नारियल के तेल में क्या मिलाकर?HealthPlanet

Posted on Mon 12th Dec 2022 : 11:40

नारियल तेल के 18 फायदे, उपयोग और नुकसान –

नारियल तेल पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल शरीर से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। आमतौर पर नारियल तेल का इस्तेमाल बालों के लिए और शरीर की मालिश के लिए होता है, लेकिन दक्षिण भारत में इस तेल का उपयोग भोजन बनाने के लिए भी किया जाता है। इसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों को देखते हुए नारियल तेल पर कई शोध किए गए हैं, जिनमें इसके कई औषधीय गुणों के बारे में पता चला है। चलिए, इस लेख में इन गुण के साथ ही सेहत और सौंदर्य के लिए नारियल तेल के फायदे और नारियल तेल के उपयोग के बारे में जानते हैं।


नारियल तेल के प्रकार – Types of Coconut Oil in Hindi

नारियल तेल के प्रकार के बारे में जानकारी होना जरूरी है, ताकि इसका चुनाव और उपयोग ठीक तरीके से किया जा सके। चलिए, आगे नारियल तेल के प्रकार के बारे में जानते हैं:

ऑर्गेनिक नारियल का तेल : इस तेल का निर्माण सीधा पेड़ से तोड़े गए नारियल से किया जाता है। इसके उत्पादन में किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसमें रासायनिक की जगह प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह के नारियल तेल में पोषक तत्वों में कोई कमी नहीं होती है।

नॉन आर्गेनिक नारियल का तेल: रासायनिक खाद का इस्तेमाल करने वाले पेड़ों के नारियल से इसे बनाया जाता है।

रिफाइंड नारियल का तेल : इसका निर्माण सूखे नारियल से किया जाता है। इसे ब्लीच किया जाता है और ऐसी प्रक्रिया से गुजारा जाता है, जिससे इसमें बैक्टीरिया न के बराबर रह जाएं। इसे आकर्षक बनाने के लिए इसमें थोड़ा सफेद रंग का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसमें प्राकृतिक सुगंध व स्वाद बना रहता है।

वर्जिन / अनरिफाइंड / कोल्ड प्रेस्ड कोकोनट ऑयल: आमतौर पर अनरिफाइंड नारियल तेल सबसे ज्यादा उपयोगी होता है, क्योंकि यह पूरी तरह से शुद्ध व ताजे नारियल के फल से तैयार किया जाता है। इसमें बिना किसी मिलावट के नारियल तेल का प्राकृतिक रंग दिखाई पड़ता है। अनरिफाइंड नारियल तेल बनाने के लिए जिन नारियलों को चुना जाता है, उनसे 1-2 दिन के भीतर ही नारियल तेल को तैयार कर लिया जाता है। इसे वर्जिन कोकोनट ऑयल भी कहा जाता है।



आगे जानिए नारियल तेल का कौन-सा प्रकार ज्यादा अच्छा होता है।
किस प्रकार का नारियल तेल करें इस्तेमाल

नारियल तेल के प्रकार जानने के बाद अब पाठकों में यह जिज्ञासा हो रही होगी कि आखिर किस प्रकार के नारियल तेल का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है और किस प्रकार के नारियल तेल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

माना जाता है कि अनरिफाइंड नारियल का तेल अन्य नारियल तेल के प्रकार की तुलना में ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है । सेहत से लेकर सौंदर्य तक हर जगह अनरिफाइंड नारियल का तेल (वर्जिन कोकोनट ऑयल) का प्रयोग किया जा सकता है। वहीं, कभी-कभी खाने के लिए रिफाइंड नारियल का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है।



चलिए आगे नारियल के तेल के फायदे के बारे में जान लेते हैं।
नारियल तेल के फायदे – Benefits of Coconut Oil (Nariyal Tel) in Hindi

