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शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ (डायरिया) किस वजह से होते हैं?
इसके संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारणों की सूची बहà¥à¤¤ लंबी है। आपके शिशॠको विषाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ (​वायरल) या जीवाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ (बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤²) इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से डायरिया हो सकता है। इसके अलावा इसके कारण कोई परजीवी à¤à¥€ हो सकता है, शिशॠने कोई à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ ली हो या फिर कà¥à¤› खाया हो।
वायरल इनफेकà¥à¤¶à¤¨
बहà¥à¤¤ से विषाणॠजैसे कि रोटावायरस, à¤à¤¡à¥€à¤¨à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸, कैलिसिवायरस, à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ और इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा डायरिया के साथ-साथ उलà¥à¤Ÿà¥€, पेट दरà¥à¤¦, बà¥à¤–ार और बदन दरà¥à¤¦ का कारण हो सकते हैं।
दसà¥à¤¤ होने का सबसे आम कारण à¤à¤• विषाणॠहै, जिसका नाम है रोटावायरस। यह विषाणॠअंतड़ियों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करता है, जिससे गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस होता है। यह आंत की अंदरà¥à¤¨à¥€ परत को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चाता है। इस कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ परत से तरल पदारà¥à¤¥ का रिसाव होता है और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का समाहन किठबिना à¤à¥‹à¤œà¤¨ इसमें से निकल जाता है। कà¥à¤› मामलों में रोटावायरस गंà¤à¥€à¤° मल संकà¥à¤°à¤®à¤£ और शरीर में पानी की कमी की वजह से होता है (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) का कारण बन सकता है।
रोटावायरस से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठशिशॠके टीकाकारण के तहत टीका लगाया जाà¤à¤—ा। यह à¤à¤• अनिवारà¥à¤¯ टीका है। शिशॠको कौन सी वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगाई जा रही है, इसे देखते हà¥à¤ उसे दो या तीन खà¥à¤°à¤¾à¤• मिलनी चाहिà¤à¥¤ पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• उसे छह से आठहफà¥à¤¤à¥‡ की उमà¥à¤° में मिलनी ​चाहिà¤, दूसरी खà¥à¤°à¤¾à¤• 10 से 16 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच और तीसरी खà¥à¤°à¤¾à¤• करीब 14 से 24 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच लगनी चाहिà¤à¥¤
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि छह हफà¥à¤¤à¥‡ से कम उमà¥à¤° और चार महीने से अधिक उमà¥à¤° के शिशॠको इस टीके की पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• नहीं दी जा सकती है। यदि आपने यह टीका शिशॠको नहीं लगवाया है, तो शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
अधिकांश वायरल डायरिया à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में ठीक हो जाते हैं। चूंकि ये वायरस की वजह से होते हैं, इसलिठइनका उपचार à¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸ से नहीं किया जा सकता। इस दौरान अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती रहें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥, जिसमें ओआरà¤à¤¸ का घोल à¤à¥€ शामिल है, पिलाने की सलाह दे सकते हैं, ताकि शिशॠको जलनियोजित रखा जा सके। दसà¥à¤¤ की अवधि को कम करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° जिंक अनà¥à¤ªà¥‚रक लेने की सलाह à¤à¥€ दे सकते हैं।
कई बार वायरल डायरिया गंà¤à¥€à¤° हो सकता है और इससे डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो, तो शिशॠको आईवी यानि नसों के जरिये (इंटà¥à¤°à¤¾à¤µà¥€à¤¨à¤¸) तरल लेने की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनफेकà¥à¤¶à¤¨
जीवाणॠजैसे कि सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾,​ शिगेला, सà¥à¤Ÿà¥‡à¤«à¤¿à¤²à¥‹à¤•ोकस, कैमà¥à¤«à¥€à¤²à¥‹à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° या ई. कोली à¤à¥€ दसà¥à¤¤ पैदा कर सकते हैं। यदि आपके शिशॠको बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो, तो उसे गंà¤à¥€à¤° डायरिया के साथ-साथ मरोड़, मल में खून और बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है। उसे उलà¥à¤Ÿà¥€ हो à¤à¥€ सकती है और नहीं à¤à¥€à¥¤
कà¥à¤› जीवाणà¥à¤µà¤¿à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ अपने आप ठीक हो जाते हैं, मगर कà¥à¤› जैसे कि ई. कोलाई से होने वाले इनफेकà¥à¤¶à¤¨ गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं। ई. कोलाई अधपके मांस और à¤à¥‹à¤œà¤¨ के अनà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹ में पाया जा सकता है। इसलिठयदि आपके शिशॠमें ये लकà¥à¤·à¤£ हों, तो उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। वह शिशॠकी जांच करेंगे और शायद बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनफेकà¥à¤¶à¤¨ के संकेतों के लिठसà¥à¤Ÿà¥‚ल कलà¥à¤šà¤° की जांच करना चाहेंगे।
कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£
कà¥à¤› मामलों में कान में इनफेकà¥à¤¶à¤¨ (जो कि वायरल या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² कà¥à¤› à¤à¥€ हो सकता है) दसà¥à¤¤ की वजह बन सकता है। यदि आपके शिशॠके साथ à¤à¤¸à¤¾ हो, तो आप यह à¤à¥€ पाà¤à¤‚गी कि शिशॠचिड़चिड़ा है और अपने कान खींचता रहता है। उसे उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है और उसकी à¤à¥‚ख कम हो सकती है। हो सकता है उसे हाल ही में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हà¥à¤† हो। उसे बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है।
