एलर्जी से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Fri 9th Dec 2022 : 11:57

कैसे है बचाव संभव

हमारे देश में लोगों को एलर्जी के बारे में जानकारी कम है। अक्सर लोगों को पता ही नहीं चलता कि वे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं तो उसकी वजह खाना या मौसम भी हो सकता है। दरअसल, अगर किसी चीज को लेकर शरीर में रिएक्शन दिखे तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए और दोबारा इस चीज के इस्तेमाल से बचना चाहिए।


बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए उन्हें जरूरी चीजें भी दी जानी चाहिए। बच्चों को चारदीवारी में बंद करके नहीं रखा जाना चाहिए।

बच्चों को धूल-मिट्टी और धूप में खेलने दें। ये बच्चों को बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। उन्हें बारिश या दूसरे पानी से भी खेलने दें। हां, धूल-मिट्टी में खेलने के बाद उनके हाथ-पैर अच्छे से धुलवाना न भूलें।

अगर किसी को धूल और धुएं से एलर्जी है तो घर से बाहर निकलने से पहले नाक पर रुमाल रखना चाहिए। बचाव ही एलर्जी का इलाज है।

जिन लोगों को ठंड से एलर्जी है, वे ठंडी और खट्टी चीजों जैसे कि अचार, इमली, आइसक्रीम आदि के इस्तेमाल से बचें।

गंदगी से एलर्जी वाले लोगों को समय-समय पर चादर, तकिए के कवर और पर्दे भी बदलते रहना चाहिए। कारपेट यूज न करें या फिर उसे कम-से-कम 6 महीने में ड्राइक्लीन करवाते रहें।

जिस दवा से एलर्जी है, उसे खाने से बचें। डॉक्टर को दिखाएं तो इस एलर्जी के बारे में जरूर बताएं।

घर में केरोसिन वाले स्टोव की जगह एलपीजी या इलेक्ट्रिक स्टोव यूज करें। किचन में एग्जॉस्ट फैन जरूर लगवाएं और खाना पकाते समय उसे चलाएं।


घर को हमेशा बंद न रखें। घर को खुला और हवादार बनाए रखें ताकि साफ हवा आती रहे।

खिड़कियों में महीन जाली लगवाएं और जाली वाली खिड़कियों को हमेशा बंद रखें क्योंकि खुली खिड़की से कीड़े और मच्छर आपके घर में घुस सकते हैं।

दीवारों पर फफूंद और जाले हो गए हों, तो उन्हें साफ करते रहें क्योंकि फफूंद के कारण भी एलर्जी हो सकती है।

बारिश के मौसम में फूल वाले प्लांट्स को घर के अंदर न रखें।

अस्थमा और एलर्जी में फर्क

अस्थमा और एलर्जी में कई चीजें कॉमन हैं, लेकिन फिर भी दोनों अलग-अलग हैं। लगातार कई दिनों तक जुकाम, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो तो इन्फेक्शन इसकी वजह हो सकता है, जबकि अस्थमा में सांस लेने में परेशानी के अलावा रात में सोते वक्त खांसी आना, छाती में जकड़न महसूस होना, एक्सरसाइज करते हुए या सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस फूलना या खांसी आना, ज्यादा ठंड या गर्मी होने पर सांस लेने में दिक्कत होना जैसे लक्षण होते हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि अस्थमा भी एक तरह की एलर्जी ही है। जैसे ही शरीर एलर्जी वाली चीजों के संपर्क में आता है, अस्थमा का अटैक होता है। इसे एलर्जिक अस्थमा कहते हैं। हां, अस्थमा और एलर्जी में एक और कनेक्शन है। अगर किसी को एलर्जिक अस्थमा नहीं है, सिर्फ एलर्जी है तो अस्थमा होने का खतरा 40 फीसदी तक बढ़ जाता है

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