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बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के लगà¤à¤— पांच मिनट के बाद पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा ख़à¥à¤¦ बाहर आ जाता है. यहीं से बचà¥à¤šà¤¾ पोषक ततà¥à¤µ के साथ-साथ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ à¤à¥€ लेता है. लेकिन जब बचà¥à¤šà¤¾ गरà¥à¤ से बाहर आता है तो उसे हवा से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ लेनी होती है और उसके फेफड़ों को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होने में कम से कम à¤à¤• मिनट का वक़à¥à¤¤ लगता है.
कà¥à¤› समय बाद, वे पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा (जनà¥à¤® के बाद) का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करेंगे। कोशिकाओं का आंतरिक समूह à¤à¥à¤°à¥‚ण में विकसित होगा। ये आंतरिक कोशिकाà¤à¤‚ पहले तीन परतें बनाती हैं।
पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ तब होता है जब कई बार यह निषेचित अंडा सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ के अंदर जोड़ लेता है। और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के मधà¥à¤¯ अवधि के बाद à¤à¥€ वहीं बना रहता है। यदि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय तक अपरा गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के पास हो, तो योनि के जरिये शिशॠका बाहर निकलने का रासà¥à¤¤à¤¾ अवरà¥à¤¦à¥à¤§ हो सकता है।
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