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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद अनियमित पीरियड: कारण और टिपà¥à¤¸
डिलीवरी के बाद अनियमित पीरियड के कारण और इससे जà¥à¥œà¥‡ टिपà¥à¤¸
In this Article
कà¥à¤¯à¤¾ डिलीवरी के बाद पीरियड अनियमित होना सामानà¥à¤¯ है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद अनियमित पीरियड का कारण
निदान
अनियमित पीरियड से निपटने के सà¥à¤à¤¾à¤µ
à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° à¤à¤• महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का à¤à¤• सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ संकेत होता है। हालांकि, पहली बार माठबनने वाली महिलाओं में मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤°, डिलीवरी के बाद कà¥à¤› महीनों के लिठबंद हो जाता है। बचà¥à¤šà¤¾ होने के तà¥à¤°à¤‚त बाद, कà¥à¤› दिनों तक पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है, और फिर रà¥à¤• जाती है। अकà¥à¤¸à¤°, पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और पहले नियमित पीरियड के बीच काफी अंतर होता है।
पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के बाद पीरियडà¥à¤¸ बहà¥à¤¤ अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ हो जाते हैं और महीनों तक तय समय से पहले या बाद में à¤à¥€ हो सकते हैं। यह महिलाओं के लिठयह चिंता का à¤à¤• बहà¥à¤¤ बड़ा कारण होता है, और वे इस बारे में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करना चाहती हैं। अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि डिलीवरी के बाद अनियमित पीरियड होना पूरी तरह से सामानà¥à¤¯ है, और यह शरीर में हो रहे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के कारण होता है। समय के साथ, शरीर अपने पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ में वापस आ जाता है, लेकिन यह समय अवधि पà¥à¤°à¤¤à¥â€à¤¯à¥‡à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है।
कà¥à¤¯à¤¾ डिलीवरी के बाद पीरियड अनियमित होना सामानà¥à¤¯ है?
सबसे पहले यह समà¤à¤¨à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤• है कि डिलीवरी के बाद शरीर में कà¥à¤› हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बहà¥à¤¤ तेजी से बदल जाते हैं। इसलिà¤, मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° के बीच à¤à¤• नियमित अवधि सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ अपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हो जाते हैं। महिलाओं में डिलीवरी के बाद माहवारी की फà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤µà¥‡à¤‚सी और सà¥à¤°à¤¾à¤µ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ का अनà¥à¤à¤µ करना काफी सामानà¥à¤¯ है। कई कारक यह तय करते हैं कि वासà¥à¤¤à¤µ में कब शरीर अपने सामानà¥à¤¯ मासिक चकà¥à¤° में वापस आता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद अनियमित पीरियड का कारण
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के समय से, à¤à¤• महिला का शरीर बहà¥à¤¤ सारे परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है, इसके साथ ही शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ काफी बदलाव होता है। à¤à¤• बदला हà¥à¤† मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° इन परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का à¤à¤• परिणाम है। इसके अलावा कà¥à¤› बाहरी कारक à¤à¥€ डिलीवरी के बाद आपकी माहवारी को अनियमित करने में à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
1. वजन
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं का वजन बà¥à¤¤à¤¾ है और डिलीवरी के बाद à¤à¥€ कà¥à¤› महीनों तक यह जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही बना रहता है। इसके विपरीत, कà¥à¤› महिलाओं में अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ आहार और नींद की कमी के कारण वजन जबरà¥à¤¦à¤¸à¥à¤¤ रूप से कम होता है। दोनों ही मामलों में, वजन सीधे शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। माठका वजन उस समय सीमा को तय करने के लिठà¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक है जिसमें वह पहले के सामानà¥à¤¯ मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° में वापस आ जाती है।
2. सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨
जो माà¤à¤‚ अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, उनमें डिलीवरी के बाद, काफी देर से ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ होता है। सà¥à¤¤à¤¨ गà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ (पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨) से दूध के सà¥à¤°à¤¾à¤µ को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ à¤à¥€ ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को कम कर देता है। इसलिà¤, जब तक à¤à¤• माठअपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा रही है, तब तक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से बना रहता है और ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को रोकता है। केवल à¤à¤• सफल ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ मासिक धरà¥à¤® का कारण होता है, और इसलिà¤, आपका मासिक धरà¥à¤® देर से शà¥à¤°à¥‚ होता है।
3. परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ सà¥à¤¤à¤°
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤• माठबनने वाली महिला के शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ उसे बचà¥à¤šà¥‡ पैदा करने, लेबर और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठतैयार करते हैं। दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से, डिलीवरी के तà¥à¤°à¤‚त बाद हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वापस नहीं आता है। आहार, वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨, सेकà¥à¤¸ और वजन जैसे कारक उस समय अवधि को तय करते हैं जिसमें वह सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर वापस आà¤à¤—ा। à¤à¤¸à¥‡ में, मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° कà¥à¤› महीनों के लिठअनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ और अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ हो जाता है, जब तक कि हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤¨: अपने सà¥â€à¤¤à¤° पर वापस नहीं आते।
4. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
