न्यूरो पेशेंट को क्या खाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 13:57

हम अक्सर फिट होने के लिए और अच्छा दिखने के लिए अपनी डाइट में तमाम बदलाव करते हैं लेकिन क्या आपने अपने दिमाग के लिए अपने खान-पान में बदलाव किया है? हमारे शरीर के साथ-साथ हमारे दिमाग को भी अतिरिक्त पोषण की जरूरत पड़ सकती है। कई ऐसे फूड्स हैं जिनकी मदद से आपके दिमाग को बेहतर काम करने में मदद मिलती है।

हरी-पत्तेदार सब्जियां

हरी-पत्तेदार सब्जियों में विटामिन बी कॉम्पलैक्स, विटामिन सी, ई और मैगनिशियम भी होता है जो कि हमारे दिमाग के काम करने के लिए बेहद जरूरी है। विटामिन बी से न्यूरोट्रांसमीर्टस अच्छी तरह से काम करते हैं। वहीं मैगनिशियम से नर्व्स सही रहती हैं। विटामिन सी और ई नर्वस सिस्टम के लिए एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट का काम करता है।

फिश

फिश आयल सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। फिश में ओमेगा 3 होता है जो नर्वस सिस्टम के लिए फायदेमंद है। मेयलिन शेथ नर्व्स को सुरक्षित रखने में मदद करता हैं जिनमें भारी मात्रा में फैटी एसिड होता है। यह फैटी एसिड फिश में भी भरपूर पाया जाता है।

डार्क चॉकलेट
सभी डार्क चाकलेट्स एक जैसे नहीं होती। बाजार में मौजूद लगभग 75 प्रतिशत चॉकलेट्स काफी प्रोसेस्ड होते हैं इसलिए इनमें कोई फायदे नहीं होते लेकिन डार्क चॉकलेट्स में एंटी-आॅक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं। इनसे ब्लड प्रेशर कम होता है जिससे दिमाग में खून का संचार तेज होता है। ध्यान रहे डार्क चॉकलेट में कम से कम 70 प्रतिशत कोको होना चाहिए।

ब्रॉक्ली
ब्रॉक्ली में विटामिन के होता है जो दिमाग की शक्ति बढ़ाता है। कई अध्ययन दावा करते हैं कि ब्रॉक्ली में ग्लूकॉसिनोलेट्स होता है जो हमारे न्यूरोट्रांसमीटर की क्षमता में इजाफा करता है।

सामन मछली
सामन मछली में प्रचुर मात्रा में ओमेगा 3 होता है। इससे मेमोरी तेज होती है।

अवाकाडो
विटामिन के और फॉलेट से भरपूर इस फल को खाने से दिमाग में ब्लड क्लॉट्स नहीं बनते और स्ट्रोक्स की संभावना कम होती है। यह मेमोरी बढ़ाने में भी मदद करता है। इसमें काफी मात्रा में प्रोटीन होता है जिससे आप शारीरिक तौर पर भी फिट रहते हैं।

बादाम
ये तो सभी जानतें हैं कि अक्ल बादाम खाने से नहीं धोखा खाने से आती है लेकिन हम आपको बता रहे हैं कि बादाम खाने से भी उतनी ही अक्ल आती है।

कद्दू के बीज
कद्दू के बीजों में अच्छी मात्रा में मैगनिशियम, तांबा और जिंक पाया जाता है। मैगनिशियम की कमी से ब्रेन में माइग्रेन, डिप्रेशन,एपीलेप्सी जैसी समस्याएं होती हैं। नर्व सिंग्नल को कंट्रोल करने के लिए हमारा ब्रेन तांबे का इस्तेमाल करता है। जब तांबे की मात्रा दिमाग में कम हो जाती है तो हम अल्जाइमर के शिकार होने लगते हैं और जल्दी-जल्दी चीजें भूल जाते हैं। जिंक भी नर्व सिग्नल के लिए जरूरी है।


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