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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान वजन बढ़ना कितना सामानà¥à¤¯? जानें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ की सेहत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अहम बातें
किसी à¤à¥€ महिला के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बहà¥à¤¤ ही नाजà¥à¤• और अहम समय होता है। à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के अंदर शिशॠपल रहा होता है, जो नौ महीने बाद दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हर महिला के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिला के शरीर में कई बदलाव आते हैं। इन बदलावों में à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का बढ़ता वजन à¤à¥€ होता है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का वजन बढ़ना सामानà¥à¤¯ बात है लेकिन à¤à¤• सवाल जो हर महिला के मन में रहता है कि कितना वजन बढ़ना सही रहेगा? कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अधिक वजन बढ़ने के कारण पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान परेशानी हो सकती है? पहली बार मां बनने जा रही महिलाà¤à¤‚ वजन बढ़ने से चिंतित हो जाती हैं और अपनी डाइट पर नियंतà¥à¤°à¤£ करने लगती हैं। हालांकि बिना सोचे समà¤à¥‡à¤‚ डाइट या वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के जरिठवजन कम करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के लिठनà¥à¤•सानदायक हो सकता है। इसलिठसबसे पहले तो आपको ये पता होना चाहिठकि à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठवजन बढ़ना कितना सामानà¥à¤¯ है? कà¥à¤¯à¤¾ वजन बढ़ने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में वजन बढ़ने का कारण
गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिला का वजन बढ़ने का à¤à¤• कारण होता है कि माता के शरीर में बचà¥à¤šà¥‡ का वजन à¤à¥€ शामिल हो जाता है। अगर जà¥à¥œà¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ हैं तो 15 से 20 किलो तक वजन बà¥à¤¨à¤¾ सामानà¥à¤¯ है। इसके अलावा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के सà¥à¤¤à¤¨ के आकार में वृदà¥à¤§à¤¿ होने, नाल के आकार में बढ़ोतरी, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के आकार में वृदà¥à¤§à¤¿ होने और शरीर में अतिरिकà¥à¤¤ रकà¥à¤¤ व तरल पदारà¥à¤¥ बनने के कारण à¤à¥€ वजन बढ़ने लगता है।
कब बढ़ना शà¥à¤°à¥‚ होता है गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का वजन गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले तीन महीनों में महिला का सामानà¥à¤¯ वजन होता है, लेकिन बाद में हर सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पौना या 1 किलो तक वजन बॠसकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कितना बढ़ता है वजन
à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला में सामानà¥à¤¯: वजन 12 से 16 किलो तक बढ़ सकता है। जिन महिलाओं का वजन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले ही बढ़ा होता है, उनका पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान लगà¤à¤— 16 किलो तक वजन बढ़ सकता है। वहीं सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ महिलाओं का वजन लगà¤à¤— 12 किलो तक बढ़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अधिक वजन बढ़ने के जोखिम
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का अगर सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन बढ़ने लगता है, तो माता और शिशॠके लिठकà¥à¤› जटिलताà¤à¤‚ पैदा हो सकती हैं। अधिक वजन बढ़ने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को सी सेकà¥à¤¶à¤¨, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की शिकायत और मैकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसके अलावा अधिक वजन वाली माताओं के बचà¥à¤šà¥‡ का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में मोटापा और अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¥€ हो सकती है।
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