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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बाà¤à¤‚ करवट लेकर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सोना चाहिà¤?
In this Article
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सही सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन होना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° बाà¤à¤‚ करवट से सोने की सलाह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ देते हैं?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बाईं करवट से कैसे सोà¤à¤‚?
| अचà¥à¤›à¥€ नींद लो | मां बनने वाली à¤à¤• महिला से अकà¥à¤¸à¤° ही यह कहा जाता है। यह à¤à¤• छोटी सी सलाह होती है, जो मां बनने वाली सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को अकà¥à¤¸à¤° दी जाती है, ताकि उसके पेट में पल रहा बचà¥à¤šà¤¾ ठीक से बढ़ सके। वहीं à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला ही यह जानती है, कि उसके लिठअचà¥à¤›à¥€ नींद लेना कितना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ पैर मारता है, तो कà¤à¥€ पेट पर पड़ने वाला दरà¥à¤¦ à¤à¤°à¤¾ दबाव उसे सोने नहीं देता है। अगर वह किसी तरह मैनेज करके सोना चाहती है, तो उसे समठनहीं आता, कि सोठकैसे। अधिकतर मामलों में महिलाà¤à¤‚ पीठके बल या पेट के बल सोना पसंद करती हैं, पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान इसकी बिलà¥à¤•à¥à¤² मनाही होती है। जब आप के पेट में à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ पल रहा होता है, तो आपको अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। फिर चाहे वह à¤à¤• छोटी सी ही बात कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ना हो, जैसे कि – आपको बाईं करवट से सोना चाहिठया दाईं करवट से।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सही सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन होना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
हमारे शरीर में लिवर दाहिनी तरफ होता है, इसलिठअगर आप बिसà¥à¤¤à¤° पर अपने दाईं करवट से सोà¤à¤‚गी, तो इससे लीवर पर दबाव पड़ता है और लिवर चोक हो सकता है और उसके पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक कामकाज में खराबी आ सकती है। चूंकि, हम सà¤à¥€ यही चाहते हैं, कि हमारा शरीर अचà¥à¤›à¥€ तरह से काम करें और यह पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान और à¤à¥€ जरूरी हो जाता है, तो आप नहीं चाहेंगी, कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ और उसके पोषण के बीच में कोई रà¥à¤•ावट आà¤à¥¤ इसलिठआपके शरीर के अंगों की अचà¥à¤›à¥€ तरीके से काम करने के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थोड़ा सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ देना जरूरी है। बाईं करवट से सोने से आपके लिवर को अचà¥à¤›à¥€ तरह काम करने के लिठउचित जगह मिल जाती है और वह ठीक से काम करता है।
पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤² सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में कई सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ªà¥à¤¸ होते हैं, जहां गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠहर बीतते दिन के साथ आकार में बड़ा होता है। जैसे-जैसे दिन बीतते जाते हैं, बढ़ता हà¥à¤† बचà¥à¤šà¤¾ शरीर के अंगों और बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ पर दबाव डालने लगता है और जब बचà¥à¤šà¤¾ घूमने लगता है, तब उसे और जगह चाहिठहोती है। छोटे से पेट में बचà¥à¤šà¥‡ को आराम से रहने के लिठजगह नहीं मिलती है और वह बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° पर लात मारने लगता है और मां की आंतों में सर से दबाव डालता है। कई लोगों को सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में यह बहà¥à¤¤ रोचक लगता है, खासकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसका अनà¥à¤à¤µ नहीं है। पर वासà¥à¤¤à¤µ में यह बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• होता है और जब बात सोने की आती है, तब यह और à¤à¥€ तकलीफदेह बन जाता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सही सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन होना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है
