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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान टीकाकरण चारà¥à¤Ÿ - Vaccination during pregnancy in Hindi
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी महीने से ⇨
पहला महीना दूसरा महीना तीसरा महीना चौथा महीना पांचवा महीना छठा महीना सातवा महीना आठवा महीना नौवा महीना
हर मां चाहती है कि उसका बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हो और इसके लिठमहिलाओं को अपनी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से ही कई तरह की तैयारियां शà¥à¤°à¥‚ करनी होती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में टीकाकरण से मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों ही कई रोगों से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहते हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान मां से बचà¥à¤šà¥‡ को कई तरह के संकà¥à¤°à¤®à¤£ व रोग होने का खतरा रहता है, इस कारण महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी शà¥à¤°à¥‚ होने से पहले ही टीके लगाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में टीकाकरण करवाने से बचà¥à¤šà¥‡ को मां के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤‚टीबॉडीज पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होते हैं जिससे वह रोगों और संकà¥à¤°à¤®à¤£ से खà¥à¤¦ का बचाव कर पाता है। कई महिलाओं को यह मालूम ही नहीं होता कि उनको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान कौन से टीके लगाने चाहिà¤à¥¤ महिलाओं की इसी परेशानी को इस लेख में दूर किया गया है।
इस लेख में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के टीकाकरण कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है और इस दौरान लगने वाले टीकों के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया गया है। साथ ही आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में लगने वाले टीके, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले कौन से टीके लगवाने चाहिà¤, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में टीकाकरण से कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•सान हो सकता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिला को कौन से टीके नहीं लगवाने चाहिठआदि के बारे में à¤à¥€ विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया गया है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में टीकाकरण कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी होता है - Pregnancy me tikakaran kyu jaroori hota hai
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले लगने वाले टीके - Pregnancy se pahle lagne vale tike
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में लगने वाले टीके - Pregnancy me lagne vale tike
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में टीकाकरण से कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•सान हो सकता है - Garbhvastha me tikakaran se kya bache ko nuksan ho sakta hai
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कौन से टीके नहीं लगवाने चाहिठ- Pregnancy me kaun se tike nahi lagvane chahiye
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ टीकाकरण से साइड इफेकà¥à¤Ÿ हो सकता है? - Pregnancy me kya tikakaran se side effect ho sakta hai?
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में टीकाकरण कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी होता है - Pregnancy me tikakaran kyu jaroori hota hai
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान टीके लगाना न सिरà¥à¤« महिला के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होते हैं, बलà¥à¤•ि यह महिला के गरà¥à¤ में पलने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤•वच की तरह कारà¥à¤¯ करते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मां की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ ही बचà¥à¤šà¥‡ को कई तरह के गंà¤à¥€à¤° रोगों से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने का कारà¥à¤¯ करती है। à¤à¤¸à¥‡ में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने से पहले और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के बाद à¤à¥€ महिलाओं को कई टीके लगाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
कई पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिलाओं को यह à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ ही नहीं होता कि उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ टीके न लगाने से बचà¥à¤šà¥‡ को कई तरह के रोग होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ बढ़ जाती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मां को अपने पैदा होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से टीकाकरण के विषय में जानकारी लेनी चाहिà¤à¥¤ साथ ही खà¥à¤¦ के लिठजरूरी टीके के बारे में à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह अवशà¥à¤¯ लेनी चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले लगने वाले टीके - Pregnancy se pahle lagne vale tike
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने से पहले महिलाओं को अपने शरीर को रोगों से मà¥à¤•à¥à¤¤ रखने के लिठटीके लगाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इस बारे में सलाह लेनी चाहिठऔर उनको पहले लगवाठगठअनà¥à¤¯ टीकों के बारे में à¤à¥€ पूरी जानकारी देनी चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले लगाठजाने वाले टीकों के बारे में नीचे बताया जा रहा है।
