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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और कैसे कर सकते हैं इसकी कमी को पूरी
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर से ही उसके गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠको पोषण मिलता है। अनà¥â€à¤¯ पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ की तरह कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठजरूरी होता है।
calcium
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पà¥à¤°à¤®à¥à¤– खनिज पदारà¥à¤¥ होता है। इससे गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास में मदद मिलती है। उमà¥à¤° के हिसाब से शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® न होने या बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होने की वजह से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में जटिलताà¤à¤‚ सामने आ सकती हैं।
अगर आप à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं या कंसीव करने की सोच रही हैं तो पहले ही जान लें कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत होती है और आपके à¤à¤µà¤‚ शिशॠके लिठये कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकसित हो रहे दांतों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूती देता है à¤à¤µà¤‚ मांसपेशियों, दिल और नसों के विकास को à¤à¥€ बढ़ावा देता है। अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में अपनी डायट से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® नहीं लेती हैं तो शरीर में पहले से जमा कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® बचà¥â€à¤šà¥‡ को मिलने लगता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की तीसरी तिमाही में खासतौर पर मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® चâ€à¤¾à¤¹à¤¿à¤ होता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का विकास अपने चरम पर होता है।
वहीं अगर आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® नहीं लेती हैं तो आपमें कमजोर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से संबंधित रोग यानी ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का खतरा काफी बढ़ जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी और सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की वजह से कई महिलाओं की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का घनतà¥â€à¤µ à¤à¥€ कम हो जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤²
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आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• मेडिकल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो कि शरीर में आयरन का सà¥â€à¤¤à¤° घटने की वजह से होती है। जब शरीर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं कर पाता है, तब à¤à¤¨à¥€â€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥â€à¤¨ होती है। यदि लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ ठीक तरह से कारà¥à¤¯ न कर पाà¤à¤‚, तो à¤à¥€ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है।
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आयरन का सà¥â€à¤¤à¤° कम होने पर आपको नीचे बताठगठलकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं :
थकानहाथ-पैर ठंडे होनाचकà¥â€à¤•र आनासीने में दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤–ूनों का पीला पड़नादिल की धड़कन अनियमित होनासिरदरà¥à¤¦à¤¶à¤°à¥€à¤° का तापमान कम होनासांस फूलना
यदि आपका शरीर बाकी हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ तक ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पहà¥à¤‚चाने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में हीमोगà¥â€à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ नहीं बना पा रहा है तो आपको ऊपर बताठगठà¤à¤• या उससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं।
आमतौर पर कम मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन के सेवन से आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होता है। यदि आप आयरनयà¥à¤•à¥â€à¤¤ आहार या सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट नहीं लेते हैं या खून बहने या सिलिà¤à¤• या कà¥à¤°à¥‹à¤¨ डिजीज के कारण à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है। इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शरीर को à¤à¥‹à¤œà¤¨ से आयरन को अवशोषित करने में दिकà¥â€à¤•त होती है।
इसके अलावा आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महिलाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है और गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने या गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को इसका खतरा जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में सामानà¥â€à¤¯ विकास के लिठअतà¥â€à¤¯à¤§à¤¿à¤• आयरन की जरूरत होती है, खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दूसरे हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में।
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अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का निदान हो तो सबसे पहले आपको ये पता लगाना चाहिठकि आपको किस पà¥à¤°à¤•ार का à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हà¥à¤† है।विटामन बी12 की कमी या फोलेट की कमी और लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओं में गड़बड़ी जैसे कि सिकेल सेल या थैलेसीमिया जैसे कारणों से à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने का पता लगाने के लिठडॉकà¥â€à¤Ÿà¤° टेसà¥â€à¤Ÿ कर सकते हैं।
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने की वजह से à¤à¥€ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ उमà¥à¤° में महिलाओं में आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ से पहले à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज वहीं है जो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का होता है। इसमें आयरन यà¥à¤•à¥â€à¤¤ आहार और आयरन के सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट से इलाज किया जाता है। जिन महिलाओं को माहवारी के दौरान जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने पर आपको गायनेकोलोजिसà¥â€à¤Ÿ से परामरà¥à¤¶ अवशà¥â€à¤¯ करना चाहिà¤à¥¤