नीचे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ वेना कावा या आईवीसी उन कई शारीरिक अंगों में से à¤à¤• है, जो रोज के इन बदलावों से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। à¤à¤• महिला के शरीर में आईवीसी रीॠके दाहिने à¤à¤¾à¤— से होते हà¥à¤ नीचे की ओर जाता है, ताकि शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ से खून वापस ला सके। दाहिनी करवट से सोने से इन बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ के काम में रूकावट आ सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान, मां बनने वाली महिला का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है। शरीर के अंगों पर दबाव पड़ने से बचना à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ कदम है, जो कि अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बनाठरखने के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है। जब आप आईवीसी पर दबाव डालती हैं, तो नसों में चोक हो सकता है और रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ कम हो सकता है। दिल और दिमाग की ओर कम मातà¥à¤°à¤¾ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ खून जाने से आपको चकà¥à¤•र आ सकते हैं। अगर आप पीठके बल सोती हैं, तो बचà¥à¤šà¥‡ का सारा वजन सीधा आईवीसी पर जाता है। आपके बचà¥à¤šà¥‡ का नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨à¤² सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ पूरी तरह से आपके ऊपर निरà¥à¤à¤° करता है, तो à¤à¤¸à¥‡ में अगर आपको कम ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ मिलेगा तो आपके बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ कम ही मिलेगा।
सही नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ को बरकरार रखने के लिठआप यह कर सकती हैं, कि अपने अंगों और नसों पर दबाव पड़ने से बचाà¤à¤‚, ताकि वह अचà¥à¤›à¥€ तरह से काम कर सके। सोने के दौरान बाईं करवट से सोà¤à¤‚, ताकि आईवीसी को अचà¥à¤›à¥€ जगह मिल सके। अà¤à¥€ à¤à¥€ इस बात पर रिसरà¥à¤š चल रही है कि सोने के लिठकौन सा करवट बेहतर है। पर à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है, कि आपको बाईं करवट से सोना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सही सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन होना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° बाà¤à¤‚ करवट से सोने की सलाह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ देते हैं?
जब दिल की ओर जाने वाला खून का बहाव कम हो जाता है, तो दिल कम खून पंप करता है और जब यह होता है, तो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में गिरावट आ सकती है। आईवीसी पर केवल बचà¥à¤šà¥‡ का वजन नहीं आता, बलà¥à¤•ि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियां, à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥à¤‡à¤¡, बढ़ा हà¥à¤† रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ आदि सब अपना पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालते हैं। बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में आने वाली इस गिरावट को हाईपोटेंशन कहा जाता है। कई माà¤à¤à¤‚ इससे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होती हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फरà¥à¤• महसूस नहीं होता है। पर आपको à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से हमेशा बचना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ माठको à¤à¤¸à¥‡ फरà¥à¤• का पता नहीं à¤à¥€ चल सकता है और बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ अनियमितताओं से निपट सकता है। लेकिन इसका खतरा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ उठाना। अगर मां को सांस लेने में तकलीफ हो या उसे बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ हो, तो यह और à¤à¥€ जरूरी हो जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में छोटी-छोटी अनियमितताà¤à¤‚ à¤à¥€ परेशानी का कारण बन सकती है और बचà¥à¤šà¥‡ पर à¤à¥€ इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है। यही कारण है, कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बाईं करवट से सोना जरूरी है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° बाà¤à¤‚ करवट से सोने की सलाह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ देते हैं
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को असà¥à¤¥à¤®à¤¾ या सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की तकलीफ है, तो बाईं करवट से सोना और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बन जाता है। इसका मतलब है, कि बचà¥à¤šà¥‡ को सामानà¥à¤¯ से कम ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ मिलता है और पीठके बल सोने से आपके बचà¥à¤šà¥‡ को मिलने वाली ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ में और बाधा ही आ सकती है। कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ यह दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं, कि जो महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीठके बल सोती हैं, उनमें सà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¬à¤°à¥à¤¥ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। 2017 में | पीà¤à¤²à¤“à¤à¤¸ वन जरà¥à¤¨à¤² | में छपे रिकॉरà¥à¤¡ दिखाते हैं, कि अगर मां पीठके बल सोती है, तो सà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¬à¤°à¥à¤¥ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 3.7 गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। | द बीà¤à¤®à¤œà¥‡ | ने à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कि दाहिने करवट से सोने वाली गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में सà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¬à¤°à¥à¤¥ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ में थोड़ी बढ़त देखी गई है।
