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मां का दूध उतà¥à¤¤à¤® होता है
मां का दूध कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पिलाà¤à¤‚? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह:
पोषण से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है¤
आपके बचà¥à¤šà¥‡ के बढ़ने पर उसकी पोषण संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने के लिठखà¥à¤¦ में बदलाव लाने में सकà¥à¤·à¤® होता है (हर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के साथ, वासà¥à¤¤à¤µ में).
आपके शिशॠको जीवन की सबसे अचà¥à¤›à¥€ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ देने के लिठबना है.
आपके नवजात शिशॠके लिठउतà¥à¤¤à¤® आहार.
साथ ही, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना आपके लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ है—यह निमà¥à¤¨ चीज़ों में आपकी मदद कर सकता है:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले के वज़न पर तेज़ी से वापस आना.
अपने और अपने बचà¥à¤šà¥‡ के बीच à¤à¤• अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बंधन बनाना.
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विà¤à¤¾à¤— दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ यह सलाह दी जाती है कि शिशà¥à¤“ं और अà¤à¥€ चलना सीख रहे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पोषण, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤®à¥‚लक संरकà¥à¤·à¤£, वृदà¥à¤§à¤¿ और विकास के लिà¤, आप शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ छह महीने तक विशेष रूप से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚ और आप इसे दो साल तक या उचित पूरक आहार के साथ लंबे समय तक बनाठरखें.1,2
आपके शिशॠको आहार देने की योजना
आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को कैसे आहार देते हैं यह à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त निरà¥à¤£à¤¯ होता है. अपनी योजना को वैयकà¥à¤¤à¤¿à¤•ृत करते समय आपको जिन बातों पर विचार करना चाहिठवे यहां बताई गई हैं.
इसे अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पेशेवर और अपने परिवार से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सही जानकारी, सलाह और सहायता पर आधारित बनाà¤à¤‚.
जान लें कि अपने जीवन के पहले छह महीनों के दौरान मां का दूध आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठउतà¥à¤¤à¤® आहार होता है.
आप उपलबà¥à¤§ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के इनà¥à¤«à¤¼à¥ˆà¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚लों को देखेंगे, तो किसी à¤à¤• का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने का निरà¥à¤£à¤¯ ले पाà¤à¤‚गे.
जैसे ही आप शिशॠको आहार देने की योजना बनाकर अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• पूरा पोषण देने के लिठतैयार हो जाà¤à¤‚—निमà¥à¤¨ बातों पर विचार करें:
1. सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मां, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¤¾
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें (और परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में खाà¤à¤‚. नवजात शिशॠको हर 2-3 घंटों में आहार दिया जाता है, इसलिठआपको à¤à¥€ खाना होगा).
तरल पदारà¥à¤¥ लेती रहें.
अचà¥à¤›à¥‡ से आराम करें.
2. सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के बारे में जानें
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के लिठतैयार हो जाइà¤! सहायक संकेतों के साथ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को तैयार करके और साथ ही चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना करने के तरीकों पर यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जानकर आप दोनों के लिठइसे à¤à¤• संतोषपà¥à¤°à¤¦ अनà¥à¤à¤µ बनाà¤à¤‚.
3. इसे करने के लिठतैयार हो जाà¤à¤‚!
जनà¥à¤® के बाद जितनी जलà¥à¤¦à¥€ हो सके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚ (अगर आप à¤à¤¸à¤¾ करने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हैं, तो 30 से 60 मिनट के à¤à¥€à¤¤à¤° ही सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की सलाह दी जाती है).
सफलतापूरà¥à¤µà¤• सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ आरंठकरने को बढ़ावा देने के लिठअपने बचà¥à¤šà¥‡ को अकà¥à¤¸à¤° अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ से चिपकाकर पकड़ें.
पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करें कि आपका असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² 24-घंटे बचà¥à¤šà¥‡ को मां के साथ कमरे में रखने की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ देता है (ताकि आप अपने à¤à¥‚खे बचà¥à¤šà¥‡ को कà¤à¥€ इंतज़ार न करवाà¤à¤‚).
