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आप सिरà¥à¤« तनाव में हैं या आपको हà¥à¤† है डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨? à¤à¤¸à¥‡ पता लगाà¤à¤‚
आपने कई लोगों को देखा होगा कि वो कहते हैं कि मैं डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में आ गया हूं या मà¥à¤à¥‡ डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो गया है। रोज-रोज महसूस होने वाले चिड़चिड़ेपन और à¤à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ को लेकर आपको à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ लगता होगा, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ जरà¥à¤°à¥€ नहीं है कि आपको डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की दिकà¥à¤•त है।
इन दोनों परेशानियों की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¤• जैसी ही होती है, इसलिठइनके बीच अंतर समठपाना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है।
आपने कई लोगों को देखा होगा कि वो कहते हैं कि मैं डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में आ गया हूं या मà¥à¤à¥‡ डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो गया है। रोज-रोज महसूस होने वाले चिड़चिड़ेपन और à¤à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ को लेकर आपको à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ लगता होगा, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ जरà¥à¤°à¥€ नहीं है कि आपको डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की दिकà¥à¤•त है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको तनाव à¤à¥€ हो सकता है। अधिकतर लोग इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¤• ही मानते हैं, लेकिन आपको बता दें कि यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अलग-अलग होती है और इनका हमारी जिंदगी और मन पर अलग-अलग तरीकों से असर पड़ता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि इसमें कà¥à¤¯à¤¾ फरà¥à¤• होता है और कैसे इसकी पहचान की जा सकती है।
हालांकि इन दोनों परेशानियों की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¤• जैसी ही होती है, इसलिठइनके बीच अंतर समठपाना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ बदलाव करने या उनका सामना करने से तनाव के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत पायी जा सकती है। लेकिन डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से राहत पाने के लिठआपको डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ मदद की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ सकती है। तनाव à¤à¤• घटना या à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से शà¥à¤°à¥‚ होता है, जबकि डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¤• मानसिक विकार है जो दिमाग के काम करने के तरीके को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ किसी आनà¥à¤µà¤‚शिक गड़बड़ी के कारण à¤à¥€ हो सकता है।
वहीं कई जानकारों का कहना है कि कई बार तनाव आपको जीवन में कà¥à¤› अचà¥à¤›à¤¾ करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करता है और आपको à¤à¤• बेहतर इंसान के तौर पर उà¤à¤°à¤¨à¥‡ में सहायता करता है। हालांकि, तनाव डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ à¤à¥€ हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि हर तनावगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आगे चलकर डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है। वहीं तनाव और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में अंतर है यही है कि तनाव वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के गà¥à¤œà¤¼à¤°à¤¨à¥‡ के बाद आप सामानà¥à¤¯ रà¥à¤ª से अपनी ज़िंदगी जी सकते हैं। लेकिन डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अकेले, उदास रहते हैं।
तनाव और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के पहचानने की बात करें तो तनाव होने पर हो सकता है कि आपको काफी देर रात तक नींद न आठया फिर साधारण से काफी अधिक समय तक सोते रहें। लेकिन डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ होने पर आपकी नींद में इस तरह के बदलाव होंगे कि आपको अनिदà¥à¤°à¤¾ या à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ सà¥à¤²à¥€à¤ª डिसॉरà¥à¤¡à¤° जैसी तकलीफ हो सकती है। वहीं तनाव होने पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ किसी कारà¥à¤¯ को समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने में बहà¥à¤¤ अधिक मेहनत करते हà¥à¤ अपनी असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾ का सामना करने की कोशिश करता है। जबकि डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में मरीज, हर वक़à¥à¤¤ और हर जगह निराशावादी और उदास महसूस करता है। तनावगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का बेचैन, परेशान, चिड़चिड़ा या उदास महसूस करना आम बात है। लेकिन जब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ या अवसाद से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो तो बिना किसी विशेष कारण के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बार-बार बहà¥à¤¤ अधिक गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ और à¤à¥à¤‚à¤à¤²à¤¾ जाता है।
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