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बà¥à¤–ार : तेज बà¥à¤–ार में कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिठ? लकà¥à¤·à¤£, कारण, उपचार, यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ और निवारण
तेज बà¥à¤–ार में कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिठ?
तेज बà¥à¤–ार में कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिठ? घर पर बà¥à¤–ार के लिठसà¥à¤µ-देखà¤à¤¾à¤² उपचार यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤
वैसे तो बà¥à¤–ार के नाम से ही लोगों को डर लगता है हमें इस बीमारी से जितना बच सकते हैं बचना चाहिठआज हम आपको तेज बà¥à¤–ार में कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिठइसके बारे में बताने वाले हैं ? वैसे तो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मनà¥à¤·à¥à¤¯ के लिठशरीर का तापमान लगà¤à¤— 98.4°F (37°C) होना चाहिà¤à¥¤ सामानà¥à¤¯ से à¤à¤• डिगà¥à¤°à¥€ अधिक तापमान में किसी à¤à¥€ तरह की वृदà¥à¤§à¤¿ को बà¥à¤–ार माना जाता है। हालांकि, बà¥à¤–ार अपने आप में चिंता का विषय नहीं हो सकता है जब तक कि तापमान बहà¥à¤¤ उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° तक नहीं पहà¥à¤‚च जाता है और बà¥à¤–ार के à¤à¤ªà¤¿à¤¸à¥‹à¤¡ अकà¥à¤¸à¤° होते हैं, लेकिन इसके कारण को खोजने और इलाज करने के लिठहमेशा चिकितà¥à¤¸à¤•ीय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ बà¥à¤–ार के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारणों में से à¤à¤• है, लेकिन बà¥à¤–ार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° इन संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से लड़ने के लिठशरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है।
आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करने से पहले घर पर बà¥à¤–ार के लिठकà¥à¤› सà¥à¤µ-देखà¤à¤¾à¤² उपचार यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ इसे पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित कर सकते हैं।
लकà¥à¤·à¤£
100 से 102°F (37.8 से 39°C) तक के शरीर के तापमान को निमà¥à¤¨ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ का बà¥à¤–ार माना जाता है, जबकि इससे अधिक के शरीर के तापमान को उचà¥à¤š शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ का बà¥à¤–ार माना जाता है। किसी à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में, कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– संबदà¥à¤§ लकà¥à¤·à¤£ हैं:
ठंड लगना
पसीना आना
सिरदरà¥à¤¦
मांसपेशियों में दरà¥à¤¦
à¤à¥‚ख में कमी
थकान
सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€
कà¤à¥€-कà¤à¥€, बहà¥à¤¤ तेज बà¥à¤–ार दौरे का कारण बन सकता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसे ‘जà¥à¤µà¤° के दौरे’ की संजà¥à¤žà¤¾ देते हैं।
कारण
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ बाहरी सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤œà¥€à¤µà¥‹à¤‚ के कारण विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ को खतà¥à¤® करने के लिठशरीर के तापमान को बढ़ाती है। हालांकि à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, बà¥à¤–ार अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• असहज हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ कई कारण हैं जो बà¥à¤–ार का कारण बनते हैं। उनमें से कà¥à¤› हैं:
गंà¤à¥€à¤° शारीरिक परिशà¥à¤°à¤®
संकà¥à¤°à¤®à¤£ (बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस, परजीवी और कवक)
गरà¥à¤®à¥€ निकलना
ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न विकार
सूजन संबंधी विकार
à¤à¤• घातक टà¥à¤¯à¥‚मर
रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और दौरे की दवाà¤à¤‚
कà¥à¤› टीकाकरण टीके, जैसे डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, टेटनस और नà¥à¤¯à¥‚मोकोकल वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨
नशीली दवाओं का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— या दवाओं के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ संबंधी विकार
डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब देखना है?