4. अपने पूरक आहार के विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ को जानें
आपके विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ (आदरà¥à¤¶ रूप से), शिशà¥à¤“ं के लिठतैयार आहार (बेबी फ़ूड) के साथ मां के दूध को पूरक आहार बनाना या केवल इनà¥à¤«à¤¼à¥ˆà¤‚ट फ़ॉरà¥à¤®à¥‚ला देना शामिल है.
कनाडा का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विà¤à¤¾à¤— गाय के दूध से बने वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• इनà¥à¤«à¤¼à¥ˆà¤‚ट फ़ॉरà¥à¤®à¥‚ले को मां के दूध का à¤à¤•मातà¥à¤° सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और पोषक विकलà¥à¤ª मानकर इसकी सलाह देता है.1,2
कनाडा के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा विशेषजà¥à¤ž गाय के दूध से बने इनà¥à¤«à¤¼à¥ˆà¤‚ट फ़ॉरà¥à¤®à¥‚ले को जनà¥à¤® से लेकर 9 से 12 महीने की उमà¥à¤° तक देने की सलाह देते हैं.1,2
पहले साल के दौरान आयरन-फ़ोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤¡ इनà¥à¤«à¤¼à¥ˆà¤‚ट फ़ॉरà¥à¤®à¥‚ले आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपोषण का à¤à¤• पूरà¥à¤£ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है (कनाडा सरकार वासà¥à¤¤à¤µ में इनà¥à¤«à¤¼à¥ˆà¤‚ट फ़ॉरà¥à¤®à¥‚ले के संयोजन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है).
इनà¥à¤«à¤¼à¥ˆà¤‚ट फ़ॉरà¥à¤®à¥‚लों में बचà¥à¤šà¥‡ की वृदà¥à¤§à¤¿ और विकास के लिठआवशà¥à¤¯à¤• वसा, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन और खनिजों की अनà¥à¤¶à¤‚सित मातà¥à¤°à¤¾ होती है.
आपके पास इनà¥à¤«à¤¼à¥ˆà¤‚ट फ़ॉरà¥à¤®à¥‚ले के कई विकलà¥à¤ª हैं – आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को जो आहार देते हैं, उसमें परिवरà¥à¤¤à¤¨ करने से पहले हमेशा अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें.
मेरे बचà¥à¤šà¥‡ को गाय का दूध कब दिया जा सकता है?
जब तक आपका बचà¥à¤šà¤¾ कम से कम 9-12 महीने का नहीं हो जाता, तब तक वसायà¥à¤•à¥à¤¤ (3.25%) गाय का दूध देने की सलाह नहीं देने का कारण यहां बताया गया है:
निमà¥à¤¨ आयरन सामगà¥à¤°à¥€: शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करने के लिठआयरन का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ नहीं है, गाय का दूध वासà¥à¤¤à¤µ में आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से आयरन के अवशोषण को कम कर सकता है (और बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में दूध à¤à¥€ आयरन की कमी का कारण बन सकता है).
बहà¥à¤¤ अधिक सोडियम: मां के दूध की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लगà¤à¤— तीन गà¥à¤¨à¤¾ अधिक सोडियम होता है और आपके बचà¥à¤šà¥‡ की किडनी पर बà¥à¤°à¤¾ असर डाल सकता है.
बहà¥à¤¤ अधिक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨: मां के दूध से लगà¤à¤— तीन गà¥à¤¨à¤¾ अधिक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, वसायà¥à¤•à¥à¤¤ गाय का दूध कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पचा पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है.
आपके बढ़ते बचà¥à¤šà¥‡ को आयरन की ज़रूरत है
आप नीचे दी गई जानकारी के साथ अपने आयरन के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को मज़बूत करने के साथ ही जान लें कि आपके शिशॠके लिठपà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• आयरन संचय लगà¤à¤— 6 महीने के लिठलकà¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤¤à¤° से कम होना शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है1.
