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Breathing Difficulty: इन तीन कारणों से होती है सांस लेने में समसà¥à¤¯à¤¾, इनसे बचकर रहें
सांस लेने में होनेवाली समसà¥à¤¯à¤¾ को मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग समठनहीं पाते हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके लिठना तो इस बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ साफ होते हैं और ना ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण के बारे में पता होता है। इसलिठशà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤¤à¤° पर इस बीमारी को अनदेखा कर दिया जाता है और बढ़ते समय के साथ यह समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° रूप ले लेती है। यहां जानें, सांस लेने में होनेवाली समसà¥à¤¯à¤¾ के तीन मà¥à¤–à¥à¤¯ और बेहद सामानà¥à¤¯ कारणों के बारे में...
सूजन और इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण छोटी सांसे
-सांस की नली में सूजन, किसी इंफेकà¥à¤¶à¤¨ या किसी अनà¥à¤¯ कारण से जब ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में शरीर के अंदर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ नहीं कर पाती है तो आपकी सांसे छोटी होने लगती हैं।
-यानी आप पहले जितनी गहरी और लंबी सांसें लेते थे, उनकी अपेकà¥à¤·à¤¾ आपकी सांसों की अवधि छोटी होने लगती है। यह बीमारी अगर लंबे समय से चली आ रही है तो असà¥à¤¥à¤®à¤¾, निमोनिया या कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज (सीओपीडी) का लकà¥à¤·à¤£ हो सकती है।
तनाव के कारण
-जो लोग बहà¥à¤¤ अधिक तनाव में रहते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° सांस लेने में समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। वे या तो बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ सांस लेते हैं या सीने में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ का अहसास होने के कारण उनकी सांस लेने की गति बहà¥à¤¤ धीमी होती है।
-इन दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में उनकी सांस बहà¥à¤¤ छोटी होती है। इस कारण उनके फेफड़ों में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं पहà¥à¤‚च पाती है और इससे सांस लेने में दिकà¥à¤•त होती है।
बहà¥à¤¤ अधिक वजन बढ़ना
-जिन लोगों का वजन बहà¥à¤¤ अधिक होता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ सांस लेने में दिकà¥à¤•त होती है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इन लोगों का सांस बहà¥à¤¤ अधिक फूलता है। सांस फूलने के कारण बà¥à¤°à¤¿à¤¦à¤¿à¤‚ग पैटरà¥à¤¨ डिसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¬ होता है और लंगà¥à¤¸ में पूरी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ नहीं हो पाती है।
समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात पाने के तरीके
-यदि आपको फेफड़ों में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ या सीने में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो बिना समय गवाà¤à¤‚ à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर जांच कराà¤à¤‚।
-आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• काढ़े और हरà¥à¤¬à¤² चाय का नियमित उपयोग करें। दिन में गरà¥à¤® पानी का सेवन करें। इसके आपको काफी राहत मिलेगी।
-पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और योग करें। वॉकिंग और रनिंग करें। इससे आपको अपने लंगà¥à¤¸ को मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।
-दिन के समय कम से कम 2 घंटे के लिठघर के सà¤à¥€ खिड़की और दरवाजे खोलकर रखें और à¤à¤—à¥à¤œà¥‰à¤¸à¥à¤Ÿ फैन ऑन करें। इससे आपके घर की दूषित हवा बाहर जाà¤à¤—ी और ताजी हवा घर में आà¤à¤—ी। इस à¤à¤¯à¤° सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶ से घर में घà¥à¤Ÿà¤¨ कम होगी।
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