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1789 में रश ने "हडà¥à¤¡à¥€-तोड़ बà¥à¤–ार (बà¥à¤°à¥‡à¤•बोन फीवर)" नाम का उपयोग à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ में किया जो 1780 में फिलाडेलà¥à¤«à¤¿à¤¯à¤¾ में हà¥à¤¯à¥‡ डेंगू के पà¥à¤°à¤•ोप पर थी।
डेंगू को कई वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ पूरà¥à¤µ सबसे पहले लिखा गया था। जिन सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ (265 से 420 ईसा पूरà¥à¤µ) के à¤à¤• चीनी चिकितà¥à¤¸à¤¾ विशà¥à¤µà¤•ोष à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की बात करता है जिसे संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ डेंगू हà¥à¤† था। किताब à¤à¤• "जल जहर (वॉटर पॉà¤à¤œà¤¼à¤¨)" रोग के बारे में बताता है जिसका संबंध उड़ने वाले कीटों से था।[1][2]17 वीं शताबà¥à¤¦à¥€ के लिखित दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ à¤à¥€ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ महामारी की चरà¥à¤šà¤¾ करते हैं जो डेंगू हो सकती है (जहां पर रोग थोड़े ही समय में तेज़ी से फैलता है)। सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ डेंगू महामारी की आरंà¤à¤¿à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ 1779 तथा 1780 की है। ये रिपोरà¥à¤Ÿ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ महामारी की बात करती हैं जिसने à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾, अफà¥à¤°à¥€à¤•ा तथा उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमरीका को अपने घेरे में ले लिया था।[2] उस समय से 1940 तक बहà¥à¤¤ सारी महामारियां नहीं हà¥à¤ˆà¥¤[2]
1906 में वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने सिदà¥à¤§ किया कि लोगों को "à¤à¤¡à¥€à¤œà¤¼" मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ से संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो रहा था। 1907 में वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ कि डेंगू का कारण वायरस है। यह मातà¥à¤° दूसरा रोग था जिसे वायरस से होता दिखाया गया था (वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पहले ही सिदà¥à¤§ कर चà¥à¤•े थे कि पीला बà¥à¤–ार वायरस के कारण होता है)।[3]जॉन बरà¥à¤Ÿà¤¨ कà¥à¤²à¥‡à¤²à¥ˆà¤‚ड तथा जोसेफ फà¥à¤°à¥ˆà¤‚कलिन सिलर डेंगू के वायरस का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करते रहे और वायरस के विसà¥à¤¤à¤¾à¤° के आधार का पता लगाया।[3]
दूसरे विशà¥à¤µ यà¥à¤¦à¥à¤§ के बाद डेंगू अधिक तेजी से फैलने लगा। माना गया कि यà¥à¤¦à¥à¤§ ने परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ को कई तरीको से बदला। à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के डेंगू नये कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में फैले। लोगो को पहली बार रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µà¥€ डेंगू बà¥à¤–ार होना शà¥à¤°à¥ हà¥à¤†à¥¤ डेगू का यह à¤à¥€à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤•ार सबसे पहले 1953 में फिलीपींस में रिपोरà¥à¤Ÿ किया गया। 1970 के आते-आते रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µà¥€ डेंगू बà¥à¤–ार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मृतà¥à¤¯à¥ का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण बन गया। यह पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° तथा अमरीका में à¤à¥€ होने लगा।[2] रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µà¥€ डेंगू बà¥à¤–ार तथा डेंगू शॉक सिनà¥à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤® सबसे पहले मधà¥à¤¯ तथा दकà¥à¤·à¤¿à¤£ अमरीका में 1981 में रिपोरà¥à¤Ÿ किया गया। इस समय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पेशेवरों ने यह देखा कि जिन लोगों को टाइप 1 डेंगू वायरस का असर हो चà¥à¤•ा था उनको कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के बाद टाइप 2 डेंगू वायरस का असर हो रहा था।