आयरन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चाहिà¤?
यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µ है, जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ की सामानà¥à¤¯ वृदà¥à¤§à¤¿ और विकास में योगदान देता है.
यह उन लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं को बनाने के लिठयह आवशà¥à¤¯à¤• होता है जिनसे बचà¥à¤šà¥‡ के छोटे से शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का परिवहन होता है.
बचà¥à¤šà¤¾ आयरन कैसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकता है?
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पूरà¥à¤£ अवधि के शिशà¥à¤“ं में जनà¥à¤® से ही आयरन संगà¥à¤°à¤¹à¥€à¤¤ होता है, जो लगà¤à¤— 6 महीने की उमà¥à¤° तक उनकी आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को पूरा करता है.
आपका सà¥à¤µà¤¯à¤‚ का आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने में मदद करेगा कि ये संगà¥à¤°à¤¹ बने रहें.
मां के दूध से आपके बचà¥à¤šà¥‡ को पहले 6 महीनों के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन मिल जाà¤à¤—ा1.
अगर आप पूरक या अननà¥à¤¯ रूप से तैयार शिशॠआहार को चà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं, तो à¤à¤• आयरन-फ़ोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤¡ फ़ॉरà¥à¤®à¥‚ला चà¥à¤¨à¥‡à¤‚.
आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ दें लकà¥à¤·à¤¿à¤¤ 6 माह के बाद1.
रà¥à¤•िà¤, ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥?
हां, आपका बचà¥à¤šà¤¾ लगà¤à¤— 6 महीने का होने पर ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाना शà¥à¤°à¥‚ करने के लिठतैयार हो जाà¤à¤—ा.
6 से 12 महीने की उमà¥à¤° के बीच खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ à¤à¤• खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ और टà¥à¤•ड़ों के रूप में देने की निरंतर पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है.
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विà¤à¤¾à¤— कनाडा सलाह देता है कि शिशॠका पहला आहार आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हो.1
आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• विकलà¥à¤ª मांस, मांस के विकलà¥à¤ª और आयरन फ़ोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤¡ शिशॠआहार हैं.
शिशà¥à¤“ं को दिन में 2 या अधिक बार आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ देना चाहिà¤.1,2
अà¤à¥€ à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ नहीं हैं कि ठोस à¤à¥‹à¤œà¤¨ की आदत होने के बाद आपके बचà¥à¤šà¥‡ की आयरन की ज़रूरतों को कैसे पूरा किया जाà¤? बस नीचे दिठगठचारà¥à¤Ÿ में पोषण संबंधी अनà¥à¤¶à¤‚साओं का अनà¥à¤¸à¤°à¤£ करें.3
आयरनकà¥à¤²à¤¾à¤¡ रिमाइंडरà¥à¤¸
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ आदरà¥à¤¶ है—और यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ को पहले 6 महीनों के लिठआयरन देने का पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीका है.
अगर आप पूरक या विशेष रूप से तैयार किठगठशिशॠआहार देने का निरà¥à¤£à¤¯ लेते हैं तो हमेशा आयरन-फ़ोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤¡ शिशॠआहार चà¥à¤¨à¥‡à¤‚.
लगà¤à¤— 6 महीने की उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ को आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ देना शà¥à¤°à¥‚ कर दें, चाहे आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा रही हों या तैयार किठगठशिशॠआहार दे रही हों (केवल अपने बचà¥à¤šà¥‡ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पहले बात कर लें).
कम से कम 9-12 माह की आयॠतक वसायà¥à¤•à¥à¤¤ गाय का दूध देने से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें बहà¥à¤¤ कम मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन होता है.
मिथकों से अवगत रहें और जान लें कि à¤à¤¸à¤¾ कोई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• आंकड़ा नहीं है जो आयरन-फ़ोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤¡ शिशॠआहार और पेट के दरà¥à¤¦, कबà¥à¤œà¤¼ और घबराहट के बीच संबंध को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है.
