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हर माता-पिता के लिठउनका शिशॠसबसे खास होता है। हर पल उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और वजन को लेकर चिंता बनी रहती है। à¤à¤¸à¥‡ में वह कई बार अनà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से अपने शिशॠकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ करने लगते हैं। हालांकि, यह à¤à¤• आम मानवीय वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° है, लेकिन आपको यह मालूम होना चाहिठकि हर बचà¥à¤šà¤¾ दूसरे से अलग होता है। उसका विकास, वजन और बà¥à¤¨à¥‡ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दूसरों से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको बस यह देखने की जरूरत होती है कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ चà¥à¤¸à¥à¤¤, तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ और सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है कि नहीं। अगर आपका जवाब हां में है, तो समठलीजिठकि आपका बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤•दम ठीक है और उसका विकास सही से हो रहा है। वहीं, अगर आपका जवाब न में है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ के खान-पान पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम आपको बचà¥à¤šà¥‡ के सही वजन और उसे बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ संबंधी कई जानकारियां देंगे, जिनकी सहायता से आप अपनी कई परेशानियों को खà¥à¤¦ हल करने में सफल हो पाà¤à¤‚गी।
बचà¥à¤šà¥‡ के वजन को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ संबंधी उपायों को जानने से पहले जरूरी होगा कि बचà¥à¤šà¥‡ के सही वजन का आंकलन कैसे किया जाठइस तथà¥à¤¯ को अचà¥à¤›à¥‡ से समठलिया जाà¤à¥¤
बेबी का वेट कितना बढ़ना चाहि�
बचà¥à¤šà¥‡ के वजन के संबंध में बात करें, तो इसके बà¥à¤¨à¥‡ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ समय और उमà¥à¤° के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। इसे हम निमà¥à¤¨ बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से समठसकते हैं (1)।
पहली तिमाही में बचà¥à¤šà¥‡ का वजन हर हफà¥à¤¤à¥‡ 200 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक बॠसकता है। वहीं, अगले तीन हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में बचà¥à¤šà¥‡ के वजन में 150 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हफà¥à¤¤à¤¾ बà¥à¥‹à¤¤à¤°à¥€ देखी जा सकती है। इसके अलावा, अगले 6 महीनों में बचà¥à¤šà¥‡ के वजन में करीब 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हफà¥à¤¤à¥‡ की दर से इजाफा हो सकता है।
सामानà¥à¤¯ विकास की बात करें, तो चौथे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ का वजन, जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ के वजन का दो गà¥à¤¨à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤ वहीं, à¤à¤• साल का पूरा होने पर बचà¥à¤šà¥‡ का वजन जनà¥à¤® के वजन का करीब तीन गà¥à¤¨à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤ साथ ही दो साल की उमà¥à¤° तक बचà¥à¤šà¥‡ का वजन जनà¥à¤® के वजन का करीब चार गà¥à¤¨à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤
इसके बाद छह साल की उमà¥à¤° तक बचà¥à¤šà¥‡ का वजन हर साल दो किलो तक बà¥à¤¨à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤• है। वहीं, इसके बाद किशोर अवसà¥à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने तक बचà¥à¤šà¥‡ का वजन हर साल तीन किलो तक बà¥à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कितना बà¥à¤¨à¤¾ चाहिà¤, यह जानने के बाद हम जानेंगे कि बचà¥à¤šà¥‡ का वजन सही होना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन का सही होना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन ठीक होना बेहद जरूरी होता है। इसे हम निमà¥à¤¨ बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से बेहतर तरीके से समठसकते हैं (2) :
उमà¥à¤° के हिसाब से अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ औसत वजन में कमी कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है।
वजन में कमी के कारण बचà¥à¤šà¥‡ में विकास धीमा होता है और शारीरिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ सामानà¥à¤¯ के मà¥à¤•ाबले काफी कमजोर हो जाती है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी के कारण बचà¥à¤šà¤¾ कई गंà¤à¥€à¤° बीमारियों की चपेट में आसानी से आ सकता है। इससे उसके बार-बार बीमार होने की आशंका à¤à¥€ बॠजाती है।
अगर इस विषय में समय रहते धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाà¤, तो कà¥à¤› मामलों में बचà¥à¤šà¥‡ की मौत होने का à¤à¥€ खतरा पैदा हो सकता है।
लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में हम आपको कà¥à¤› आसान से उपाय बताà¤à¤‚गे, जिनसे आपको बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद मिल सकती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन कैसे बढ़ाà¤à¤‚?