यदि आप बà¥à¤–ार महसूस करते हैं और नीचे बताठगठघरेलू उपचारों या किसी अनà¥à¤¯ चिंता का पालन करने के बाद à¤à¥€ कम नहीं होते हैं, तो आगे के निदान और उपचार के लिठअपने चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ करें।
बà¥à¤–ार के लिठघरेलू उपचार
बà¥à¤–ार लगातार बेचैनी का कारण बनता है, लेकिन कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¯à¤‚ सहायता उपचार आपको जलà¥à¤¦à¥€ राहत दे सकते हैं। निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित घरेलू उपचार और सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ का पालन करें:
खूब पानी पिà¤à¤‚/अचà¥à¤›à¥€ तरह से हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करें : बà¥à¤–ार के साथ, हमारे शरीर को उचà¥à¤š तापमान की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ के लिठअधिक पानी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर में पानी की कमी अधिक होती है। इसे निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण कहते हैं। ढेर सारा पानी पीने से शरीर को फिर से हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करने में मदद मिल सकती है। पानी के साथ नारियल पानी, संतरे का रस, नींबू का रस और ओरल रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ सॉलà¥à¤¯à¥‚शन (ओआरà¤à¤¸) लें।
आराम करें : बà¥à¤–ार से लड़ने के लिठहमारे शरीर को बहà¥à¤¤ अधिक ऊरà¥à¤œà¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। बà¥à¤–ार से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤–ार खतà¥à¤® होने तक परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में आराम करना चाहिà¤à¥¤ किसी à¤à¥€ शारीरिक तनाव के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकते हैं।
गरà¥à¤® पानी से नहाà¤à¤‚ : गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आराम मिलता है और मांसपेशियों और जोड़ों के दरà¥à¤¦ से राहत मिलती है।
OTC दवाओं का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें : बà¥à¤–ार से राहत के लिठओवर-द-काउंटर (OTC) दवाà¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ हैं। उनमें से कà¥à¤› इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ और पेरासिटामोल हैं। हालांकि, शिशà¥à¤“ं या बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही दवाà¤à¤‚ दें।
बà¥à¤–ार के दौरान खाने के लिठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
बà¥à¤–ार के दौरान à¤à¥‚ख कम लगना आम है, लेकिन शरीर को आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ और खनिज देने के लिठपौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना चाहिà¤à¥¤ आसानी से पचने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हीलिंग पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को तेज कर सकते हैं। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं:
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ : सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शरीर के लिठआवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के सबसे अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• हैं। अचà¥à¤›à¥€ तरह से पका हà¥à¤† सबà¥à¤œà¥€ का वà¥à¤¯à¤‚जन शरीर को आवशà¥à¤¯à¤• विटामिन और खनिज पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने में मदद करता है। आपको गाजर, पालक और कदà¥à¤¦à¥‚ जैसी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खानी चाहिà¤à¥¤
फल : नींबू, संतरा और अंगूर जैसे खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों में विटामिन सी और फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ होते हैं, जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को बढ़ावा देने और बà¥à¤–ार से लड़ने में मदद करते हैं। साथ ही जामà¥à¤¨, कीवी और सेब जैसे फल à¤à¥€ मदद करते हैं।
दही : दही के सेवन से उसमें मौजूद गà¥à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤¬à¥ˆà¤¸à¤¿à¤²à¤¸) के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ती है।
नारियल पानी : बà¥à¤–ार के दौरान हाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। नारियल पानी आवशà¥à¤¯à¤• तरल पदारà¥à¤¥ और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ से à¤à¤°à¤¾ होता है जिसकी शरीर को आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। यह हाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है।
हरà¥à¤¬à¤² टी : चाय की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बढ़ाती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये पॉलीफेनोल, फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡ और कैटेचिन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती हैं। चाय में पाठजाने वाले ये पौधे के यौगिक वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाने में मदद करते हैं।
चिकन सूप : बà¥à¤–ार में चिकन सूप की à¤à¤• कटोरी गरà¥à¤® करके पीना बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है. यह न केवल शरीर में तरल पदारà¥à¤¥ का सेवन बढ़ाता है बलà¥à¤•ि शरीर के तापमान को à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। साथ ही, चिकन पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का à¤à¤• समृदà¥à¤§ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होने के कारण, बà¥à¤–ार से आसानी से लड़ने के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
जटिलताओं
हालांकि बà¥à¤–ार आमतौर पर हानिकारक नहीं होता है, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को 5 साल की उमà¥à¤° (जà¥à¤µà¤° के दौरे) तक बà¥à¤–ार से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ आकà¥à¤·à¥‡à¤ª का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है।
निवारण
संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होने वाले बà¥à¤–ार को रोकने के लिठकà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ हैं:
बार-बार हाथ धोने की आदत डालें।
अपना हैंड सैनिटाइजर साथ रखें।
नाक, मà¥à¤‚ह और आंखों को बार-बार छूना कम करें।
खांसते और छींकते समय अपने मà¥à¤‚ह और नाक को ढकें।
बिना धोठबरà¥à¤¤à¤¨ और पानी की बोतलें साà¤à¤¾ करने से बचें।
किसी छूत की बीमारी जैसे जी मिचलाना, खांसी आदि से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूरी बनाठरखें।
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