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कà¥à¤¯à¤¾ होती है à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी? जानिठनॉरà¥à¤®à¤² और इस गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फरà¥à¤•
Ectopic Pregnancy
मां बनना हर औरत का सपना होता है। मां बनने की इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में महिला को बहà¥à¤¤ सारी शारीरिक और मानसिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है। लेकिन कई बार जानकारी के अà¤à¤¾à¤µ में उसका गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो जाता है, तो कई बार à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¾à¥…निक या असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ की वजह से उसे जान का जोखिम à¤à¥€ उठाना पड़ जाता है। आइठजानते हैं इसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बारे में, जिसके बारे में हर लड़की को पता होना चाहिà¤à¥¤
तीरथ राम शाह हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में वरिषà¥à¤ गायनोकॉलोजिसà¥à¤Ÿ डाॅकà¥à¤Ÿà¤° पूनम खेड़ा और कोलमà¥à¤¬à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ हाॅसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² की डाॅकà¥à¤Ÿà¤° विनीता दिवाकर हमें बता रही हैं à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी से जà¥à¥œà¥€ ये जरूरी बातें।
Table of Contents
कà¥à¤¯à¤¾ है à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी? (What is Ectopic Pregnancy?)
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के खतरे
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के कारण (Ectopic Pregnancy Cause in Hindi)
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ (Ectopic Pregnancy Symptoms in Hindi)
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहचान और इलाज (Ectopic Pregnancy Treatment in Hindi)
इन बातों का रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
हो सकता है बचाव
नहीं है घबराने की बात
कà¥à¤¯à¤¾ है à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी? (What is Ectopic Pregnancy?)
What is Ectopic Pregnancy in Hindi
आइये जानते है à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कà¥à¤¯à¤¾ होती है (ectopic pregnancy kya hoti hai), डाॅकà¥à¤Ÿà¤° विनीता के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जब कोई औरत गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती है, तो गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ या गरà¥à¤ धारण करने से लेकर बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने तक उसके शरीर को कई पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है। उसी में से à¤à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ अंडे का सही तरीके से उसके यूटेरस तक पहà¥à¤‚चना। यह अंडा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से जà¥à¥œà¥‡ फेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब के माधà¥à¤¯à¤® से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक पहà¥à¤‚चता है। लेकिन जब पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में जमी कैविटी या सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ या फिर अनà¥à¤¯ किसी कारण वश यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक पहà¥à¤‚चने से पहले टà¥à¤¯à¥‚ब में ही विकसित होने लगता है, तो इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी या असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ कहते हैं।
अमेरिकन सोसाइटी ऑफ फैमिली फिजिशियन (à¤à¤à¤à¤«à¤ªà¥€) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आमतौर पर 50 में से à¤à¤• महिला को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है। अगर सही समय पर इलाज ना किया जाà¤, तो यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उस महिला के लिठजानलेवा साबित हो सकती है।
डाॅकà¥à¤Ÿà¤° विनीता का कहना है à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अलावा कहीं और ठीक तरह से नहीं हो सकता है। अगर किसी कारण वश गरà¥à¤ यूटेरस के बजाठकहीं और रà¥à¤• जाता है तो यह à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी होती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अबाॅरà¥à¤¶à¤¨ करवाना ही सही विकलà¥à¤ª होता है।
आमतौर पर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का पता गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथें या दसवें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच में ही चलता है। इसलिठपीरियडà¥à¤¸ मिस होने के दो हफà¥à¤¤à¥‡ के अंदर ही डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें और अगर आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• है, तो तà¥à¤°à¤‚त ही इलाज शà¥à¤°à¥‚ करवायें। इसमें देरी होने की वजह से महिला की जान को खतरा à¤à¥€ हो सकता है।
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के खतरे
Risk of Ectopic Pregnancy
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤
बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग
पेट में तेज़ दरà¥à¤¦à¥¤
अदरूनी रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ से जान को खतरा
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के कारण (Ectopic Pregnancy Cause in Hindi)
Ectopic Pregnancy Cause in Hindi
डाॅकà¥à¤Ÿà¤° विनीता के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आमतौर पर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का कोई सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कारण नहीं होता है। लेकिन औरत की सेहत से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जरूर होती हैं, जो à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी वजह बन सकती हैंः
