पानी न पिà¤à¤‚। हमेशा खाना खाने के à¤à¤• घंटे बाद पानी पिà¤à¤‚। यह आपको गैस और बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की समसà¥à¤¯à¤¾ से दूर रखेगा, जो जी-मिचलाने का à¤à¤• कारण बन सकता है।
घर की खिड़कियां खà¥à¤²à¥€ रखें और ताजी हवा लें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान उलà¥à¤Ÿà¥€ आने की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पाने के लिठआप अदरक का सेवन कर सकती हैं (12)। अदरक इस समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिलाने में काफी कारगर साबित हो सकता है। आप चाहें तो अदरक की चाय à¤à¥€ बनाकर पी सकती हैं।
नींबू सूंघने से à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पाई जा सकती है। कहा जाता है कि नींबू की महक से जी-मिचलाना कम हो सकता है (13)।
अपने पेट को खाली न रहने दें, 1-2 घंटे में कà¥à¤› न कà¥à¤› खाती रहें।
थकावट से यह समसà¥à¤¯à¤¾ और à¤à¥€ बढ़ सकती है, इसलिठजरूरी है कि आप पूरा आराम करें।
फलों का रस à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिलाने में मदद करता है, लेकिन खटà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ फलों का जूस न लें
à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद मतली को कैसे रोकें?
कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ जैसे ही खाना खाती हैं, उनका जी-मिचलाने लगता है। यहां हम बता रहे हैं कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ को कैसे कम किया जा सकता है :
आप खाना खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद न लेटें। इससे पाचन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कमजोर पड़ती है और जी-मिचलाने लगता है।
आप खाना खाने के कà¥à¤› देर बाद हर बार हलà¥à¤•ा-हलà¥à¤•ा बà¥à¤°à¤¶ करें। इसके अलावा, अगर कà¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ हो, तो उसके बाद à¤à¥€ बà¥à¤°à¤¶ करना चाहिà¤à¥¤
खाना खाने के बाद à¤à¤• नींबू पर थोड़ा-सा नमक लगाकर चाटने से आपको जी-मिचलाने से राहत मिलेगी।
आप हलà¥à¤•ा, कम तेल मसाले का खाना खाà¤à¤‚, जिसे पचाने में आसानी हो। इस दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेल मसाले वाला खाने से à¤à¥€ जी-मिचला सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचने में देर लगती है।
आपको बता दें कि मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और उलà¥à¤Ÿà¥€ आना गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का à¤à¤¸à¤¾ दौर होता है, जो कà¥à¤› समय बाद खà¥à¤¦-ब-खà¥à¤¦ ठीक हो जाता है। हालांकि, शà¥à¤°à¥‚ के तीन महीनों में आपको इससे काफी परेशानी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे यह समसà¥à¤¯à¤¾ खà¥à¤¦ ठीक हो जाà¤à¤—ी। अगर यह समसà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो रही है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करने में देरी न करें।
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