लेकिन चाहे बाईं करवट हो या दाईं, 10 महीनों के लंबे समय तक किसी à¤à¤• करवट से सोना बिलà¥à¤•à¥à¤² अचà¥à¤›à¤¾ नहीं है। इससे मां की शारीरिक संरचना पर दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है और शरीर के दरà¥à¤¦ और तकलीफ में बढ़त होती है। इसलिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आकार में रहने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है, कि बाईं और दाईं करवट बीच-बीच में बदलती रहें। पर करवट बदलते समय इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जरूर रखें, कि कà¤à¥€ à¤à¥€ लेटे-लेटे ही करवट न बदलें, बलà¥à¤•ि पहले उठकर बैठें और फिर दूसरी करवट से सोà¤à¤à¥¤ यह थोड़ा à¤à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ à¤à¤°à¤¾ है पर à¤à¤¸à¤¾ करने से आप खà¥à¤¦ को और अपने बचà¥à¤šà¥‡ को कई परेशानियों से बचा सकती हैं। इसके साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ आराम चाहिठहोता है। अगर आप बाईं करवट से सो रही हैं, तो बचà¥à¤šà¤¾ अधिक जगह की इचà¥à¤›à¤¾ में दाहिनी तरफ चला जाà¤à¤—ा। पर अगर आप हमेशा ही à¤à¤¸à¤¾ करेंगी, तो à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा हो जाती है, जिसे | राइट साइडेड बेबी | कहते हैं, जिससे बैक लेबर हो सकता है। राइट साइडेड बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के लिठपीछे की ओर चले जाते हैं, जिससे à¤à¤¸à¥‡ परेशानी वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा हो सकती है। यह तकलीफ दायक होता है और इसके कारण होने वाला लंबा लेबर असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• हो सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° बाà¤à¤‚ करवट से सोने की सलाह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ देते हैं
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बाईं करवट से कैसे सोà¤à¤‚?
बाईं करवट से कैसे सोà¤à¤‚, यह बताने का कोई विशेष तरीका नहीं है। सोने के दौरान à¤à¤• आरामदायक पोसà¥à¤šà¤° का पता करना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है। आपको यह देखना पड़ेगा, कि किस पोजीशन में आपको गहरी नींद आती है। बाईं और दाईं करवट बदलते रहने से बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ पेट में घूमने का मौका मिलता है। लेकिन बाईं या दाईं करवट सोने के दौरान आपको हमेशा फैल कर सोना चाहिà¤à¥¤ इस खास पोसà¥à¤šà¤° में, आपको थोड़ा आगे की ओर à¤à¥à¤•ने की जरूरत है और पेट के बजाय अपने ही हिप बोन के सामने के हिसà¥à¤¸à¥‡ पर रेसà¥à¤Ÿ करने की जरूरत है। इससे पेट को सहारा मिलेगा और बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ आरामदायक पोजीशन ढूंढने में मदद मिलेगी। बेहतर सपोरà¥à¤Ÿ के लिठऊपर वाले पैर या हिप बोन के नीचे à¤à¤• टॉवल को रोल करके सोने से मां और बचà¥à¤šà¥‡ को अचà¥à¤›à¥€ जगह मिल जाती है। नीचे वाला पैर सीधा होना चाहिठऔर ऊपर वाला पैर टॉवल के ऊपर मà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† होना चाहिà¤à¥¤ इससे हिप à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अधिक खà¥à¤²à¤¤à¤¾ है और बचà¥à¤šà¥‡ को आराम करने के लिठअधिक जगह मिलती है। हिप बोन का सहारा लेकर अधिक सोने से साइटिका हो सकता है, जिसमें नसों पर अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है। यह लोअर बैक पेन का à¤à¤• आम पà¥à¤°à¤•ार है, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को दरà¥à¤¦ और तकलीफ देता है।
जहां तक बात है, कि बाईं करवट से सोना कब से शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤, तो इसका कोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय काल नहीं है। बेहतर यही है, कि जैसे ही महिला को अपनी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का पता चलता है, वह पीठके बल सोना छोड़ दे।
मां अपने अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ की जितनी अधिक देखà¤à¤¾à¤² करती है, बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उतनी ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बाà¤à¤‚ या दाà¤à¤‚ करवट सोने जैसी छोटी-छोटी बातें, बड़े-बड़े काम कर जाती हैं, जो बात सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है, वह है – गहरी नींद मिलना।
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