दैनिक दिनचरà¥à¤¯à¤¾ और खान-पान पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देकर बचà¥à¤šà¥‡ के वजन में सà¥à¤§à¤¾à¤° किया जा सकता है। उमà¥à¤° के आधार पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप कà¥à¤¯à¤¾ उपाय अपना सकते हैं, आगे हम इसी बारे में बता रहे हैं।
नवजात शिशॠका वजन बढ़ाने के उपाय | Bache ka vajan kaise badhaye
अगर आप नवजात के कम वजन से परेशान हैं, तो आपको बता दें कि इसका à¤à¤•मातà¥à¤° विकलà¥à¤ª मां का दूध ही है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• मां के दूध में वो सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ और खनिज पदारà¥à¤¥ मौजूद होते हैं, जो शिशॠके बेहतर विकास के लिठजरूरी माने जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बस आपको जरूरत हैं, जो बचà¥à¤šà¥‡ के हाव-à¤à¤¾à¤µ और उसकी à¤à¥‚ख को समà¤à¤¨à¥‡ की। इसके लिठआपको नवजात को लगà¤à¤— हर दो-दो घंटे में दूध पिलाना होगा। साथ ही यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होगा कि बचà¥à¤šà¥‡ का पेट पूरी तरह से à¤à¤°à¤¾ है या नहीं। इसके लिठआप हमेशा बचà¥à¤šà¥‡ को दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध पिलाने की कोशिश करें।
इससे अलग अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° (समय से पूरà¥à¤µ) हà¥à¤† है, तो कà¥à¤› मामलों में वह मां का दूध पी पाने में असमरà¥à¤¥ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में आप बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पमà¥à¤ªà¤¿à¤‚ग (सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध निकालने की मशीन) के माधà¥à¤¯à¤® से अपना दूध निकाल कर उसे पिला सकती हैं। वहीं, कà¥à¤› मामलों में à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ संà¤à¤µ है कि सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध न उतरे। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पिलाने की सलाह दे सकते हैं।
इन दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आप बचà¥à¤šà¥‡ को हर दो-दो घंटे में दूध पिलाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें और यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बचà¥à¤šà¥‡ का पेट पूरी तरह से à¤à¤° चà¥à¤•ा है। इस दौरान आपको उसके मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— पर à¤à¥€ विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना होगा। अगर नवजात दिन में 6 से 8 बार मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करता है, तो इसका मतलब यह है कि बचà¥à¤šà¥‡ को आवशà¥à¤¯à¤• पोषण मिल रहा है (1)।
6-12 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मोटा करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ खिलाà¤à¤‚?