सेहत के लिए नारियल के तेल के फायदे बहुत हैं। यह तेल वजन घटाने से लेकर मधुमेह जैसी समस्याओं से निजात दिलाने का काम कर सकता है। नारियल के तेल के फायदे में हृदय संबंधी लाभ भी शामिल है । बस ध्यान दें कि यह गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं है। यह महज स्वस्थ रहने का एक जरिया हो सकता है। आइए, आगे विस्तार से जानते हैं कि यह तेल शरीर के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है।
1. वजन घटाने के लिए नारियल तेल खाने के फायदे

नारियल तेल का उपयोग वजन घटाने के लिए भी किया जा सकता है। दरअसल, नारियल के तेल में मीडियम चेन फैटी एसिड (एमसीएफए) जैसे लॉरिक एसिड, कैप्रेटेलिक एसिड और कैपरिक एसिड होते हैं।। यह एमसीटी (Medium-chain triglycerides) वजन कम करने वाली डाइट का एक मुख्य हिस्सा माना जाता है। इसी आधार में माना जाता है कि वजन घटाने में नारियल तेल मदद कर सकता है।

हालांकि, कुछ रिसर्च यह भी कहती हैं कि यह स्पष्ट नहीं है कि नारियल तेल अधिक वजन और मोटापे को कम करने में मदद करता है या नहीं। इसी वजह से इसको लेकर अधिक शोध किया जाना चाहिए । नारियल तेल के साथ ही वजन घटाने के लिए योग करना भी जरूरी है।

2. पाचन स्वास्थ्य के लिए कोकोनट ऑयल के फायदे

नारियल तेल के फायदे में पाचन स्वास्थ्य में सुधार भी शामिल है। दरअसल, नारियल तेल को हेल्दी ऑयल माना जाता है, जो पाचन को बेहतर करने में मददगार हो सकता है । बताया गया है कि नारियल तेल का उपयोग खाना पकाने में किया जाए, तो यह पाचन तंत्र को बेहतर कर सकता है। इससे पाचन तंत्र ही सही नहीं होता बल्कि इर्रिटेबल बॉवल सिंड्रोम (कब्ज, डायरिया, गैस आदि) से जुड़ी समस्या को भी कम करने में सहायक हो सकता है

3. दौरा (Seizures) रोकने में नारियल तेल के लाभ

नारियल तेल दौरों को रोकने में भी मदद कर सकता है। जी हां, नारियल में एंटीकॉन्वुल्सेंट गुण होते हैं। यह एक तरह से मिर्गी के दौरे के ड्रग के रूप में कार्य करता है। इसी वजह से माना जाता है कि नारियल तेल से दौरे की समस्या में कुछ हद तक लाभ मिल सकता है। इसके अलावा, नारियल तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव और मीडियम चैन फैटी एसिड मिर्गी की समस्या को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

4. डायबिटीज में कोकोनट ऑयल के फायदे

नारियल तेल खाने के फायदे में मधुमेह भी शामिल है। दरअसल, मधुमेह को नियंत्रित करने में डाइट का बहुत बड़ा योगदान होता है एक रिसर्च में कहा गया है कि वर्जिन कोकोनट ऑयल में डायबिटीज कंट्रोल करने की क्षमता होती है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करना नुकसानदायक भी हो सकता है )।

एक अन्य शोध में कहा गया है कि वर्जिन नारियल तेल में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड रक्त में मौजूद ग्लूकोज की मात्रा को कम कर सकते हैं। साथ ही नारियल तेल से खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। इसी वजह से वर्जिन कोकोनट ऑयल को लेकर क्लिनिकल ट्रायल करने की सिफारिश की गई है
5. हृदय स्वास्थ्य के लिए

हृदय को स्वस्थ रखने में भी कोकोनट ऑयल मदद कर सकता है। दरअसल, नारियल तेल में पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो हृदय रोगों का खतरा कई गुना तक कम कर सकते हैं । हालांकि, इस विषय में अधिक शोध करने की भी बात कही गई है। हार्ट पेशेंट सीमित मात्रा में नारियल तेल को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। अधिक मात्रा में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