उन सà¤à¥€ पूरक विटामिन को बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पहà¥à¤‚च से दूर संगà¥à¤°à¤¹à¥€à¤¤ करें जिनमें आयरन होता है, जिसमें आपके पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤•ालीन और पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° विटामिन शामिल हैं—इसकी अधिक मातà¥à¤°à¤¾ हानिकारक हो सकती है (आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी पहà¥à¤‚च में रखेंगे, विशेष रूप से अगर आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² पेशेवर ने सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या तैयार किया गया शिशॠआहार देने के अलावा आपके बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में आयरन का पूरक देने की सलाह दी है).
अगर आपको अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन के सेवन का संदेह है, तो अपने चिकितà¥à¤¸à¤• को कॉल करें या तà¥à¤°à¤‚त अपने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ आपातकालीन ककà¥à¤· में जाà¤à¤‚.
अपने बचà¥à¤šà¥‡ की आयरन की आवशà¥à¤¯à¤•ता और आयरन की कमी के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें. आयरन की कमी से आपका बचà¥à¤šà¤¾ सामानà¥à¤¯ से कम सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो सकता है और शायद अधिक धीरे à¤à¥€ विकसित हो सकता है.
 DHA और ARA
संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ आप सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाले इन दो फ़ैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से अवगत हों: DHA (आप इसे डोकोहेकà¥à¤¸à¤¾à¤¨à¥‹à¤‡à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के रूप में जानते हैं, है ना?), à¤à¤• ओमेगा-3 वसा और ARA (आरà¥à¤•िडोनिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, बेशक) à¤à¤• ओमेगा-6 वसा.
कà¥à¤¯à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इतना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बनाता है?
विशेषजà¥à¤ž इस बात से सहमत हैं कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और आंख के विकास के लिठDHA और ARA ज़रूरी हैं4,5 (वे वासà¥à¤¤à¤µ में जनà¥à¤® से पहले आपके बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और आंख के ऊतक में जमा हो जाते हैं).
जितनी जलà¥à¤¦à¥€ आप DHA, à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•-पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿à¤•ारक पोषक ततà¥à¤µ लेना आरंठकरेंगे, तीन साल की उमà¥à¤° तक उतना बेहतर—लगà¤à¤— 90% आपके बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का विकास पूरा हो जाà¤à¤—ा6.
मैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कैसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करूं?
आपका शरीर दो आवशà¥à¤¯à¤• ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फ़ैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸ से DHA और ARA का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करेगा: अलà¥à¤«à¤¼à¤¾-लिनोलेनिक (ALA) और लिनोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡.
हालांकि à¤à¤¸à¤¾ आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• आहार लेने के साथ शà¥à¤°à¥‚ होता है - इसलिठDHA से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाà¤à¤‚5, जैसे:
वसायà¥à¤•à¥à¤¤ मछली: अटलांटिक सैलà¥à¤®à¤¨, हेरिंग, मैकररेल, सारà¥à¤¡à¥€à¤¨à¥‡à¤¸ और कॉड आपके लिठसबसे अचà¥à¤›à¥‡ DHA के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ (उस कà¥à¤°à¤® में) हैं.
DHA फ़ोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤¡ ओमेगा-3 अंडे: अगर आप मछली नहीं खाती हैं तो आपके लिठअचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हैं.
फ़à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡ (अलसी के बीज) और अखरोट: उचित सà¥à¤°à¥‹à¤¤, हां, लेकिन आपके शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इनको संसाधित करने के बाद आपको कम मातà¥à¤°à¤¾ में DHA पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है.
मेरा बचà¥à¤šà¤¾ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कैसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है?
ये पोषक ततà¥à¤µ आपके दूध से उसे मिलते हैं.
साथ ही, आपके बचà¥à¤šà¥‡ का शरीर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उसी तरह पैदा करता है जैसे आप करते हैं, और अलà¥à¤«à¤¾-लिनोलेनिक और लिनोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में सà¤à¥€ शिशॠके लिठतैयार आहार में शामिल किठजाते हैं. ये आवशà¥à¤¯à¤• फ़ैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ पाठजाते हैं5—इसलिठजब आप अपने फ़ीडिंग विकलà¥à¤ª तैयार करें तो इन पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें.