जनà¥à¤® के छह माह बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कई जरूरी पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जो सिरà¥à¤« दूध पर निरà¥à¤à¤° रहने से नहीं मिल पाते। इसलिà¤, डॉकà¥à¤Ÿà¤° छह माह से बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दूध के अलावा अनाज, दाल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल और घर में बने सीरियलà¥à¤¸ खिलाने की सलाह देते हैं।
6 से 8 माह के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में आप सà¥à¤®à¥‚दी को शामिल कर सकते हैं, ताकि उसकी आंतों पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर न आठऔर वह इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को आसानी से हजम कर सके। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने वाली बात यह है कि 6 से 8 माह के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में फल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 30 गà¥à¤°à¤¾à¤® और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 480 गà¥à¤°à¤¾à¤® से अधिक नहीं शामिल करनी चाहिà¤à¤‚। वहीं, 8 माह से बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आप नरम और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® आहार सीधे खाने के लिठदे सकते हैं, ताकि वह खà¥à¤¦ से खाना सीखें और à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनमें रà¥à¤à¤¾à¤¨ बà¥à¥‡ (3)।
अगर आप à¤à¥€ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के वजन को लेकर परेशान हैं, तो हम आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल कर सकते हैं।
1. सेहत से à¤à¤°à¤ªà¥‚र है केला
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठकेले को à¤à¤• बेहतरीन विकलà¥à¤ª माना गया है। यह à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और फैट का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है। इन तीनों ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की मौजूदगी इसे वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ का à¤à¤• उतà¥à¤¤à¤® आहार बनाती है। इसके अलावा, इसमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और फाइबर के साथ कई जरूरी मिनरल और विटामिन à¤à¥€ मौजूद रहते हैं, जो बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं (4) (5)। खास यह है कि आप इसे बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में बड़ी आसानी से शामिल कर सकते हैं। सीधा इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के साथ-साथ इसे सà¥à¤®à¥‚दी, शेक, केक या पà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग बनाकर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को दिया जा सकता है।
2. वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मददगार है रागी
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® व आयरन के साथ फाइबर, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और विटामिन à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास के लिठजरूरी हैं। इसके अलावा, à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और फैट à¤à¥€ वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में सहायक हो सकते हैं (4) (6)। पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र रागी आसानी से पच जाती है, इसलिठचिकितà¥à¤¸à¤• à¤à¥€ इसे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाने के लिठआप इसे हलवे या खिचड़ी में शामिल कर सकते हैं।
3. दही देता है जरूरी पोषण
विटामिन à¤, बी, सी, डी, ई, फोलेट और नियासिन के साथ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, पोटैशियम और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जैसे कई अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ दही में मौजूद होते हैं। वहीं, कम फैट के साथ अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में ऊरà¥à¤œà¤¾ और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¥€ इसमें पाया जाता है। इस कारण इसे बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठसहायक माना जा सकता है (4) (7)।
4. ओटà¥à¤¸ से बà¥à¤¾à¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ का वजन
जहां इसमें मौजूद à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€, फैट और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ रूप से बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में सहायक होते हैं, वहीं इसमें विटामिन बी-6, फोलेट, राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨, थियामिन और नियासिन के साथ पोटैशियम, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मौजूदगी बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में सहयोग करती है (4) (8)।
5. आलू बनाठतंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप आलू को à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में ला सकती हैं। इसमें à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ व कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ के साथ कà¥à¤› मातà¥à¤°à¤¾ में फैट à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ होता है, जो वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में कारगर माना जाता है। इसके अलावा, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ और पोटैशियम के साथ इसमें विटामिन बी-6, सी, राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨, थियामिन, नियासिन और फोलेट à¤à¥€ मौजूद होते हैं, जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पोषण में सकारातà¥à¤®à¤• परिणाम देते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में शामिल करने के लिठआप आलू का à¤à¤°à¤¤à¤¾ बनाकर या उसे उबालकर दूध में मैश करके à¤à¥€ दे सकते हैं। दाल, सबà¥à¤œà¥€ या खिचड़ी के साथ à¤à¥€ इसे इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में लाया जा सकता है (4) (9)।
6. शकà¥à¤•रकंद से बनाà¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत
आलू की ही तरह शकà¥à¤•रकंद को à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में शामिल करना बेहत आसान है। आप इसे उबाल कर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सीधा खाने के लिठदे सकते हैं। अगर आप चाहे तो दूध के साथ मैश करके à¤à¥€ इसे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दे सकते हैं। à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होने के कारण इसे बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठउपयोग में लाया जा सकता है। वहीं, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटैशियम, आयरन और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के साथ विटामिन-सी, नियासिन व फोलेट और अनà¥à¤¯ कई जरूरी विटामिन और पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ इसमें à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में उपलबà¥à¤§ रहते हैं, जो बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में लाà¤à¤•ारी माने जाते हैं (4) (10)।
7. दालें हैं पोषण का खजाना
दालें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ मानी जाती हैं। साथ ही इसमें आयरन, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, जिंक और फोलेट जैसे मिनरल और कई जरूरी विटामिन पाठजाते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मांसपेशियों को मजबूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है और मिनरल व विटामिन बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ सहयोग पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं। इस कारण यह कहा जा सकता है कि दालों को बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में शामिल करने से उनके बेहतर विकास में मदद मिल सकती है (4) (11)।
8. à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो से दें जरूरी पोषण
जैसा कि हमने आपको लेख में पहले à¤à¥€ बताया है कि बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठउपयोग में लाठजाने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में फैट, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और वसा का संयोजन लाà¤à¤•ारी परिणाम देता है। ठीक वैसे ही à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो में à¤à¥€ इन तीनों के साथ मिनरलà¥à¤¸ और विटामिन à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में उपलबà¥à¤§ होते हैं, जो बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में सहायक माने जाते हैं (4) (12)। 6 से 9 महीने तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इसकी पà¥à¤¯à¥‚री बनाकर दी जा सकती है। वहीं, 9 महीने से बड़े बचà¥à¤šà¥‡ को इसे मैश करके खिलाया जा सकता है।
9. अंडा है वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मददगार
अंडा फैट, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ के साथ मिनरल और विटामिन का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है। इस कारण इसे बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल करना काफी लाà¤à¤•ारी सिदà¥à¤§ हो सकता है। इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन तो बà¥à¤¤à¤¾ ही है, साथ ही यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अनà¥à¤¯ जरूरी पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है (4) (13)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने वाली बात यह है कि कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इसके कारण à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¥€ हो सकती है। इसलिà¤, à¤à¤• बार अंडा देने के बाद आप तीन दिन तक इसके पड़ने वाले पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को अचà¥à¤›à¥‡ से परख लें। उसके बाद ही इसे बचà¥à¤šà¥‡ के नियमित आहार में शामिल करें। अगर à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ दिखाई दें, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त सलाह लें।
10. पनीर का उपयोग है लाà¤à¤•ारी
पनीर कम वसा वाला à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसमें कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, पोटेशियम और सोडियम के साथ अधिकतर विटामिन थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में उपलबà¥à¤§ होते हैं। इस कारण यह बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में सहायक माना जा सकता है (4) (14)। पनीर के छोटे-छोटे टà¥à¤•ड़े काटकर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खाने के लिठदिठजा सकते हैं, लेकिन इसके इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में à¤à¥€ आपको तीन दिन के लिठà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ वाला नियम पालन करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इसका उपयोग à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा कर सकता है।
11. डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ से बढ़ेगा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन
वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ शामिल करना à¤à¤• उतà¥à¤¤à¤® विकलà¥à¤ª साबित हो सकता है। दरअसल, इनमें à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाई जाती है, जो वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में सहायक होती है (4) (15)। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आप इसकी पà¥à¤¯à¥‹à¤°à¥€ या सà¥à¤®à¥‚दी बनाकर दे सकते हैं।
12. फà¥à¤°à¥‚ट जूस है सहायक
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में फà¥à¤°à¥‚ट जूस को शामिल करना à¤à¥€ वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में आपकी मदद कर सकता है। इनमें à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और शà¥à¤—र की आवशà¥à¤¯à¤• मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है। वहीं, इसे मिनरल और विटामिन का à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है, जो बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के साथ-साथ उनके पोषण में à¤à¥€ मदद कर सकता है (4) (16)। आप 9 माह से बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गूदेदार फल सीधे खाने के लिठà¤à¥€ दे सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ संबंधी जानकारी हासिल करने के बाद लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के वजन में कमी के अनà¥à¤¯ कारणों के बारे में जानेंगे।
कà¥à¤¯à¤¾ करें अगर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन न बढ़ रहा हो?