6. अल्जाइमर में नारियल तेल के लाभ

नारियल तेल से अल्जाइमर का घरेलू इलाज किया जा सकता है। इसकी वजह है नारियल तेल में मौजूद सैचुरेटेड फैट। हालांकि इसे लेकर अभी तक कोई वैज्ञानिक पुष्टि तो नहीं हुई है। एक शोध की मानें तो नारियल तेल याददाश्त को बढ़ाने में भी सहायक हो सकता है ।

7. इम्यूनिटी के लिए नारियल तेल खाने के फायदे

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी नारियल तेल मदद कर सकता है। एक रिसर्च में कहा गया है कि नारियल तेल में कैप्रिक एसिड, लॉरिक एसिड और कैप्रेलिक (Caprylic) एसिड होते हैं। इन एसिड में एंटीमाइक्रोबियल गतिविधि होती हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को रोगों से लड़ने में मदद कर सकती हैं ।

एक अन्य अध्ययन में कहा गया है कि वर्जिन कोकोनट ऑयल (VCO) एस.ऑरियस बैक्टीरिया को बढ़ने से रोक सकता है। साथ ही फागोसाइटिक प्रतिरक्षा कोशिकाओं (शरीर को बैक्टीरिया और हानिकारक बाहरी तत्वों से बचाने वाली कोशिकाएं) की क्षमता में वृद्धि करने में मदद करता है। इसी वजह से नारियल तेल में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव पाए जाते हैं ।
8. डेंटल हेल्थ

नारियल के तेल का उपयोग ऑयल पुलिंग के लिए किया जा सकता है, जिससे प्लाक को बनने से रोका जा सकता है। साथ ही यह प्लाक की वजह से होने वाली मसूड़ों की सूजन (Gingivitis) को कम करने में प्रभावी हो सकता है। दरअसल, नारियल तेल में लॉरिक एसिड होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल प्रभाव को प्रदर्शित करता है। इसी वजह से नारियल तेल को डेंटल हेल्थ के लिए अच्छा माना जा जा सकता है ।

9. हड्डी स्वास्थ्य के लिए कोकोनट ऑयल के फायदे

हड्डियों को स्वस्थ रखने और उन्हें मजबूत बनाने में नारियल तेल मदद कर सकता है। वर्जिन नारियल तेल में मौजूद पॉलीफेनोल्स कंपाउंड एंटीऑक्सीडेंट की तरह कार्य करते हैं। चूहों पर किए गए एक अध्ययन में देखा गया कि नारियल तेल के प्रयोग से ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों के कमजोर होने वाली बीमारी) से ग्रस्त चूहे में एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम की मात्रा बढ़ गई।

इसकी मदद से लिपिड पेरोक्सिडेशन से बचाव हुआ, जो सेल डैमेज का कारण बनता है। इसी वजह से कोकोनट ऑयल बोन वॉल्यूम बढ़ा सकता है और हड्डी के स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है। रिसर्च में कहा गया है कि यह फ्रैक्चर की रोकथाम में भी मदद कर सकता है। इसी आधार पर कहा गया है कि हड्डियों के लिए एंटीऑक्सीडेंट समृद्ध डाइट जैसे कोकोनट ऑयल का सेवन किया जा सकता है।


10. अर्थराइटिस के लिए नारियल तेल के लाभ

कोकोनट ऑयल को हेल्दी डाइट में शामिल करना चाहिए। अर्थराइटिस के पेशेंट्स के लिए भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि नारियल तेल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। चूहों पर किए गए प्रयोग से भी इस बात की पुष्टि की गई है कि गठिया से बचाव में नारियल तेल कारगर हो सकता है ।

