Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खà¥à¤°à¤¾à¤•
डिलिवरी के बाद à¤à¤• मां को पहले 6 महीने तक 80 गà¥à¤°à¤¾à¤® और 6-12 महीने तक तकरीबन 70 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की जरूरत होती है। खà¥à¤°à¤¾à¤• में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होना इसलिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये बचà¥à¤šà¥‡ की कोशिकाओं व मांसपेशियों के विकास और उसके वजन को बढ़ाने के लिठमां के दूध की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आपूरà¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ हमारे शरीरों में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤‚स, à¤à¤‚जाइमà¥à¤¸ और à¤à¤‚टिबॉडीज के विकसित होने में à¤à¥€ सहायक होते हैं।
आयरन
आयरन की कमी से होने वाले à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ रोग का मां के दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ पर नकारातà¥à¤®à¤• असर पड़ता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं के लिठआयरन रिच खà¥à¤°à¤¾à¤• लेना जरूरी होता है। हमारी खà¥à¤°à¤¾à¤• में आयरन के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में दालें और फलियां, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, तरबूज, अंडा और रेड मीट इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ शामिल हैं।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटमिन डी
बढ़ते हà¥à¤ नवजात की हडिà¥à¤¡à¤¯à¥‹à¤‚ के विकास के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पोषक पदारà¥à¤¥ है। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के आदरà¥à¤¶ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में दूध व इससे बनने वाले पदारà¥à¤¥ जैसे दही, चीज़, पनीर और हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, रागी इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ हैं। विटामिन डी के लिठअंडे की जरà¥à¤¦à¥€ के साथ टूना, सैलमन और मैकरेल मछलियों का सेवन करें। सूरà¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¥€ आपकी विटामिन डी की जरूरतो को पूरा करने में सहायक होगा।
गैलेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤—ोगस का उपयोग
मां में दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ और उसे बेहतर बनाने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोग मेथी, जीरा, सौंफ और गोंद के लडà¥à¤¡à¥‚, मेथी के लडà¥à¤¡à¥‚, बादाम का हलवा, सूखी हà¥à¤ˆ अदरक (सौंठ) की बरà¥à¤«à¥€ जैसे खास तैयारी वाली चीजें और कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ अनà¥à¤¯ चीजों का सेवन करते हैं, जिनमें बाजरा और हरे पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग होता है। अजवाइन, सौंफ और अदरक जैसी वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और मसालें पाचन के लिठअचà¥à¤›à¥€ मानी जाती हैं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट दरà¥à¤¦ में आराम दिलाने में सहायक होती हैं। वहीं, ऊपर जिन चीजों का उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया गया है, वे दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को बढ़ाने में सहायक मानी जाती हैं। हालांकि इन चीजों का उपà¤à¥‹à¤— संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ ढंग से ही करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें फैट और कैलरी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |