Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट खाना और नहीं खाना चाहिठ–
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को खास देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत होती है। इसलिà¤, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ व फलों का सेवन करने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे सारे फलों का सेवन कर सकती हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं को यह नहीं मालूम होता है कि गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के बाद कौन से फलों का सेवन करना चाहिठऔर किससे परहेज करने की जरूरत होती है। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤²à¤•à¥à¤°à¥‡à¤œ के इस लेख में हम पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट खाना चाहिठऔर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट नहीं खाना चाहिठइसके बारे में चरà¥à¤šà¤¾ करने जा रहे हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फलों के फायदे – Benefits of fruits during Pregnancy in Hindi
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फलों का सेवन करने के फायदे कई सारे हैं। नीचे कà¥à¤°à¤®à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° इस बात की जानकारी दे रहे हैं कि फल कैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फायदा पहà¥à¤‚चाते हैं।
1. आयरन और फोलेट- विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (WHO) की तरफ से जारी गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ व सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं के आहार से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ गाइडलाइन में साफतौर से बताया गया है कि फलों को फोलेट और आयरन के साथ अनà¥à¤¯ कई मिनरलà¥à¤¸ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाली à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिम को कम करने में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकते हैं (1)।
2. विटामिन-सी की पूरà¥à¤¤à¤¿- मां और गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠदोनों को विटामिन-सी की जरूरत होती है। यह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और à¤à¥à¤°à¥‚ण दोनों को कई बीमारियों से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है (2)। वहीं, शरीर में विटामिन-सी को à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं किया जा सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को विटामिन-सी यà¥à¤•à¥à¤¤ फलों का रोजाना सेवन करने की सलाह दी जाती है(1)।
3. कबà¥à¤œ से राहत- गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में 11 से 33 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं को कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ता है (3)। à¤à¤¸à¥‡ में पाचन तंतà¥à¤° को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रखने के लिठफाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसलिà¤, कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव के लिठफलों का सेवन लाà¤à¤•ारी माना जाता है (4) ।
4. पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव- पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के 20 वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ यानी उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का जोखिम अधिक होता है (5)। इससे बचाव के लिठà¤à¥€ फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है, जिसमें फलों को à¤à¥€ शामिल किया गया है (4)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फलों का सेवन करना चाहिà¤, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप किसी à¤à¥€ फल का सेवन कर लें। नीचे हम पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन से फà¥à¤°à¥‚ट खाने चाहिà¤, इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी दे रहे हैं।
1. कीवी
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन से फà¥à¤°à¥‚ट खाने चाहिà¤, इसमें à¤à¤• नाम कीवी का हो सकता है। इसमें पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में फोलेट यानी फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मौजूद होता है, जिसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आवशà¥à¤¯à¤• माना जाता है। दरअसल, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान फोलेट की कमी बचà¥à¤šà¥‡ में नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब विकार यानी दिमाग और रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रोग की समसà¥à¤¯à¤¾ का कारण बन सकता है (6)।
2. चेरी
चेरी में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन, मिनरल और फाइबर मौजूद होता है (7)। ये सà¤à¥€ गà¥à¤£ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और शिशॠके विकास के लिठजरूरी माने जाते हैं। इसके अलावा, चेरी का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ यानी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° बढ़ने के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है (8)। इस आधार पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खाठजाने वाले फà¥à¤°à¥‚ट की लिसà¥à¤Ÿ में चेरी को à¤à¥€ शामिल किया जा सकता है।
3. अमरूद
पà¥à¤°à¤—नेंसी में कौन से फà¥à¤°à¥‚ट खाने चाहिà¤, इसका à¤à¤• जवाब अमरूद à¤à¥€ हो सकता है। दरअसल, अमरूद आयरन का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाले à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है, जो रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बूसà¥à¤Ÿ कर सकता है (9)। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में अमरूद का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
4. आम
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठआम का सेवन काफी लाà¤à¤•ारी हो सकता है। चूहों पर किठगठà¤à¤• शोध में इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होती है कि आम में फाइटोà¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨, पॉलीफेनॉल, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन और पोटेशियम होता है, जो à¤à¥à¤°à¥‚ण की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, ऊतकों और दांतों के विकास में लाà¤à¤•ारी हो सकता है (10)। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी à¤à¥€ पाया जाता है, जो पाचन तंतà¥à¤° को मजबूत बनाने के साथ कबà¥à¤œ से राहत दिला सकता है (11)।
5. नाशपाती
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (WHO) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के आहार से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ गाइडलाइन में बताया गया है कि नाशपाती में मौजूद विटामिन, मिनरल व फोलेट गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाली à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की शिकायत के जोखिम को काफी करने में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकती है। इसके साथ ही इसमें विटामिन-सी à¤à¥€ पाया जाता है, जो गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है (1)।
6. सेब
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सेब का सेवन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के साथ ही होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€ बेहद फायदेमंद माना जा सकता है। शोध में माना गया है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सेब का सेवन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बचपन में होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ व असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की शिकायत से बचाव कर सकता है (12)। इसके अलावा, सेब में विटामिन-सी, विटामिन-à¤, फाइबर, आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फोलेट, पोटेशियम और पेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ जैसे पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं (13)। ये सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जरूरी माने जाते हैं (14)।
7.चीकू
à¤à¤• रिसरà¥à¤š में इस बात की जानकारी मिलती है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान लिठजाने वाले आहार में चीकू को शामिल करने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की सेहत पर सकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है (15)। वहीं, इसमें मौजूद कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को कही तरह से फायदे पहà¥à¤‚चा सकते हैं। साथ ही इसका सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाली कमजोरी, उलà¥à¤Ÿà¥€ व मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ से à¤à¥€ राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है (16)। à¤à¤¸à¥‡ में कहा जा सकता है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चीकू का उपयोग लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
8. सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन से फà¥à¤°à¥‚ट खाने चाहिà¤, इसमें à¤à¤• नाम सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ का à¤à¥€ हो सकता है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर उपलबà¥à¤§ à¤à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाने के लिठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जैसे विटामिन-सी यà¥à¤•à¥à¤Ÿ आहार को शामिल करना फायदेमंद माना जा सकता है (17)।
9. तरबूज
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आहार में तरबूज को शामिल करने के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, इसमें आयरन, जिंक, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन ठजैसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं(13)। ये पोषक ततà¥à¤µ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के साथ à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठगà¥à¤£à¤•ारी माने जाते हैं (18)। इसके अलावा, à¤à¤• अनà¥à¤¯ शोध में बताया गया है कि तरबूज में लाइकोपीन नामक केमिकल कंपाउंड होता है, जो इंटà¥à¤°à¤¾ यूटराइन गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤¶à¤¨ यानी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ का सामानà¥à¤¯ वजन न बढ़ पाने के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है (19)।
10. शरीफा
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शरीफा को आहार में शामिल करना लाà¤à¤•ारी हो सकता है। à¤à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में शरीफा का सेवन à¤à¥à¤°à¥‚ण के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के विकास में सहायक हो सकता है। साथ ही यह गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान होने वाले दरà¥à¤¦ के जोखिम को कम कर सकता है (20)।
11. अनार
अनार à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥à¤°à¥‚ण को पोषण देने के साथ पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकता है। इसके अलावा, इसमें पाठजाने वाला फोलेटे à¤à¥à¤°à¥‚ण को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के साथ-साथ जनà¥à¤® दोष से à¤à¥€ बचाव कर सकता है। इसके अलावा, यह सूजन से बचाव के साथ इमà¥à¤¯à¥‚निटी को बूसà¥à¤Ÿ करने में मदद कर सकता है (21)।
12. केला
ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ डाइटà¥à¤°à¥€ गाइडलाइन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के आहार में केले को शामिल करना चाहिठ(22)। वहीं, à¤à¤• शोध की मानें तो केले में पोटेशियम, फाइबर, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, सेलेनियम, आयरन, फोलेट आदि पोषक ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका अदा कर सकते हैं। इसके अलावा, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में होने वाली मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस की शिकायत को दूर करने के लिठà¤à¥€ केले का सेवन लाà¤à¤•ारी माना गया है (23)।
13.संतरा
संतरा में विटामिन सी की à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है (24)। यह मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की इमà¥à¤¯à¥‚निटी को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में मददगार हो सकता है (25)। इसके अलावा, संतरे में फोलेट पाया जाता है (26)। लेख में ऊपर बताया जा चà¥à¤•ा है कि फोलेट à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। इस तरह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान संतरे को आहार का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनाना लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है।
14. खरबूजा
खरबूजे में तमाम पà¥à¤°à¤•ार के पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ पाठजाते हैं। इसमें मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, जिंक, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन के अलावा विटामिन à¤, सी, ई की मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है (13)। वहीं, खरबूजे में पाठजाने वाले ये सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ माना जाते हैं (27)। इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान विटामिन सी की पूरà¥à¤¤à¤¿ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में खरबूजे को आहार का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनाने की सलाह दे सकते हैं (28)।
15. चकोतरा
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चकोतरा का सेवन लाà¤à¤•ारी माना जा सकता है (7)। दरअसल, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटिज होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। वहीं, जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठआहार में चकोतरा को शामिल करने की सलाह दी गई है (29)।
इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठविटामिन-सी यà¥à¤•à¥à¤¤ फलों का सेवन अचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है (30)। बता दें, चकोतरा में अचà¥à¤›à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन-सी मौजूद होता है (13)।
नोट : ऊपर बताठगठसà¤à¥€ फलों का सेवन करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° या विशेषजà¥à¤ž की सलाह जरूर लें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हर किसी की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¤• जैसी नहीं होती है। à¤à¤¸à¥‡ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सावधानी बरतनी चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन से फà¥à¤°à¥‚ट खाने चाहिà¤, यह जानने के बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट नहीं खाना चाहिà¤, इस पर चरà¥à¤šà¤¾ करते हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट नहीं खाना चाहिà¤- Fruits to Avoid During Pregnancy in Hindi
लेख में हमने ऊपर जाना कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन से फà¥à¤°à¥‚ट खाने चाहिà¤à¥¤ अब यह जान लेते हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट नहीं खाना चाहिà¤, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
1. कचà¥à¤šà¤¾ पपीता
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट नहीं खाना चाहिà¤, इसका à¤à¤• जवाब कचà¥à¤šà¤¾ पपीता हो सकता है (31)। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कचà¥à¤šà¤¾ पपीता का सेवन गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने के जोखिम को बढ़ा सकता है। इस संदरà¥à¤ को लेकर चूहों पर किठगठà¤à¤• शोध में साफतौर से बताया गया है कि कचà¥à¤šà¥‡ पपीते का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के संकà¥à¤šà¤¨ को टà¥à¤°à¤¿à¤—र कर सकता है, जो गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का कारण बन सकता है (32)।
2. अनानास
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अनानास का सेवन करने से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ पर उपलबà¥à¤§ à¤à¤• शोध में यह मालूम होता है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अनानास का सेवन करम दरà¥à¤¦, पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी यानी समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ व गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का कारण बन सकता है (33)। यही वजह है डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को अनानास से दूरी बनाकर रखने की सलाह देते हैं।
3. अंगूर
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ पर उपलबà¥à¤§ à¤à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¤à¥€ महिला को तीसरी तिमाही में अंगूर का सेवन करने से परहेज करना चाहिà¤à¥¤ इसके पीछे इसमें मौजूद रेसà¥à¤µà¥‡à¤°à¤¾à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² नामक यौगिक को जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° बताया गया है। शोध में साफतौर से बताया गया है कि रेसà¥à¤µà¥‡à¤°à¤¾à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² में à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होता है, जो फेटल डकà¥à¤Ÿà¤¸ अरà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¸ फà¥à¤²à¥‹ (fetal ductus arteriosus flow) यानी मां से à¤à¥à¤°à¥‚ण में होने वाले खून के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में बाधा पैदा कर सकता है (34)।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट नहीं खाना चाहिà¤, इसके बाद जानते हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कितने फल खा सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कितने फल खा सकते हैं? – How many fruits can eat during Pregnancy in Hindi
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान नियमित रूप से सही मातà¥à¤°à¤¾ में फलों का सेवन फायदेमंद माना जा सकता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° दिनà¤à¤° में 3-4 बार फलों का सेवन करने की सलाह देते हैं। वहीं, à¤à¤• शोध में फलों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ तीन सरà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸ लेने की सलाह दी गई है (35)। उदाहरण के तौर पर 1 सरà¥à¤µ में à¤à¤• मधà¥à¤¯à¤® आकार का फल ले सकते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान किसी महिला को मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ या कोई अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह के बाद ही फलों का सेवन करें।
लेख में आगे पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान फलों के सेवन से संबंधित कà¥à¤› सावधानियों के बारे में बात करेंगे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फल खाते समय बरती जाने वाली सावधानियां – Precautions to be taken while eating fruits during Pregnancy in Hindi
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में फलों का सेवन फायदेमंद होता है, लेकिन इनका सेवन करते समय कà¥à¤› सावधानियों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, जिनके बारे में नीचे जानकारी दे रहे हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान केमिकल और पेसà¥à¤Ÿà¥€à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ से बचाव के लिठऑरà¥à¤—निक फलों का ही सेवन करें।
फलों को साफ पानी से धोने के बाद ही उसका सेवन करें।
जिन फलों में खरोंच लगी हो, उसे हटाने के लिठसà¥à¤•à¥à¤°à¤¬ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ फल रोगाणà¥à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥€ हो सकते हैं।
जब फल खाना हो, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उसी समय काटकर खाà¤à¤‚। पहले से कटे हà¥à¤ फलों का सेवन करने से परहेज करें।
पके हà¥à¤ फलों का सेवन करें। अधपके फल पेट में दरà¥à¤¦ व अनà¥à¤¯ किसी समसà¥à¤¯à¤¾ का कारण बन सकते हैं।
कà¤à¥€ à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पके हà¥à¤ या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ फलों का सेवन न करें। हमेशा ताजे फलों का सेवन करें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट खाना चाहिठऔर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन सा फà¥à¤°à¥‚ट नहीं खाना चाहिà¤, इस बारे में लेख के माधà¥à¤¯à¤® से आप अचà¥à¤›à¥‡ से समठगठहोंगे। अब बेफà¥à¤°à¤¿à¤• होकर ऊपर बताठगठफलों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, फलों का सेवन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में ही करें, साथ ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ इस संदंरà¥à¤ में सलाह जरूर लें। हम आशा करते हैं कि इस लेख में आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फलों के सेवन से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ सवालों के जवाब मिल चà¥à¤•े होंगे।
| --------------------------- | --------------------------- |