11. किडनी स्वास्थ्य

नारियल तेल किडनी के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, नारियल तेल न सिर्फ उच्च रक्तचाप को नियंत्रित कर सकता है, बल्कि किडनी समस्याओं को भी ठीक करने में मदद कर सकता है। रिसर्च में बताया गया है कि नारियल तेल की एंटी-ऑक्सीडेंट एक्टिविटी रीनल इंजरी (किडनी फेलियर और डैमेज) से बचाव में सहायक हो सकती है।
12. भूख पर नियंत्रण के लिए नारियल तेल खाने के फायदे

पेट भरा होने के बाद भी कुछ-न-कुछ खाते रहने की इच्छा होती है, जिस वजह से वजन लगातार बढ़ रहा है? कोई नहीं, इसमें भी नारियल का तेल मदद कर सकता है। जी हां, नारियल तेल के सेवन से भूख को नियंत्रित किया जा सकता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, अगर प्रतिदिन नाश्ते में स्मूदी में नारियल तेल का इस्तेमाल किया जाए, तो भूख पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

वहीं, इस शोध में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मीडियम चैन फैटी एसिड (MCT) में भूख को नियंत्रित करने की ज्यादा क्षमता होती है । वैसे, कोकोनट ऑयल में भी एमसीटी होता है । फिर भी इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
13. फंगल इंफेक्शन

फंगल संक्रमण से बचने में नारियल तेल मदद कर सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, कैंडिडा (एक प्रकार का फंगस) संक्रमण से बचाव के लिए नारियल तेल का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, नारियल तेल में एंटीफंगल गुण होते हैं, जो फंगल संक्रमण से त्वचा की रक्षा कर सकते हैं ।
14. वायरल इन्फेक्शन

नारियल तेल का उपयोग वायरल इंफेक्शन से बचने के लिए किया जा सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि वर्जिन नारियल तेल में मौजूद लॉरिक एसिड और मोनोग्लिसराइड मोनोलॉरिन एंटीवायरल गुण प्रदर्शित करते हैं । इसके अलावा, नारियल तेल में संक्रमण से बचाव करने वाले एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव भी होता है। एक अन्य शोध के अनुसार, नारियल तेल के इस्तेमाल से क्लोस्ट्रीडियम डिफ्फिसिल बैक्टीरिया के कारण पेट में होने वाले इंफ्लेमेशन और बुखार से बचा जा सकता है ।
15. त्वरित ऊर्जा पाने के लिए नारियल तेल के लाभ

नारियल तेल का उपयोग त्वरित ऊर्जा स्रोत के रूप में किया जा सकता है। दरअसल, प्रति 100 ग्राम नारियल तेल में 892kcl ऊर्जा होती है । एक रिसर्च में कहा गया है कि नारियल तेल एनर्जी प्रोड्यूस कर सकता है। इसी वजह से इंफेंट फॉर्मूला में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, इसमें मौजूद फैट अच्छे से पचता है और शरीर को समय-समय पर एनर्जी देता है। ऐसे में लिवर और वसा ऊतक को फैट सिंथेसिस की जरूरत नहीं पड़ती है। वसा का धीमा पाचन शरीर को जरूरी पोषक तत्वों को अच्छे से अवशोषित होने में मदद कर सकता है ।
16. लिप बाम

खाने के ही नहीं बल्कि नारियल का तेल लगाने के फायदे भी होते हैं। होठों पर लगाने के लिए भी नारियल तेल का इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, नारियल के तेल में मौजूद वसा होठों की त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है। प्राकृतिक लिप बाम में अक्सर कोकनट ऑयल को इस्तेमाल किया जाता है । इस तेल से अधिक गंध भी नहीं आती है। इसी वजह से लिप बाम के रूप में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

एक बड़ा चम्मच नारियल तेल, 1 चम्मच कोको बटर, बी-वैक्स और रंग के लिए चुकंदर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद इसे कुछ देर फ्रिज में रख दें। अब इसे लिप बाम की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। बस अब नारियल का तेल लगाने से क्या होता है, यह सोचना छोड़कर लिप बाम की तरह इसका इस्तेमाल करें।