आवशà¥à¤¯à¤• पोषण के अलावा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन कम होने के कई और कारण à¤à¥€ हो सकते हैं, जिनके बारे में आपको जानना जरूरी है। इन कारणों को हम कà¥à¤› बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से समà¤à¤¾à¤à¤‚गे। अगर आपको अपने शिशॠमें इसमें से कोई à¤à¥€ कारण नजर आà¤, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें (17)।
पेट में कीड़े होने की वजह से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन कम हो सकता है।
जीन से संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर à¤à¥€ वजन कम होने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ इसका à¤à¤• बड़ा कारण हो सकती है।
अंगों का विकसित न होना à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ का बड़ा कारण हो सकता है।
नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® से जà¥à¥œà¥‡ विकार à¤à¥€ वजन कम होने की वजह हो सकते हैं।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी खून से संबंधित बीमारी à¤à¥€ इसकी वजह हो सकती है।
लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ संबंधी कà¥à¤› जरूरी बाते बताà¤à¤‚गे, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना जरूरी है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बढ़ाने संबंधी इन बातों को जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ संबंधी कà¥à¤› जरूरी बातों को आप नीचे दिठगठबिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से समठसकते हैं (17)।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ माता-पिता का à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• संबंध अचà¥à¤›à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤
माता-पिता को बचà¥à¤šà¥‡ के मूड और उसकी à¤à¥‚ख को अचà¥à¤›à¥‡ से समà¤à¤¨à¥‡ की जरूरत होती है।
बचà¥à¤šà¥‡ को इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से बचाना चाहिठहै और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिठकि बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤¸à¥€ कोई à¤à¥€ चीज न खाठजो हानिकारक हो।
खाने के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ रूà¤à¤¾à¤¨ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत होती है।
किसी à¤à¥€ नठआहार को देने से पहले तीन दिन उससे होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ को जरूर परख लें।
अब तो आप बचà¥à¤šà¥‡ के वजन संबंधी सà¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• बातों को अचà¥à¤›à¥‡ से समठही गई होंगी। साथ ही आपको यह à¤à¥€ पता चल गया होगा कि किन कारणों की वजह से बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कम हो सकता है। लेख के माधà¥à¤¯à¤® से आपको इस समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठकà¥à¤› घरेलू खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ और उनके उपयोग को à¤à¥€ समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ गया है। साथ ही कà¥à¤› जरूरी बातें à¤à¥€ बताई गई हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना आपके लिठजरूरी है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आप à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के वजन को लेकर परेशान हैं, तो यह लेख आपके बड़े काम आने वाला है। इसके लिठजरूरी होगा कि लेख में दी गई सà¤à¥€ जानकारियों को पहले अचà¥à¤›à¥‡ से पà¥à¥‡à¤‚, उसके बाद दिठगठसà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को अमल में लाà¤à¤‚।
References:
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1. Neonatal weight gain and nutrition By Medlineplus
2. Revisiting the Relationship of Weight and Height in Early Childhood By Ncbi
3. Feeding patterns and diet – children 6 months to 2 years By Medlineplus
4. NUTRITIONAL NEEDS OF INFANTS By Wicworks
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6. Nutraceutical Value of Finger Millet [Eleusine coracana (L.) Gaertn.], and Their Improvement Using Omics ApproachesBy Ncbi
7. Basic Report: 01117, Yogurt, plain, low fat By Usda
8. Basic Report: 20038, Oats (Includes foods for USDA’s Food Distribution Program) By Usda
9. Basic Report: 11352, Potatoes, flesh and skin, raw By Usda
10. Basic Report: 11507, Sweet potato, raw, unprepared (Includes foods for USDA’s Food Distribution Program) By Usda
11. Nutritional and health benefits of pulses. By Ncbi
12. Basic Report: 09037, Avocados, raw, all commercial varieties By Usda
13. Basic Report: 01123, Egg, whole, raw, fresh By Usda
14. Basic Report: 01015, Cheese, cottage, lowfat, 2% milkfat By Usda
15. Nuts and Dried Fruits: An Update of Their Beneficial Effects on Type 2 Diabetes By Ncbi
16. Squeezing Fact from Fiction about 100% Fruit Juice By Ncbi
17. Failure to thrive By Medlineplus
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