पिछले इलाज या सरà¥à¤œà¤°à¥€ की वजह से फेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब मे सूजन और संकà¥à¤°à¤®à¤£ की शिकायत।
हाॅरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² कारणों की वजह से।
आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण।
जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ दोष की वजह से।
फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों के आकार और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाली मेडिकल कंडीशन।
पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठली गई दवाइयों की वजह से।
पेलà¥à¤µà¤¿à¤• इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डिजीज की समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होने पर।
अगर आप कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ के तौर पर गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• काॅइल लगवाई हो या गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रही हों।
जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहले कà¤à¥€ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी हà¥à¤ˆ हो।
जो औरतें 35 साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° में गरà¥à¤ धारण कर रही हों।
जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पेट या पेड़ू की सरà¥à¤œà¤°à¥€ के अलावा अबाॅरà¥à¤¶à¤¨ करवाया हो।
जो धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करती हों।
जो पूरà¥à¤µ में à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ रही हों।
जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठफेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब की सरà¥à¤œà¤°à¥€ करवायी हो।
जो यौनजनित रोगों à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤¡à¥€ मसलन गोनोरिया या कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हों।
जिनकी फेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में रà¥à¤•ावट हो, जिसकी वजह से अंडा फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ होने के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक ना पहà¥à¤‚च पाता हो।
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ (Ectopic Pregnancy Symptoms in Hindi)
Ectopic Pregnancy Symptoms in Hindi
खà¥à¤¦ को किसी à¤à¥€ खतरे से बचाठरखने के लिठयह बेहद जरूरी है कि à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी और नॉरà¥à¤®à¤² पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बीच के अंतर को समà¤à¥‡à¤‚। नाॅज़िया और छाती में जकड़न की शिकायत नाॅरà¥à¤®à¤² और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• दोनों ही तरह की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में होती हैं, लेकिन अगर आपको इसके अलावा अपने अंदर ये लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚, तो तà¥à¤°à¤‚त ही अपनी डाॅकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚। तो चलिये जानते है à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ (ectopic pregnancy ke lakshan in hindi) के बारे मे:-
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡, पेडू, कंधे और गरà¥à¤¦à¤¨ में लगातार तेज़ दरà¥à¤¦ होते रहना।
पेट के à¤à¤• तरफ लगातार तेज़ दरà¥à¤¦ होना।
वैजाइना से कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होते रहना।
बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना आना, सिर घूमना और हर समय सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€, थकान के साथ बेहोशी की शिकायत।
मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करते समय दरà¥à¤¦ होना।
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की रंगत पीलिया के मरीज की तरह पीली पड़ जाना।
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहचान और इलाज (Ectopic Pregnancy Treatment in Hindi)
Ectopic Pregnancy Treatment in Hindi
डाॅकà¥à¤Ÿà¤° पूनम खेड़ा के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अगर आपको इस बात का अंदेशा लग रहा है कि आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नाॅरà¥à¤®à¤² नहीं है। आपको वह à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी लग रही है, तो फिर तà¥à¤°à¤‚त ही अपने डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की जांच फिज़िकली संà¤à¤µ नहीं है। इसके लिठटà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड किया जाता है जिसमें डाॅकà¥à¤Ÿà¤° यह देखता है कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में है या कहीं और। इसके लिठवो फेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में छड़ी की तरह का à¤à¤• उपकरण डालकर आपके यूटà¥à¤°à¤¸ की जांच करते हैं।
इसके अलावा इसकी जांच के लिठबà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ किया जाता है, जिसमें गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपके शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤šà¤¸à¥€à¤œà¥€ सà¥à¤¤à¤° की जांच की जाती है। अगर अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¥à¤°à¥‚ण नजर नहीं आ रहा हो। दोबारा किठगठबà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ में à¤à¥€ आपके शरीर में इन हाॅरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का सà¥à¤¤à¤° कम होता है या सà¥à¤¥à¤¿à¤° रहता है, तो इसका मतलब है कि आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• है।