रूबेला – गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान रूबेला की वजह से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जनà¥à¤® दोष हो सकता है। इसमें जनà¥à¤® से पहले बचà¥à¤šà¥‡ की मृतà¥à¤¯à¥ व उसको जीवनà¤à¤° के लिठकई गंà¤à¥€à¤° बीमारियां होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ बढ़ जाती है। इसके अलावा रूबेला केे कारण गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को मिसकैरेज à¤à¥€ हो सकता है। महिला रूबेला से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है या नहीं, इसका पता पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले होने वाले बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ से लगाया जाता है।
रूबेला का टीका लगाने के बाद महिला को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने के लिठकम से कम à¤à¤• महीने का इंतजार करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में लगने वाले टीके - Pregnancy me lagne vale tike
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिलाओं को लगने वाले टीके निमà¥à¤¨ तरह से बताठगठहैं।
टीडैप (Tetanus/Diptheria/ Pertusis: Tdap) –
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला को टीडैप टीका लगाया जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के 27वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के 36वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच में इस टीके लगाया जाता है। यह टीका काली खांसी से बचà¥à¤šà¥‡ का बचाव करता है। काली खांसी à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° रोग होता है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जीवन के लिठघातक हो सकता है। कई देशों में हर साल इस रोग से करीब बीस बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जानें जाती है। छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की काली खांसी का इलाज किया जा सकता है, परंतॠकई बार लोगों को बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खांसी होने के बजाय दम घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡à¤‚ लगता है और उनका शरीर नीला पड़ जाता है। (और पढ़ें - टिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨)
अगर महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इस टीके को लगवाती हैं तो इससे महिलाओं के शरीर में काली खांसी से बचाव करने वाले à¤à¤‚टीबॉडीज बनते हैं। बाद में यही à¤à¤‚टीबॉडीज बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® से पहले मां से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होते हैं। (और पढ़ें - पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ और कà¥à¤¯à¤¾ ना खाà¤à¤‚)
फà¥à¤²à¥‚ –
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिला की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€, हृदय और फेफड़ों के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में होने वाले परिवरà¥à¤¤à¤¨ से फà¥à¤²à¥‚ के कारण गंà¤à¥€à¤° रोग होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ बढ़ जाती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फà¥à¤²à¥‚ की चपेट में आने से बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® समय से पहले à¤à¥€ हो सकता है। जिस मौसम में फà¥à¤²à¥‚ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है उस दौरान पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को इससे बचाव के लिठटीका लगाया जाता है। यह टीका मां और बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® के कà¥à¤› महीनों बाद तक फà¥à¤²à¥‚ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचाव करता है। (और पà¥à¥‡à¤‚ - गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ आहार चारà¥à¤Ÿ)
हेपेटाइटिस बी –
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को हेपेटाइटिस बी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। इस बीमारी के टेसà¥à¤Ÿ के नकारातà¥à¤®à¤• परिणाम आने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को हेपेटाइटिस का टीका लगवाना चाहिà¤à¥¤ इस टीके से मां के साथ ही बचà¥à¤šà¤¾ जनà¥à¤® से पहले व बाद में à¤à¥€ हर तरह के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहते हैं। इस रोग से बचाव के लिठहेपेटाइटिस की तीन खà¥à¤°à¤¾à¤• लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• के बाद दूसरी खà¥à¤°à¤¾à¤• à¤à¤• महीने के बाद दी जाती है, जबकि तीसरी खà¥à¤°à¤¾à¤• को छह महीने में दिया जाता है। (और पढ़ें - पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बारे में सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के हिसाब से जानें)
यातà¥à¤°à¤¾ से पहले टीका लगवाना –
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में विदेश यातà¥à¤°à¤¾ करने से पहले आपको करीब 4 से 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलकर इस दौरान बरते जानें वाली सावधानियों और आवशà¥à¤¯à¤• टीकों के बारे में सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤ (और पढ़ें - गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में यातà¥à¤°à¤¾)
अनà¥à¤¯ टीकाकरण –
कà¥à¤› महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान व उसके बाद à¤à¥€ टीकाकरण की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी महिला को पहले कà¤à¥€ लीवर संबंधी गंà¤à¥€à¤° रोग हà¥à¤† हो, तो à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° महिला को हेपेटाइटिस ठकी दवा लेने की सलाह दे सकते हैं। अगर आप किसी लैब में काम करते है, या किसी à¤à¤¸à¥€ जगह जा रहे हैं जहां से आपको मेनिंगोकोकल रोग (Meningococcal disease) होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है, तो à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको मेनिंगोकोकल रोग के टीका लगाने की सलाह देते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में टीकाकरण से कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•सान हो सकता है - Garbhvastha me tikakaran se kya bache ko nuksan ho sakta hai