17. सनस्क्रीन का प्रभाव

अभी भी सोच रहे हैं कि नारियल का तेल लगाने से क्या होता है? बता दें कि त्वचा को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाव करने में नारियल तेल मदद कर सकता है। नारियल तेल 20 प्रतिशत तक सूर्य की हानिकारक किरणों को ब्लॉक कर सकता है एक अध्ययन में कहा गया है कि नारियल के तेल में बेस्ट सन प्रोटेक्शन फेक्टर होता है, जिस वजह से कई सन स्क्रीन में इसका इस्तेमाल भी किया जाता है । इसी वजह से त्वचा पर नारियल का तेल लगाने के फायदे में इसे गिना जाता है।
18. नारियल तेल के फायदे बालों के लिए

नारियल तेल के फायदे बालों के लिए भी हैं। बालों की सुरक्षा के लिए कोकोनट ऑयल हेयर मास्क की तरह काम कर सकता है। जी हां, बालों में नारियल तेल लगाने के फायदे में डैमेज और नॉर्मल बालों के प्रोटीन लॉस को कम करना शामिल है। इसी वजह से इसका इस्तेमाल नहाने से पहले और नहाने के बाद दोनों समय किया जा सकता है। इसके साथ ही यह बालों की परत (हेयर शेफ्ट) के अंदर तक जाकर उसे पोषण दे सकता है। इसी वजह से कहा जाता है कि नारियल तेल के फायदे बालों के लिए अनेक हैं। बालों की नारियल तेल से मालिश करने के फायदे भी होते हैं। इसलिए, इसे गुनगुना करके बालों की अच्छे से मालिश की जा सकती है।

नारियल तेल को लेकर कुछ गलत धारणाएं भी हैं, जिनकी सत्यता के बारे में हम नीचे बता रहे हैं।
नारियल तेल के बारे में गलत धारणाएं – Misconceptions About Coconut Oil in Hindi

नारियल तेल के बारे में कई गलत धारणाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि नारियल तेल में मौजूद पॉलीअनसैचुरेटेड फैट हृदय के लिए हानिकारक होता है, लेकिन यह गलत है। एक अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है कि नारियल तेल को सीमित मात्रा में लिया जाए तो इसमें मौजूद पॉलीअनसैचुरेटेड फैट हृदय रोगों के जोखिम को कम कर सकता है ।

कहा जाता है कि सेहत के लिए अनरिफाइंड नारियल तेल के मुकाबले रिफाइंड नारियल तेल ज्यादा अच्छा होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। अनरिफाइंड तेल केमिकल प्रक्रिया से नहीं गुजरता है, इसलिए अनरिफाइंड (वर्जिन) तेल सेहत के लिए ज्यादा अच्छा होता है । वहीं, कूकिंग के लिए लाइट कोकोनट ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है । बस इस बात का ध्यान दें कि इसका इस्तेमाल अधिक मात्रा में न करें अन्यथा नारियल तेल के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।



नारियल तेल के बारे में गलत धारणाओं से परिचित होने के बाद आइए, अब इसके चयन का तरीका जान लेते हैं।
नारियल तेल का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

नारियल तेल का चयन उसके इस्तेमाल के हिसाब से करें। वैसे, वर्जिन नारियल तेल का इस्तेमाल खाना बनाने से लेकर बालों में लगाने के लिए किया जा सकता है। संभव हो, तो ऑर्गेनिक कोल्ड प्रेस्ड वर्जिन कोकोनट ऑयल ही खरीदें।

नारियल तेल को सुरक्षित रखने की बात करें, तो इसके लिए कोई खास जतन नहीं करना होता है। नारियल तेल की बोतल पर इसकी एक्सपायरी डेट पहले से ही लिखी होती है। बस इसे ठंडी जगह पर स्टोर करें, जहां सूरज की सीधी रोशनी न पड़े।



solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info