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फाइबर इनटेक बढ़ाà¤à¤‚ (Increase fiber intake)
पारà¥à¤•िंसन के रोगियों का पाचन तंतà¥à¤° (Digestive system) ठीक से काम नहीं कर पाता है, जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं। इसमें सबसे आम है कबà¥à¤œ (Constipation) यानी शरीर से मल को बाहर निकालने में कठिनाई होना। लेकिन अगर à¤à¤¸à¥‡ में फाइबर रिच फूड (Fiber rich food) का इनटेक बढ़ा दिया जाà¤, तो कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक किया जा सकता है। इसके लिठपारà¥à¤•िंसन के रोगियों को अपनी डाइट में ताजे फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ इसमें à¤à¥€ इन फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करें, जिनमें à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में फाइबर पाया जाता हो। अमरूद, सेब और नाशपाती फाइबर का अचà¥à¤›à¤¾ सोरà¥à¤¸ हैं। रेशेदार सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दाल में à¤à¥€ फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ अचà¥à¤›à¥€ पाई जाती हैं।
à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट है जरूरी (Antioxidant is important)
पारà¥à¤•िंसन के मरीजों को à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र डाइट लेनी चाहिà¤à¥¤ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट शरीर से विषैले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके सेवन से पारà¥à¤•िंसन मरीजों में इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कमी देखने को मिलती है। विटामिन-सी (Vitamin c), विटामिन-ई (Vitamin e) और बीटा कैरोटीन (Beta carotene) से यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट के अचà¥à¤›à¥‡ सोरà¥à¤¸ होते हैं। पारà¥à¤•िंसन के रोगियों को इसे अपनी डाइट में शामिल करना जरूरी होता है। à¤à¤¸à¥‡ में आप अपनी डाइट में लहसà¥à¤¨, टमाटर, अखरोट, चà¥à¤•ंदर, अदरक, अनार, कीवी, डारà¥à¤• चॉकलेट और धनिया को शामिल कर सकते हैं।
सेमी-सॉलिड और लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ डाइट (Semi solid and liquid diet)
पारà¥à¤•िंसन के पेशेंट में मूमेंटà¥à¤¸ बहà¥à¤¤ सà¥à¤²à¥‰ (Slow movement) हो जाती हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाना निगलने में à¤à¥€ काफी परेशानी होती हैं। खाना गले में फंस जाता है, जिससे खांसी होने लगती है। इसलिठपारà¥à¤•िंसन के रोगियों को à¤à¤¸à¤¾ आहार लेना चाहिà¤, जिसे आसानी से निगला जा सके। इसमें वे सेमी-सॉलिड और लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। सेमी-सॉलिड में आप खिचड़ी, दलिया, खीर और पोहा ले सकते हैं। वहीं लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ में आप पानी, फà¥à¤°à¥‚ट जूस, सूप, वेजिटेल जूस और नारियल पानी ले सकते हैं।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ रिच फूड (Protein rich food)
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ रिच डाइट पारà¥à¤•िंसन के रोगियों के लिठकाफी फायदेमंद होती हैं। इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिà¤à¥¤ इसके लिठवे सोया मिलà¥à¤• (Soy milk), पनीर, डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ (Dairy products), वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ बींस (White beans), अंडा, टोफू (Tofu), बà¥à¤°à¥‹à¤•ली और दलिया को नियमित रूप से ले सकते हैं।
इन चीजों से करें परहेज (Avoid these things)
- धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और à¤à¤²à¥à¤•ोहल (Alcohol) को पूरी अवॉयड करें। इनका जरा à¤à¥€ सेवन आपके लिठघातक हो सकता है।
- तला-à¤à¥à¤¨à¤¾, मसालेदार और जंक फूड को à¤à¥€ अपनी डाइट से बिलà¥à¤•à¥à¤² साइड कर दें।
- जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चीनी यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ (Suar rich food) से à¤à¥€ दूरी बनाकर रखें।
- घर का बना खाना ही खाà¤à¤‚। पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ (Processed) और पैकेट बंद फूड का सेवन करने से बचें।
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