जीवित वायरस, मृत वायरस और टॉकà¥à¤¸à¥‹à¤‡à¤¡ (Toxoids: बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हानिरहित पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨), तीन पà¥à¤°à¤•ार के टीकाकरण होते हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को जीवित वायरस वाला टीकाकरण नहीं दिया जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•सान होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¨à¤¾à¤à¤‚ अधिक होती है। कà¥à¤› टीके गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी और तीसरी तीमाही में, जबकि कà¥à¤› अनà¥à¤¯ टीके बचà¥à¤šà¥‡ के पैदा होते समय महिला को लगाà¤à¤‚ जाते हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कौन से टीके नहीं लगवाने चाहिठ- Pregnancy me kaun se tike nahi lagvane chahiye
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित टीके पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚टी महिला को लगाà¤à¤‚ जाते, लेकिन इनसे मिसकैरेज और बचà¥à¤šà¥‡ के समय से पहले पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ बढ़ जाती है।
हेपेटाइटिस ठ–
हेपेटाइटिस ठटीके की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पर अधिक जानकारी मौजूद नहीं है। इस कारण से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इस टीके को लगाने से बचना चाहिà¤à¥¤ जिन महिलाओं को हेपेटाइटिस होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ होती है, उनको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलकर इसके जोखिम और इलाज पर बात करनी चाहिà¤à¥¤ (और पà¥à¥‡à¤‚ - पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें से जà¥à¥œà¥‡ मिथक)
खसरा, मंपà¥à¤¸, रूबैला (à¤à¤®à¤à¤®à¤†à¤°) –
à¤à¤®à¤à¤®à¤†à¤° (खसरा, मंपà¥à¤¸, रूबैला) टीके को लगाने के बाद महिला को कम से कम à¤à¤• महीने रूकने के बाद ही पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने चाहिà¤à¥¤ अगर रूबेला के लिठकिठगठटेसà¥à¤Ÿ के नतीजों में महिला को इसके होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ पाई जाती है, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डिलीवरी के बाद महिला को à¤à¤®à¤à¤®à¤†à¤° टीका लगाया जा सकता है। (और पढ़ें - बचà¥à¤šà¤¾ गोरा होने के उपाय से जà¥à¥œà¥‡ मिथक)
ओपीवी और आईपीवी – ​
पोलियो की जीवित वायरस और निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ वायरस यà¥à¤•à¥à¤¤ दवाओं को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को नहीं दिया जाना चाहिà¤à¥¤
नà¥à¤¯à¥‚मोकोकल – इस टीकाकरण की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के विषय में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की जानकारी उपलबà¥à¤§ नहीं हैं। इस वजह से उचà¥à¤š जोखिम वाली महिलाओं व लंबी बीमारी से पीड़ित महिलाओं को छोड़कर, इसे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को नहीं देना चाहिà¤à¥¤ (और पà¥à¥‡à¤‚ - गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में थकान)
चेचक का टीकाकरण
पीला बà¥à¤–ार (येलो फीवर) का टीकाकरण
टाइफाइड का टीका
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ टीकाकरण से साइड इफेकà¥à¤Ÿ हो सकता है? - Pregnancy me kya tikakaran se side effect ho sakta hai?
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान कà¥à¤› टीकों को लगवाने से महिलाओं को तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से कम समय के लिठहलà¥à¤•े साइड इफेकà¥à¤Ÿ हो सकते हैं। अगर आपको गंà¤à¥€à¤° साइड इफेकà¥à¤Ÿ दिखाई दें तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें। टीकों से होने वाले साइड इफेकà¥à¤Ÿ को नीचे बताया जा रहा है।
हेपेटाइटिस ठ–
इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की जगह पर सूजन और ललिमा होना। इसके अलावा दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में सिरदरà¥à¤¦, थकान व अनà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¥€ हो सकती है।
हेपेटाइटिस बी -
इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की जगह पर सूजन या बà¥à¤–ार आना।
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा -
इंजेकà¥à¤¶à¤¨ वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾ का लाल होना या सूजन आना। इसके साथ ही महिला को बà¥à¤–ार à¤à¥€ आ सकता है। (और पढ़ें - बà¥à¤–ार का घरेलू उपाय)
टेटनस/डिपथीरिया –
इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की जगह पर सूजन या दरà¥à¤¦ होना। इस टीके के बाद कà¥à¤› महिलाओं को हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार à¤à¥€ आ जाता है। (और पढ़ें - माताओं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की देखà¤à¤¾à¤² के बारे में जानें)
à¤à¤®à¤à¤®à¤†à¤° (MMR) –
इस टीके बाद कà¥à¤› महिलाओं को असंकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रैश, गरà¥à¤¦à¤¨ और गालों पर सूजन व जोड़ों में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। यह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ टीके के तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद तक रह सकता है।
वैरिसेला (Varicella) –
इंजेकà¥à¤¶à¤¨ वाली जगह पर दरà¥à¤¦ व लालिमा होना। इसके अलावा रैश और इंजेकà¥à¤¶à¤¨ के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में हलà¥à¤•ी सी सूजन आ जाना।
खाने की कà¥à¤› चीजों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने पर à¤à¥€ कई महिलाओं को टीकाकरण के बाद साइड इफेकà¥à¤Ÿ हो जाते हैं। उदाहरण के तौर पर अंडे से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाली महिलाओं को फà¥à¤²à¥‚ का टीका नहीं लगवाना चाहिà¤à¥¤ अगर आप टीके की किसी à¤à¥€ खà¥à¤°à¤¾à¤• को छोड़ती हैं तो à¤à¤¸à¥‡ में आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इस बारे में सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
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