पुटी और फोड़े में क्या अंतर है?HealthPlanet

Posted on Mon 12th Dec 2022 : 09:06

फुंसी (पिंपल्स) और फोड़े में अंतर कैसे पहचानें? जानें दोनों समस्याओं के कारण और बचाव के उपाय

क्या आपको फोड़े और फुंसी में अंतर पता है? आजकल के गलत खानपान, शारीरिक सक्रियता की कमी और तनाव कई त्वचा रोगों का कारण बन चुका है। लेकिन इनमें सबसे सामान्य या आम फोड़े-फुंसी हैं। हर दूसरा व्यक्ति इनसे परेशान रहता है। कोई शरीर पर होने वाले फोड़ों से तो कोई चेहरे या त्वचा पर होने वाले फुंसियों से परेशान रहता है। क्या आप इन दोनों के बीच के अंतर को जानते हैं (Difference Between Boils and Pimples)?

दरअसल, फोड़े और फुंसी दो अलग-अलग शब्द है। इन दोनों का मतलब भी अलग-अलग ही होता है। फोड़े को अंग्रेजी में Boil कहा जाता है, तो फुंसी को अंग्रेजी में Pimple कहा जाता है। त्वचा पर होने वाले फोड़े-फुंसियां के कारण भी अलग-अलग ही होते हैं। चलिए त्वचा रोग विशेषज्ञ पूजा चोपड़ा से जानते हैं इन दोनों के बीच के अंतर को-


फुंसी या पिंपल क्या है ? (What is Pimple)
त्वचा पर छोटे-छोटे छिद्र होते हैं, जो तेल को रिसते हैं और त्वचा को कोमल बनाते हैं। जब रोमछिद्र बंद होते हैं यानी इनमें तेल, बैक्टीरिया और गंदगी जमा हो जाती है, जिससे त्वचा पर फुंसी या पिंपल शुरू होने लगते हैं। जब पिपल फीके पड़ जाते हैं (ठीक होने लगते हैं) तो ये त्वचा पर काले धब्बे छोड़ देते हैं। कभी-कभी पिपल्स हमेशा के लिए निशान दे जाते हैं। ये मवाद वाले भी हो सकते हैं।


फुंसी होने के कारण (Causes of Pimple)
वैसे तो पिंपल्स किसी भी उम्र के लोगों को हो सकते हैं। लेकिन ज्यादातर किशोरावस्था में ही यह देखने को मिलता है। किशोरावस्था में हॉर्मोनल परिवर्तन की वजह से फुंसी या पिंपल्स होना सामान्य है। लेकिन अगर बढ़ी या छोटी उम्र में पिंपल्स हो तो आपको थोड़ा अलर्ट हो जाना चाहिए। इसके लिए आपको त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। किशोरावस्था में भी लंबे समय तक फुंसी रहे तो डॉक्टर से कंसल्ट करें।

यह हार्मोनल परिवर्तन की वजह से हो सकते हैं।
यौवन या गर्भावस्था के दौरान
गर्भनिरोधक गोलियों के ज्यादा सेवन से
पुरुष हार्मोन में वृद्धि होने पर

फुंसी के लिए बचाव टिप्स (Prevention Tips to Pimple)

चेहरे से पिंपल की समस्या को ठीक करने के लिए आपको अपनी स्किन केयर रूटीन पर ध्यान देने की जरूरत होती है। एक पिंपल को ठीक होने में लंबा समय लग सकता है।

रोज सुबह-शाम दोनों समय त्वचा को साफ पानी और हल्के क्लींजर से धोना चाहिए। क्लींजर आपके स्किन टाइप के अकॉर्डिंग होना चाहिए।
त्वचा पर माइल्ड मॉयश्चराइजर का इस्तेमाल करें। यह त्वचा के रूखेपन को दूर करने में मदद करता है।
त्वचा से डेड स्किन सेल्स या मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने के लिए हफ्ते में एक बार सौम्य स्क्रबर से त्वचा को एक्सफोलिएट करें। इस दौरान फुंसी को फोड़ने से बचें।


फोड़ा क्या है (What is Boil)

फोड़ा शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है। यह एक गांठ होती है, जो सूजी और लाल होती है। फोड़ा धीरे-धीरे मवाद से भर जाता है और इसका आकार बढ़ने लगता है। फोड़ा ज्यादातर पसीने वाली जगहों पर होते हैं। ज्यादातर फोड़े गदर्न, अंडरआर्म्स, जांघ, चेहरे और नितंब पर होते हैं। कई बार एक साथ कई फोड़े होना शुरू हो जाते हैं और इनमें लगातार वृद्धि होती रहती है। इस अवस्था को कार्बुनकल (फोड़े का एक समूह) कहा जाता है। यह स्थिति बेहद दर्दनाक होती है। इस स्थिति में कभी-कभी थकान और बुखार जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं।


फोड़ा होने के कारण (Causes of Boil)

फोड़ों की ज्यादातर समस्या किशोरावस्था और युवावस्था में होती है। पुरुषों में फोड़े सबसे आम हैं। यह कई कारणों से हो सकता है। कई बार पसीने के कारण तो कई बार दूसरों के साथ अपनी निजी चीजों को शेयर करके भी फोड़ा हो सकता है।

फोड़े स्टैफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus Aureus) जैसे बैक्टीरिया के कारण हो सकते हैं।
दूसरे लोगों के साथ अपनी व्यक्तिगत चीजें जैसे तौलिया, रेजर या अन्य समान शेयर करना।
कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) वाले लोगों को भी फोड़े होने की संभावना अधिक होती है।
पसीना भी फोड़े होने का एक कारण बन सकता है।

फोड़ा होने पर ऐसे करें बचाव (Prevention Tips for Boil)

शुरुआत में फोड़ा होने पर आप कुछ बचाव टिप्स फॉलो करके इसे ठीक कर सकते हैं। लेकिन अगर लंबे समय तक फोड़ा बना रहे तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है। इन बचाव टिप्स की मदद से इसमें काफी हद तक आराम मिल सकता है। कभी-कभी फोड़ा बहुत दर्दनाक हो सकता है।

प्रभावित या फोड़े के आस-पास गर्म सेक लगाएं। इससे दर्द से काफी हद तक आराम मिलेगा।
गुनगुने पानी से नहाने पर भी फोड़े के दर्द में आराम मिल सकता है।
आप चाहें तो डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक क्रीम भी लगा सकते हैं। इससे बैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे।
फोड़े और उसके आस-पास के क्षेत्र को सूखा रखें।
फोड़े को छूने या उस पर खुजली करने के बाद साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोएं। इससे दूसरी जगह पर संक्रमण नहीं फैलेगा।
दूसरे लोगों के साथ अपनी व्यक्तिगत चीजों को शेयर करने से बचें।

अगर आपको चेहरे पर बहुत ज्यादा फुंसियां हो, तो आपको डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करना चाहिए। आप अपनी त्वचा की केयर कर रहे हैं, फिर भी पिंपल कम न हो तो डॉक्टर से मिलना चाहिए। इसके अलावा अगर आपके फोड़े बढ़ रहे हैं, साथ ही उनमें दर्द भी हो रहा है, तो इस स्थिति में आपको डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए।

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