आपका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पेशेवर, DHA और ARA के बारे में आपके किसी à¤à¥€ अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ का उतà¥à¤¤à¤° दे सकता है.
 पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ के फ़ायदे: अपने शिशॠकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का विकास करना
जी, हां, पà¥à¤°à¤•ृति का à¤à¤• और चमतà¥à¤•ार—आपके बचà¥à¤šà¥‡ की विकासशील पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€, यह निमà¥à¤¨ के रूप में कड़ी मेहनत करती है:
रोग à¤à¤µà¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाव करना.
बचà¥à¤šà¥‡ के विकास और समगà¥à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में मà¥à¤–à¥à¤¯ सहायक.
पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• बाधाओं को बनाठरखने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£.
जाहिर है, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठतà¥à¤µà¤šà¤¾ सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होती है, लेकिन à¤à¤• अनà¥à¤¯ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बाधा पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है, जिसमें पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से रहती हैं:
शरीर की 80% पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कोशिकाà¤à¤‚.7
आंत, लगà¤à¤— 500 विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के जीवाणà¥à¤“ं का à¤à¤• सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤¤à¤¾ से संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ होती है.
à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पाचन तंतà¥à¤° में, बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ और शरीर को बीमारी से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के कारà¥à¤¯ का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² कलà¥à¤šà¤°) पर निरà¥à¤à¤° करता है—वे संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हानिकारक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने में à¤à¥€ मदद कर सकते हैं. इस सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अवरोध का समरà¥à¤¥à¤¨ करने का à¤à¤• तरीका आपके बचà¥à¤šà¥‡ के पाचन तंतà¥à¤° में अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाना है.
हाल ही के शोध से पता चला है कि मां के दूध में सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से बिफ़ीडोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सहित पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ होता है8,9 जो:
अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होते हैं
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं की आंत में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से पाठजाने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के 90% से बनते हैं.10
à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पाचन तंतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है.
à¤à¤• मज़बूत पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास में सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है.11,12
अकेले इन तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से ही यह समà¤à¤¨à¤¾ आसान हो जाता है कि आपके शिशॠके लिठमां का दूध पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ का à¤à¤• आदरà¥à¤¶ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है.
 पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
“पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•†का शाबà¥à¤¦à¤¿à¤• अरà¥à¤¥ “जीवन के लिà¤â€ है.
पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ सजीव, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤œà¥€à¤µ होते हैं, जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पाठजाते हैं आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ “पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक कलà¥à¤šà¤°â€ या “अचà¥à¤›à¥‡ जीवाणà¥â€ के नाम से à¤à¥€ जानते हैं.
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में लिठजाने पर वे विशिषà¥à¤Ÿ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं, जैसे पाचन में सहायता और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का समरà¥à¤¥à¤¨ करना.13
पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• बिफ़ीडोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤® लैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸â€¯ या बी. लैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸â€¯ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार का बिफ़ीडोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विà¤à¤¾à¤— कनाडा दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• के रूप में पहचाना जाता है जो शिशॠकी सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पाचन तंतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में योगदान देता है.14 बी. लैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸â€¯à¤•ा शिशà¥à¤“ं में इसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ के लिठबड़े पैमाने पर अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया गया है.
शोध से पता चलता है कि, जब अंतरà¥à¤—à¥à¤°à¤¹à¤£ होता है, तो पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ केवल पाचन तंतà¥à¤° में असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से निवास करते हैं11,13,14 और बी. लैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸â€¯â€¯à¤•ा दैनिक सेवन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठके लिठआवशà¥à¤¯à¤• है.14,15
बी. लैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ को à¤à¤‚टीबॉडी के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाने में मदद करने के लिठदिखाया गया है, आपके शरीर के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ संरकà¥à¤·à¤• और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ और पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ है.15,16,17
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