यदि आप à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, पीसीओà¤à¤¸ (पॉलीसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ओवेरियन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®), हाइपो या हाइपर-थायराइडिजà¥à¤®, या किसी अनà¥à¤¯ बीमारी से पीड़ित हैं, जो हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में उतार-चढ़ाव का कारण है, तो आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद अनियमित महावारी का अनà¥à¤à¤µ कर सकती हैं। यह विशेष रूप से तब होता है, जब आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले ही अपने मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° के अनियमित रहने से जूà¤à¤¤à¥€ रही हैं।
निदान
Diagnosis of Irregular Periods After Pregnancy
अनियमित पीरियडà¥à¤¸ का निदान मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कई महिलाà¤à¤‚ डिलीवरी के बाद होने वाली पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग को माहवारी समठसकती हैं। पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग से कà¥à¤› महीनों के अंतराल के बाद पहले पीरियड होते हैं। पहले पीरियड के बाद à¤à¤• अनियमित मासिक चकà¥à¤° काफी आम है, और यह लगà¤à¤— चार से पाà¤à¤š महीने तक रह सकता है। इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक अनियमित मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° होने पर इस अनियमितता के सटीक कारण का पता लगाने के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
अनियमित पीरियड से निपटने के सà¥à¤à¤¾à¤µ
कà¥à¤› चीजें हैं जो पहली बार माठबनी महिलाà¤à¤‚ अनियमित पीरियड की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठअपना सकती हैं और अपने मासिक धरà¥à¤® को सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वापस ला सकती हैं।
1. à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ
निसà¥à¤¸à¤‚देह, घर पर à¤à¤• नवजात बचà¥à¤šà¥‡ के साथ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ रूटीन शà¥à¤°à¥‚ करना à¤à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ काम है। फिर à¤à¥€, नियमित रूप से à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करना शरीर को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ से पूरà¥à¤µ के आकार में वापस लाने के लिठबहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बैलेंस को बहाल करने में बहà¥à¤¤ मदद मिलती है। यह आपके वजन को बनाठरखने में à¤à¥€ मदद करता है, जो आपकी माहवारी को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने में à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक है।
2. सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार, डिलीवरी के बाद, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और लेबर के दौरान शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खोठपोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को वापस पाने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, साबà¥à¤¤ अनाज, और सूखे मेवे शरीर की मरमà¥à¤®à¤¤ और ताकत पाने के लिठअतà¥â€à¤¯à¤¾à¤µà¤¶à¥â€à¤¯à¤• माइकà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤¯à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं। ये अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· रूप से बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद शरीर को पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आने और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨ को सही करने के लिठउपयà¥à¤•à¥â€à¤¤ होते हैं।
3. सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ मैनेजमेंट
तनाव शरीर और मन को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। कà¥à¤› माओं को नींद की कमी, नई जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और कà¤à¥€-कà¤à¥€ मातृतà¥à¤µ की नई à¤à¥‚मिका के कारण बहà¥à¤¤ अधिक तनाव का सामना करना पड़ता है। यह सीधे हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ संतà¥à¤²à¤¨ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जिससे सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वापस आने में देरी होती है। शरीर की हीलिंग पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• बनाने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है कि आप तनाव मà¥à¤•à¥à¤¤ रहें और दूसरों की मदद लें और अपनी चिंताओं के बारे में उनसे बात करें।
4. गरà¥à¤ निरोधकों से परहेज
गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ चकà¥à¤° में हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करते हैं और सामानà¥à¤¯ मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° को वापस लेने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को और लंबा बनाते हैं। आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से अनà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ कंटà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ के बारे में बात कर सकती हैं जो शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² संतà¥à¤²à¤¨ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करते हैं।
5. विटामिन लेना
कà¥à¤› विटामिनों कि कमी, जैसे कि विटामिन डी, और विटामिन बी मासिक धरà¥à¤® में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते हैं, इसलिठयह आवशà¥à¤¯à¤• है कि आप जांच लें और यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपमें इन विटामिनों की कमी नहीं है और अगर जरूरत पड़े तो आप सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ ले सकती हैं या आपके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में वे पदारà¥à¤¥ शामिल करें जिसमें विटामिन की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो। आप सूरज की किरणों से या अपने आहार में डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को शामिल करके विटामिन डी की अपनी खà¥à¤°à¤¾à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकते हैं। विटामिन बी की अपनी दैनिक खà¥à¤°à¤¾à¤• के लिठफलियां, मांस, बादाम, साबà¥à¤¤ अनाज, और हरी, पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाà¤à¤‚। यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आपका शरीर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहे और आपके शरीर में विटामिन की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ हो, इससे मासिक धरà¥à¤® को नियमित करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में मदद मिल सकती है।
पहली बार माठबनी महिलाओं के लिठपीरियड का अनियमित होना बहà¥à¤¤ निराशाजनक हो सकता है। इस बेहद सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• और आम पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पीछे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बायोलॉजिकल कारणों को समà¤à¤¨à¤¾ आपको धैरà¥à¤¯ दे सकता है।
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