परजीवी
परजीवी (पैरासाइट) संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ डायरिया का कारण हो सकता है। उदाहरण के तौर पर जियाडाà¤à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¤• अति सूकà¥à¤·à¥à¤® परजीवी की वजह से होता है, जो आंत में रहता है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में गैस, फà¥à¤²à¤¾à¤µà¤Ÿ, दसà¥à¤¤ और चिकना मल शामिल है।
इस तरह के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ डे केयर या समूूहों में आसानी से फैलते हैं और इनके उपचार के लिठविशेष दवा होती है, इसलिठशिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ आसानी से फैलता है और वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ की तरह डायरिया पैदा कर सकता है। यह अपने आप ठीक हो जाता है, मगर शिशॠकी डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच की जरà¥à¤°à¤¤ होती।
शिशॠमें कीड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बारे में यहां और अधिक जानें।
अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तैयार किया फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध
फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीड अगर सही ढंग से तैयार न किया जाठतो दसà¥à¤¤ का कारण बन सकता है। इसलिà¤, सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप उचित मातà¥à¤°à¤¾ में पानी और फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलाà¤à¤‚। हमेशा फिलà¥à¤Ÿà¤° किया हà¥à¤† पीने का पानी उबाल कर दूध तैयार करने में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
à¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸
यदि आपके शिशॠको à¤à¤‚टिबायोटिक दवाओं के कोरà¥à¤¸ के दौरान या इसके बाद दसà¥à¤¤ होता है, तो यह उस दवा की वजह से हो सकता है जो आंतों में समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा करने वाले जीवाणà¥à¤“ं के साथ-साथ अचà¥à¤›à¥‡ ​जीवाणà¥à¤“ं को à¤à¥€ मार देती है। इन दवाओं की मातà¥à¤°à¤¾ कम करने से यह समसà¥à¤¯à¤¾ करीबन à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में ठीक हो सकती है।
बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जूस
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में फलों के रस (खासकर सॉरà¥à¤¬à¤¿à¤Ÿà¥‰à¤² और उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ वाले जूस) या बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मीठे पेय शिशॠके पेट में गड़बड़ी कर सकते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠको दो साल की उमà¥à¤° से पहले जूस देने की सलाह नहीं देते।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€
à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ यानि फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में ​शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ उन खादà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करती है, जो सामानà¥à¤¯ तौर पर कोई नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चाते। à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने के हलà¥à¤•े या गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ तà¥à¤°à¤‚त या फिर à¤à¤•-दो घंटों में दिखाई दे सकते हैं। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में दसà¥à¤¤, गैस, पेट में दरà¥à¤¦ और मल में खून आना शामिल है। कà¥à¤› और गंà¤à¥€à¤° मामलों में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से पितà¥à¤¤à¥€ (हाइवà¥à¤¸), चकतà¥à¤¤à¥‡, सूजन और सांस लेने में दिकà¥à¤•त हो सकती है।
दूध का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करने वाला सबसे आम ततà¥à¤µ है। शिशॠको à¤à¤• साल का होने से पहले गाय का दूध नहीं पिलाना चाहिà¤, मगर यदि आपके शिशॠको दूध के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो तो गाय के दूध से बना फॉरà¥à¤®à¥‚ला या ठोस आहार शà¥à¤°à¥ करने पर डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से बना à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकती है। कà¥à¤› मामलों में तो यदि माठडेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का सेवन करे तो सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध से à¤à¥€ शिशॠको यह à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करने वाले अनà¥à¤¯ आम खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ (इनमें से अधिकांश अà¤à¥€ आपके शिशॠके आहार में शामिल नहीं हà¥à¤ होंगे) में शामिल है अंडे, मूंगफली, सोया, गेहूं, मेवे, मछली और सीपदार मछली। यदि आपको लगे कि आपके शिशॠको शायद फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾
à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के विपरीत à¤à¥‹à¤œà¤¨ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ (फूड इनटोलरेंस), जिसे कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशीलता à¤à¥€ कहा जाता है। यह à¤à¤• असामानà¥à¤¯à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जिसमें आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿â€‹à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ शामिल नहीं होती। à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशीलता का à¤à¤• उदाहरण है लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾à¥¤
लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ शिशà¥à¤“ं में होना काफी असामानà¥à¤¯ बात है, मगर यदि यह आपके शिशॠको हो तो इसका मतलब है कि उसके शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ लैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं हो रहा। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤® है, जिसकी जरà¥à¤°à¤¤ लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ को पचाने में होती है। गाय के दूध और अनà¥à¤¯ डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में मौजूद शरà¥à¤•रा को लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ कहा जाता है।
जब बिना पचा हà¥à¤† लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ आपकी आंत में रहता है, तो इससे दसà¥à¤¤, पेट में मरोड़, फà¥à¤²à¤¾à¤µà¤Ÿ और गैस जैसे लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। ये लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर दूध से बने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ के सेवन के आधे घंटे से दो घंटों के बीच शà¥à¤°à¥ होते हैं।
वैसे अगर आपके शिशॠकी डायरिया की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° हो, तो उसे असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ तौर पर लैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸ के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में दिकà¥à¤•त हो सकती है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प उसे à¤à¤• या दो हफà¥à¤¤à¥‡ तक लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾
यदि आपके शिशॠने कोई जहरीली या न खाने योगà¥à¤¯ चीज जैसे दवाई, कोई पौधा या कैमिकल निगल लिया हो तो उसे दसà¥à¤¤ व उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है। यदि शिशॠबेहोश हो या उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो तà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाà¤à¤‚। इसके अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में थकान और दौरे पड़ना है।
दसà¥à¤¤ à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤® की कमी से à¤à¥€ हो सकते हैं, हालांकि à¤à¤¸à¤¾ होना दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है।
शिशॠके दसà¥à¤¤ का उपचार कैसे करना चाहिà¤?
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपका शिशॠअधिक मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करे, ताकि उसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° आठऔर शरीर में पानी की कमी (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) न हो।
अगर आपका शिशॠउचित मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पी रहा है, तो ये जारी रखें। इसके साथ-साथ, थोड़े बड़े शिशà¥à¤“ं को बीच-बीच में पानी, ओरल रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ सोलà¥à¤¯à¥‚शन (ओआरà¤à¤¸) घोल के घूंट à¤à¥€ पिलाठजा सकते हैं। दसà¥à¤¤ के कारण शिशॠके शरीर से जो तरल और लवण निकल जाते हैं, ओआरà¤à¤¸ उनकी à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करने में मदद करता है। साथ ही, शिशॠजब à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ करे और पेशाब या मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करे तो उसे ओआरà¤à¤¸ के घोल की कà¥à¤› घूंट पिलाà¤à¤‚।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° डायरिया की अवधि कम करने के लिठजिंक अनà¥à¤ªà¥‚रक लेने के लिठà¤à¥€ कह सकते हैं। आमतौर पर à¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸ उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दी जाती है, जिनके मल में खून आ रहा हो।
शिशॠजो अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ खो रहा है, उसकी पूरà¥à¤¤à¤¿ करने के लिठउसे अतिरिकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚। उसे फà¥à¤²-सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤‚थ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध à¤à¥€ पिलाती रहें, यानि उसके दूध में निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ से अतिरिकà¥à¤¤ पानी मिलाकर उसे पतला न करें। फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले और ठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥ कर चà¥à¤•े शिशà¥à¤“ं को उबालकर ठंडा किया पानी à¤à¥€ पिलाया जा सकता है।
ठोस आहार खाने वाले शिशà¥à¤“ं को नारियल पानी à¤à¥€ पिलाया जा सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह इलैकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ का à¤à¤°à¤ªà¥‚र सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है। शिशॠको फलों के रस, गà¥à¤²à¥‚कोस और सोडायà¥à¤•à¥à¤¤ पेय न दें। जो शकà¥à¤•र अवशोषित नहीं होती वह आंत में पानी इकटà¥à¤ ा करती है और दसà¥à¤¤ को बढ़ा सकती है।
शिशॠको à¤à¤‚टि-डायरिया दवा न दें। 12 साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को यह दवा नहीं देनी चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके गंà¤à¥€à¤° साइड इफेकà¥à¤Ÿ हो सकते हैं। यदि आप इसे लेकर चिंतित हों, या आपके मन में कोई सवाल हो तो हमेशा अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
साथ ही, आपके शिशॠकी वजह से दूसरे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ डायरिया फैल सकता है। इसलिठजब उसने आखिरी बार पतला मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— किया हो उसके कम से कम 48 घंटों बाद तक ​उसे डेकेयर या कà¥à¤°à¥‡à¤¶ न à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤‚। इसके बाद दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक शिशॠको सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग के लिठन ले जाà¤à¤‚।
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