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डेंगू बà¥à¤–ार में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ कम होते हैं 'पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸':बढ़ाने के लिठडाइट में शामिल करें आयरन, विटामिन बी 12, विटामिन सी और फोलेट
बदलते मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी खतरनाक और जानलेवा बीमारियों का खतरा à¤à¥€ बॠगया है। कई शहरों में डेंगू-मलेरिया के मामले बà¥à¤¨à¥‡ लगे हैं। मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ से होने वाले डेंगू बà¥à¤–ार के लिठतà¥à¤°à¤‚त इलाज की जरूरत होती है। डेंगू के मरीजों की तादाद दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ की कमी की वजह से मरीज की मौत हो सकती है। इसके लिठजरूरी है कि डाइट का शà¥à¤°à¥‚ से ही खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखा जाà¤à¥¤ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ डॉ आर पी पराशर से जानते हैं पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ को मेनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨ रखने के लिठडाइट में कà¥à¤¯à¤¾ शामिल करें।
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ है
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ छोटे बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ होते हैं, जो खासतौर पर बोनमैरो में पाठजाते हैं। बॉडी में पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ की कमी इस बात को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है कि खून में बीमारियों से लड़ने की ताकत कम हो रही है। पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ कम होने की इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥‹à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है।
कितनी होनी चाहिठपà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ की संखà¥à¤¯à¤¾
à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में सामानà¥à¤¯ पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट 150 हजार से 450 हजार पà¥à¤°à¤¤à¤¿ माइकà¥à¤°à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° होता है। जब ये काउंट 150 हजार पà¥à¤°à¤¤à¤¿ माइकà¥à¤°à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° से नीचे चला जाता है, तो इसे लो पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ माना जाता है।
डेंगू बà¥à¤–ार के लकà¥à¤·à¤£
डेंगू बà¥à¤–ार में सिरदरà¥à¤¦, मसलà¥à¤¸ पेन, उलà¥à¤Ÿà¥€, थकान होती है। दवाओं के जरिठइन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को ठीक किया जा सकता है, लेकिन पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ कम होने पर इसे बिलà¥à¤•à¥à¤² नजरअंदाज नहीं करना चाहिà¤à¥¤ कई बार हालत गंà¤à¥€à¤° होने पर पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट में अचानक गिरावट आ सकती है। डेंगू के मरीजों में इसकी कमी की वजह से मरीज की मौत हो सकती है। इसका कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना यह तय करता है कि कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कितना सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है। पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ हैं जो बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग में मदद करते हैं। जब इनकी कमी होती है, तो थकान, आसानी से चोट लगने और मसूड़ों से खून आने जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे सकते हैं। मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में इसे थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥‹à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कहते हैं।
विटामिन बी-12
विटामिन बी-12 बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ को हेलà¥à¤¦à¥€ रखने में मदद करता है। विटामिन बी-12 नॉन-वेजिटेरियन फूडà¥à¤¸ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पाया जाता है। दूध, पनीर जैसे डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ विटामिन बी-12 पाया जाता है।
फोलेट
फोलेट à¤à¤• बी विटामिन है, जो खून की कोशिकाओं के लिठजरूरी है। यह खाने-पीने की कई चीजों में पाया जाता है। इसे फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है। इसके लिठआप मूंगफली, राजमा, संतरा, संतरे का रस आदि चीजों का सेवन बà¥à¤¾ सकते हैं।
विटामिन सी
विटामिन सी पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ का काम करता है। यह आयरन को अवशोषित करने में à¤à¥€ मदद करता है, जिससे पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट बढ़ाने में à¤à¥€ मदद मिल सकती है। à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पाया गया कि विटामिन सी सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने वाले रोगियों में पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट बॠगया था। इसके लिठआम, अनानास, बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, हरी या लाल शिमला मिरà¥à¤š, टमाटर और फूलगोà¤à¥€ का सेवन बà¥à¤¾ देना चाहिà¤à¥¤
आयरन
आयरन बॉडी में बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ के पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लिठजरूरी है। साल 2012 के à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में यह à¤à¥€ पाया गया कि आयरन ने à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ वाले मरीजों में पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट को बà¥à¤¾ दिया था। इसके लिठकदà¥à¤¦à¥‚ के बीज, मसूर की दाल, मांस और फलियों का सेवन कर सकते हैं।
बà¥à¤–ार आने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें
बà¥à¤–ार के समय मरीज का पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट समय-समय पर चेक करवाते रहना चाहिà¤, जिससे पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ को कम होने से रोका जा सके। इसके साथ-साथ डाइट में पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ बढ़ाने वाले नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ डाइट को शामिल करना चाहिà¤à¥¤
पपीते का रस
à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पाया गया कि पपीते के पतà¥à¤¤à¥‡ के रस से जानवरों में पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ काउंट बॠगया था। जबकि मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर इसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ का परीकà¥à¤·à¤£ करने के लिठऔर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शोध की जरूरत है। हालांकि कम मातà¥à¤°à¤¾ में इसका सेवन करने से कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होगी। डेंगू बà¥à¤–ार के रोगियों के लिठà¤à¤• अनà¥à¤¯ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में बताया गया है कि पपीते के पतà¥à¤¤à¥‡ का रस पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट बà¥à¤¾ सकता है।
चà¥à¤•ंदर
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठसबसे पहले चà¥à¤•ंदर को आप अपने खाने में शामिल कर सकती हैं। आप इसका सलाद और जूस बनाकर à¤à¥€ सेवन कर सकती हैं। à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चà¥à¤•ंदर में पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठसà¤à¥€ जरूरी गà¥à¤£ मौजूद होते हैं। इसका सेवन करने से आपका इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® मजबूत रहता है।
आंवला
ये à¤à¤• आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार है। आंवले में मौजूद विटामिन-सी शरीर में पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है, इससे शरीर की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ती है। इसका नियमित सेवन करना बेहद जरूरी है। इसके लिठहर दिन सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट 3 से 4 आंवला खाà¤à¤‚। आप इसका सेवन चà¥à¤•ंदर के जूस में डालकर à¤à¥€ कर सकती हैं। इसके अलावा ये चीजें à¤à¥€ हो सकती हैं मददगार पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठकीवी का सेवन करें। गाजर का नियमित सेवन करें। नारियल पानी का सेवन करें। इसमें मौजूद इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸ पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में बेहद मददगार साबित होते हैं।
बकरी का दूध à¤à¥€ पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में बहà¥à¤¤ लाà¤à¤•ारी होता है।
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठइन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को पका कर खाने की जगह कचà¥à¤šà¤¾ ही खाà¤à¤‚। साथ ही धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि डेंगू à¤à¤• खतरनाक बीमारी है। इसलिठयह जरूरी है कि इसके लिठअपनी मरà¥à¤œà¥€ से कोई à¤à¥€ उपचार न करें। बलà¥à¤•ि होम रेमेडीज के लिठà¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परामरà¥à¤¶ पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ करें।
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