डेंगू बà¥à¤–़ार à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो डेंगू वायरस के कारण होता है। डेंगू का इलाज समय पर करना बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ होता हैं। मचà¥à¤›à¤° डेंगू वायरस को संचरित करते (या फैलाते) हैं। डेंगू बà¥à¤–़ार को "हडà¥à¤¡à¥€à¤¤à¥‹à¤¡à¤¼ बà¥à¤–़ार" के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे पीड़ित लोगों को इतना अधिक दरà¥à¤¦ हो सकता है कि जैसे उनकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ टूट गयी हों। डेंगू बà¥à¤–़ार के कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में बà¥à¤–ार; सिरदरà¥à¤¦; तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर चेचक जैसे लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ तथा मांसपेशियों और जोड़ों का दरà¥à¤¦ शामिल हैं। कà¥à¤› लोगों में, डेंगू बà¥à¤–़ार à¤à¤• या दो à¤à¤¸à¥‡ रूपों में हो सकता है जो जीवन के लिये खतरा हो सकते हैं। पहला, डेंगू रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µà¥€ बà¥à¤–़ार है, जिसके कारण रकà¥à¤¤ वाहिकाओं (रकà¥à¤¤ ले जाने वाली नलिकाà¤à¤‚), में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ या रिसाव होता है तथा रकà¥à¤¤ पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (जिनके कारण रकà¥à¤¤ जमता है) का सà¥à¤¤à¤° कम होता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® है, जिससे खतरनाक रूप से निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª होता है।
डेंगू वायरस 3 à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨-à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ारों के होते हैं। यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को इनमें से किसी à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के वायरस का संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो जाये तो आमतौर पर उसके पूरे जीवन में वह उस पà¥à¤°à¤•ार के डेंगू वायरस से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहता है। हलांकि बाकी के तीन पà¥à¤°à¤•ारों से वह कà¥à¤› समय के लिये ही सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहता है। यदि उसको इन तीन में से किसी à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के वायरस से संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो तो उसे गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी अधिक होती है।
लोगों को डेंगू वायरस से बचाने के लिये कोई वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ उपलबà¥à¤§ नहीं है। डेंगू बà¥à¤–़ार से लोगों को बचाने के लिये कà¥à¤› उपाय हैं, जो किये जाने चाहिये। लोग अपने को मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ से बचा सकते हैं तथा उनसे काटे जाने की संखà¥à¤¯à¤¾ को सीमित कर सकते हैं। वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के पनपने की जगहों को छोटा तथा कम करने को कहते हैं। यदि किसी को डेंगू बà¥à¤–़ार हो जाय तो वह आमतौर पर अपनी बीमारी के कम या सीमित होने तक परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पीकर ठीक हो सकता है। यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अधिक गंà¤à¥€à¤° है तो, उसे अंतः शिरा दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ (सà¥à¤ˆ या नलिका का उपयोग करते हà¥à¤¯à¥‡ शिराओं में दिया जाने वाला दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯) या रकà¥à¤¤ आधान (किसी अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रकà¥à¤¤ देना) की जरूरत हो सकती है।
1960 से, काफी लोग डेंगू बà¥à¤–़ार से पीड़ित हो रहे हैं। दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ विशà¥à¤µ यà¥à¤¦à¥à¤§ के बाद से यह बीमारी à¤à¤• विशà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ हो गयी है। यह 110 देशों में आम है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वरà¥à¤· लगà¤à¤— 50-100 मिलियन लोग डेंगू बà¥à¤–़ार से पीड़ित होते हैं।
वायरस का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· उपचार करने के लिये लोग वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ तथा दवाओं पर काम कर रहे हैं। मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पाने के लिये लोग, कई सारे अलग-अलग उपाय à¤à¥€ करते हैं।
डेंगू बà¥à¤–़ार का पहला वरà¥à¤£à¤¨ 1779 में लिखा गया था। 20वीं शताबà¥à¤¦à¥€ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने यह जाना कि बीमारी डेंगू वायरस के कारण होती है तथा यह मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से संचरित होती (या फैलती) है। लकà¥à¤·à¤£ बà¥à¤–ार आना, ठंड लगना ,मांसपेशी व जोड़ों में दरà¥à¤¦, कमजोरी महसूस करना , चकà¥à¤•र आना रकà¥à¤¤ में platelets की संखà¥à¤¯à¤¾ कम होना, नबà¥à¤œ कमजोर चलना मृतà¥à¤¯à¥ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहना
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