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले दिठजाने वाले विटामिनों (पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिन) में आयरन होता है। आयरन यà¥à¤•à¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के इलाज और उसे रोकने में मदद कर सकता है। कà¥à¤› मामलों में डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° अगल से आयरल सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने के लिठकह सकते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 27 मि.गà¥à¤°à¤¾ आयरन की जरूरत होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान सही पोषण लेकर à¤à¥€ आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचा जा सकता है। रेड मीट, अंडा और मछली आयरन के बेहतरीन सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होते हैं। इसके अलावा आप मटर, बींस और अनाज से à¤à¥€ आयरन ले सकती हैं।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आयरन के शरीर में अवशोषण को बढ़ाने के लिठउचà¥â€à¤š विटामिन सी खादà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें। इसमें संतरे का जूस, टमाटर का जूस और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ शामिल हैं।
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डिलीवरी के बाद और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पहले कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ à¤à¤µà¤‚ महीनों में कई महिलाओं में आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° देखा जाता है। डिलीवरी के बाद अकà¥â€à¤¸à¤° आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कम हो जाता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के कारण मासिक धरà¥à¤® की बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कम हो जाती है।
वहीं कà¥à¤› महिलाओं को डिलीवरी के बाद à¤à¥€ आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ बनी रह सकती है। à¤à¤¸à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आयरन न लेने और डिलीवरी के दौरान जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खून बहने की वजह से होता है। डिलीवरी के बाद à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से चिंता, तनाव और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का खतरा बढ़ सकता है।
इस दौरान महिलाओं को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बनाठरखने के लिठआयरन के सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने चाहिà¤à¥¤ अपने आहार में आयरन और विटामिन-सी यà¥à¤•à¥â€à¤¤ चीजों को शामिल करें।
इस तरह फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की उमà¥à¤° की महिलाà¤à¤‚ आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बच सकती है और समय पर इसका इलाज करवा अपनी और अपने शिशॠकी रकà¥à¤·à¤¾ कर सकती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कितना कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® है जरूरी
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 1,000 मि.गà¥à¤°à¤¾ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत होती है। आपको रोज अपनी डायट में दिन में 4 बार कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥â€à¤¤ आहार लेना चाहिà¤à¥¤
अधिकतर पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिनों में रोजाना की जरूरत की पूरà¥à¤¤à¤¿ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® नहीं होता है लेकिन कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥â€à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से आसानी से इसकी पâ€à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ की जा सकती है।
कम कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® लेने का असर
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में जरूरत से कम या जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® लेने पर दिकà¥â€à¤•तें आ सकते हैं। अगर आप कम मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¥à¤¯à¤¿à¤® लेती हैं तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी, शिशॠका जनà¥â€à¤® के समय वजन कम होना, उंगलियों में सà¥à¤¨à¥â€à¤¨à¤¤à¤¾ और à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ, शिशॠका धीमा विकास, बचà¥â€à¤šà¥‡ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® न मिल पाना, मांसपेशियों और टांगों में à¤à¤‚ठन, à¤à¥‚ख कम लगना और कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤šà¤° à¤à¥€ हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤²
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आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• मेडिकल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो कि शरीर में आयरन का सà¥â€à¤¤à¤° घटने की वजह से होती है। जब शरीर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं कर पाता है, तब à¤à¤¨à¥€â€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥â€à¤¨ होती है। यदि लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ ठीक तरह से कारà¥à¤¯ न कर पाà¤à¤‚, तो à¤à¥€ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है।
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आयरन का सà¥â€à¤¤à¤° कम होने पर आपको नीचे बताठगठलकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं :
थकानहाथ-पैर ठंडे होनाचकà¥â€à¤•र आनासीने में दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤–ूनों का पीला पड़नादिल की धड़कन अनियमित होनासिरदरà¥à¤¦à¤¶à¤°à¥€à¤° का तापमान कम होनासांस फूलना
यदि आपका शरीर बाकी हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ तक ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पहà¥à¤‚चाने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में हीमोगà¥â€à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ नहीं बना पा रहा है तो आपको ऊपर बताठगठà¤à¤• या उससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं।
आमतौर पर कम मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन के सेवन से आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होता है। यदि आप आयरनयà¥à¤•à¥â€à¤¤ आहार या सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट नहीं लेते हैं या खून बहने या सिलिà¤à¤• या कà¥à¤°à¥‹à¤¨ डिजीज के कारण à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है। इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शरीर को à¤à¥‹à¤œà¤¨ से आयरन को अवशोषित करने में दिकà¥â€à¤•त होती है।