डाॅकà¥à¤Ÿà¤° पूनम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अगर आपको पेट में तेज़ दरà¥à¤¦, बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की शिकायत हो रही है तो फिर जांच की इन सारी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं की बजाठतà¥à¤°à¤‚त डाॅकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर होने पर फेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब फट सकती है जिससे महिला की जान को खतरा हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤‚त सरà¥à¤œà¤°à¥€ से ही उसकी जान बचाई जा सकती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ केसेज में आती है जिनमें समय रहते à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहचान नहीं हो पाती है।
डाॅकà¥à¤Ÿà¤° विनीता का कहना है कि à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की आशंका होने पर महिला की कीहोल सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जाती है। इसमें पेट में à¤à¤• छोटा-सा चीरा लगाकर पेट के जरिठडिवाइस को अंदर डालकर फेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब की जांच की जाती है। अगर इसमें à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नजर आती है, तो लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से जिस टà¥à¤¯à¥‚ब में à¤à¥à¤°à¥‚ण होता है, उसे काट दिया जाता है। फेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब फटने की अवसà¥à¤¥à¤¾ में कीहोल सरà¥à¤œà¤°à¥€ की बजाठपेट का ऑपरेशन करना पड़ता है। लेकिन à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ कम मामलों में होता है।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद à¤à¤¸à¤¾ होने पर डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से करें संपरà¥à¤•
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद घर आने पर à¤à¥€ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग ना रà¥à¤•े।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होने की अवसà¥à¤¥à¤¾ में।
वैजाइना और ऑपरेशन के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से गंदी सी बदबू आने पर।
ऑपरेशन की जगह छूने में गरम लगने पर।
ऑपरेशन का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ लाल लगने पर।
सूजन आने की अवसà¥à¤¥à¤¾ में।
इन बातों का रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें उठाने से परहेज करें।
कबà¥à¤œ से बचने के लिठखूब सारा पानी पीने के साथ-साथ अपने आहार में लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ चीजों मसलन नींबू पानी, नारियल पानी, ताजे फलों का जूस आदि शामिल करें।
पेलà¥à¤µà¤¿à¤• रेसà¥à¤Ÿ के लिठइस समय सेकà¥à¤¸ संबंध बनाने से परहेज करने के अलावा टैमà¥à¤ªà¥‹à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² ना करें।
ना ही वैजाइना को पानी से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धोà¤à¤‚।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के पहले हफà¥à¤¤à¥‡ में जितना हो सके आराम करें। उसके बाद खà¥à¤¦ को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रखने के लिठहलà¥à¤•े फà¥à¤²à¥à¤•े काम करें।
हो सकता है बचाव
आमतौर पर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की à¤à¤• वजह à¤à¤• से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों से यौन संबंध बनाना à¤à¥€ हो सकता है। इससे बचने के लिठयह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि सेकà¥à¤¸ के दौरान आपका पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° कंडोम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करे। इसके अलावा सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठà¤à¤• से अधिक लोगों से संबंध बनाने से बचें।
अगर आपके पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦, पेशाब करते समय दरà¥à¤¦, यौन संबंध बनाते समय दरà¥à¤¦, वैजाइना से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में रकà¥à¤¤ निकलने, वैजाइना से बदबू आने आदि की शिकायत हो, तो इसका मतलब है कि आप यौन संकà¥à¤°à¤®à¤£ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हैं। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठपहले इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का तà¥à¤°à¤‚त इलाज करवायें।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह है, इससे परहेज करें।
नहीं है घबराने की बात
आमतौर पर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद औरतें इस बात को लेकर चिंता में रहती हैं कि पता नहीं वो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में मां बन पाà¤à¤‚गी या नहीं। इस समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में डाॅकà¥à¤Ÿà¤° पूनम खेड़ा का कहना है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है, à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ महिला के शरीर में दो फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब होते हैं। अगर किसी वजह से à¤à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब नषà¥à¤Ÿ à¤à¥€ हो जाती है। तो दोबारा पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कोई दिकà¥à¤•त नहीं होती है। बहà¥à¤¤ सारी महिलाà¤à¤‚ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बाद दोबारा पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होती हैं और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देती हैं। अगर किसी मामले में दोनों ही टà¥à¤¯à¥‚ब नषà¥à¤Ÿ हो जाà¤, तो आईवीà¤à¤« के जरिठमां बनने का सà¥à¤– उठाया जा सकता है। लेकिन à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होता है कि à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में किसी औरत की दोनों टà¥à¤¯à¥‚ब ही नषà¥à¤Ÿ हो जाà¤à¤‚। इसलिठà¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ आने पर डाॅकà¥à¤Ÿà¤° के संपरà¥à¤• में रहें और उनकी सलाह पर अमल करें।
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