Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशॠको दूध पीने के बाद कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होती है उलà¥â€à¤Ÿà¥€, जानिठकारण और घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–े
अकà¥â€à¤¸à¤° दूध पीने के बाद शिशॠउलà¥â€à¤Ÿà¥€ कर देते हैं। इसके कई कारण होते हैं जिनका पता लगाकर शिशॠको इस परेशानी से बचाया जा सकता है।
कई बार शिशॠपेट दरà¥à¤¦ या गैस की वजह रोता है लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ शिशॠको उलà¥â€à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ हो जाती है। वहीं अगर बार-बार उलà¥â€à¤Ÿà¥€ हो रही है तो इसका कारण जानकर इलाज करना जरूरी है ताकि शिशॠको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिकà¥â€à¤•त न हो। इसकी वजह से शिशॠके शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
आइठजानते हैं कि शिशॠको किन कारणों से उलà¥â€à¤Ÿà¥€ होती है।
शिशॠकी à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली पूरी तरह मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° नहीं होती है इसलिठदूध पीने के बाद दूध वापस à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली में आ सकता है जिससे शिशॠमà¥à¤‚ह या नाक से दूध बाहर निकाल देता है। शिशॠके 18 महीने के होने पर अकà¥â€à¤¸à¤° यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ ठीक हो जाती है।
शिशॠके उलà¥â€à¤Ÿà¥€ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होती है
सà¥â€à¤Ÿà¤®à¤• फà¥à¤²à¥‚ को वारयल गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¥€ कहते हैं। यह पेट का à¤à¤• वायरल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ होता है। इसमें उलà¥â€à¤Ÿà¥€, दसà¥â€à¤¤, बà¥à¤–ार और पेट में दरà¥à¤¦ जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं। पेट में फà¥à¤²à¥‚ होने पर कà¥à¤› दिनों तक शिशॠको उलà¥â€à¤Ÿà¥€ हो सकती है। उलà¥â€à¤Ÿà¥€ और दसà¥â€à¤¤ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² या किसी तंतà¥à¤° में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होता है। शिशॠके उलà¥â€à¤Ÿà¥€ करने का कारण मूतà¥à¤° मारà¥à¤— में संकà¥à¤°à¤®à¤£ और छाती में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी कमजोर होती है इसलिठउनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जलà¥â€à¤¦à¥€ जलà¥â€à¤¦à¥€ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ होता रहता है।
शिशॠका उलà¥â€à¤Ÿà¥€ करना आम बात है?
जी हां, मां का दूध पीने के बाद शिशॠको उलà¥â€à¤Ÿà¥€ होना सामानà¥â€à¤¯ बात है। कई बार जब शिशॠको पेट à¤à¤° जाता है और वो जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पी लेता है तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उलà¥â€à¤Ÿà¥€ हो जाती है। शिशॠके बढ़ने पर यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ अपने आप ठीक हो जाती है।
उलà¥â€à¤Ÿà¥€ रोकने के लिठकà¥â€à¤¯à¤¾ करें
जब à¤à¥€ शिशॠको दूध पिलाà¤à¤‚ तो अपने साथ साफ कपड़ा जरूर रखें ताकि जब à¤à¥€ शिशॠको उलà¥â€à¤Ÿà¥€ हो तà¤à¥€ तà¥à¤°à¤‚त उसका मà¥à¤‚ह साफ किया जा सके।
दूध पिलाने के बाद उसे हिलाà¤à¤‚ नहीं। रोज बचà¥â€à¤šà¥‡ को à¤à¤• ही समय पर दूध पिलाà¤à¤‚। रोज अलग समय पर दूध पिलाने पर समसà¥â€à¤¯à¤¾ और गंà¤à¥€à¤° हो सकती है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह पर ही उलà¥â€à¤Ÿà¥€ रोकने की दवा दें।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को कब दिखाà¤à¤‚
यदि शिशॠको उलà¥â€à¤Ÿà¥€ और दसà¥â€à¤¤ हो रहे हैं तो उसके शरीर में पानी की कमी न होने दें। अगर उलà¥â€à¤Ÿà¥€ का रंग à¤à¥‚रा है या बचà¥â€à¤šà¥‡ को दसà¥â€à¤¤ नहीं है तो यह चिंता की बात है। आमतौर पर बचà¥â€à¤šà¥‡ को उलà¥â€à¤Ÿà¥€ 24 घंटे से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक नहीं होती है और अगर इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक उलà¥â€à¤Ÿà¥€ हो तो यह किसी बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ या गंà¤à¥€à¤° बीमारी का संकेत हो सकता है। यदि बचà¥â€à¤šà¥‡ को उलà¥â€à¤Ÿà¥€ के बाद खांसी में खून आ रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚।
उलà¥â€à¤Ÿà¥€ रोकने के घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–े
सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने पर थोड़ी थोड़ी देर में शिशॠको दूध पिलाने की जरूरत होती है और उलà¥â€à¤Ÿà¥€ बंद होने पर आप शिशॠको रोज की तरह दूध पिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• लेने वाले बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को दो से तीन घंटे में हर पंदà¥à¤°à¤¹ मिनट में ओआरà¤à¤¸ की जरूरत पड़ती है। आपको केमिसà¥â€à¤Ÿ से ओआरà¤à¤¸ मिल जाà¤à¤—ा। इससे पानी की कमी नहीं होती है।
| --------------------------- | --------------------------- |