इसके अलावा आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महिलाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है और गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने या गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को इसका खतरा जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में सामानà¥â€à¤¯ विकास के लिठअतà¥â€à¤¯à¤§à¤¿à¤• आयरन की जरूरत होती है, खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दूसरे हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में।
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अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का निदान हो तो सबसे पहले आपको ये पता लगाना चाहिठकि आपको किस पà¥à¤°à¤•ार का à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हà¥à¤† है।विटामन बी12 की कमी या फोलेट की कमी और लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओं में गड़बड़ी जैसे कि सिकेल सेल या थैलेसीमिया जैसे कारणों से à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने का पता लगाने के लिठडॉकà¥â€à¤Ÿà¤° टेसà¥â€à¤Ÿ कर सकते हैं।
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने की वजह से à¤à¥€ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ उमà¥à¤° में महिलाओं में आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ से पहले à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज वहीं है जो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का होता है। इसमें आयरन यà¥à¤•à¥â€à¤¤ आहार और आयरन के सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट से इलाज किया जाता है। जिन महिलाओं को माहवारी के दौरान जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने पर आपको गायनेकोलोजिसà¥â€à¤Ÿ से परामरà¥à¤¶ अवशà¥â€à¤¯ करना चाहिà¤à¥¤
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी से पहले दिठजाने वाले विटामिनों (पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिन) में आयरन होता है। आयरन यà¥à¤•à¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के इलाज और उसे रोकने में मदद कर सकता है। कà¥à¤› मामलों में डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° अगल से आयरल सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने के लिठकह सकते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 27 मि.गà¥à¤°à¤¾ आयरन की जरूरत होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान सही पोषण लेकर à¤à¥€ आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचा जा सकता है। रेड मीट, अंडा और मछली आयरन के बेहतरीन सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होते हैं। इसके अलावा आप मटर, बींस और अनाज से à¤à¥€ आयरन ले सकती हैं।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आयरन के शरीर में अवशोषण को बढ़ाने के लिठउचà¥â€à¤š विटामिन सी खादà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें। इसमें संतरे का जूस, टमाटर का जूस और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ शामिल हैं।
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डिलीवरी के बाद और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पहले कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ à¤à¤µà¤‚ महीनों में कई महिलाओं में आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° देखा जाता है। डिलीवरी के बाद अकà¥â€à¤¸à¤° आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कम हो जाता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के कारण मासिक धरà¥à¤® की बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कम हो जाती है।
वहीं कà¥à¤› महिलाओं को डिलीवरी के बाद à¤à¥€ आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ बनी रह सकती है। à¤à¤¸à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आयरन न लेने और डिलीवरी के दौरान जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खून बहने की वजह से होता है। डिलीवरी के बाद à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से चिंता, तनाव और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का खतरा बढ़ सकता है।
इस दौरान महिलाओं को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बनाठरखने के लिठआयरन के सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने चाहिà¤à¥¤ अपने आहार में आयरन और विटामिन-सी यà¥à¤•à¥â€à¤¤ चीजों को शामिल करें।
इस तरह फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की उमà¥à¤° की महिलाà¤à¤‚ आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बच सकती है और समय पर इसका इलाज करवा अपनी और अपने शिशॠकी रकà¥à¤·à¤¾ कर सकती हैं।
अधिक कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® लेने का नà¥à¤•सान
à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ ही कम होता है जब आप खाने से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥â€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ कर लें। सलà¥â€à¤ªà¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने पर ही शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ती है। जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® लेने से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कबà¥â€à¤œ, पथरी, अनà¥â€à¤¯ खनिज पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ जैसे कि आयरन और जिंक को सोखने में दिकà¥â€à¤•त, दिल की धड़कन अनियमित होना और शिशॠके शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® कम होने जैसी परेशानियां आ सकती हैं।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के सà¥à¤°à¥‹à¤¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी होने या शरीर की रोजाना कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की आवशà¥â€à¤¯à¤•ता को खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से पूरा किया जा सकता है। दूध, चीज, दही, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, सोयाबीन, बींस, बादाम, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, तिल, किशमिश, टोफू आâ€à¤¦à¤¿ में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है।
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